गोरखपुर देश का पहला जनपद है जहाँ 200 से अधिक ट्रेनें एक स्टेशन पर आईं
May 28, 2020 • Mr Arun Mishra

219 ट्रेनों से 2 लाख 70 हज़ार श्रमिकों को गोरखपुर लाया गया

> प्रदेश में अब तक 1511 ट्रेन के माध्यम से लगभग 21.03 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक को लाये जाने की व्यवस्था की गई : एसीएस इन्फो

> कौशांबी, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी में भी ट्रेन आ रही हैं : एसीएस इन्फो

> प्रदेश में सर्वाधिक गुजरात से 474 ट्रेन से 6,87,082 लोग आए : एसीएस इन्फो

> प्रदेश में अब तक 48,79,087 वाहनों की सघन चेकिंग में 46,668 वाहन सीज किये गये : एसीएस इन्फो

> आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,66,817 वाहनों के परमिट जारी किये गये : एसीएस इन्फो

> अब तक 3855 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

> आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 9,60,933 कामगारों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, इनमें 945 लोगों में कोरोना के लक्षण पाए गए : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

> आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर अब तक कुल 36,786 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी: प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

लोक भवन मीडिया सेंटर में बुधवार 27 मई को प्रेस को सम्बोधित करते एसीएस इन्फो श्री अवनीश कुमार अवस्थी एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद।

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार 27 मई को लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि अन्य प्रदेशों से आए कामगारों  की स्किल मैपिंग का कार्य कराया जा रहा है। इनमें ऑटो मैकेनिक कार, मोटर साइकिल रिपेयर, कारपेन्टर एण्ड फिटिंग, रियल एस्टेट, ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन, गारमेन्ट टेलरिंग, हैण्डीक्राफ्ट्स एण्ड कार्पेट्स, हाउसकीपिंग, लॉन्ड्री सर्विसेस, नर्स, लैब टेक्निशियन, पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मा इण्डस्ट्री, पेन्टर, प्लम्बर, टीचर, म्यूजिक टीचर, योग तथा फिटनेस ट्रेनर, डाटा इन्ट्री ऑपरेटर आई टी सेक्टर टेलीकॉम, सिक्योरिटी गार्ड सहित अन्य क्षेत्रों के कुशल कामगारों ने अपना पंजीकरण कराया है। श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। प्रदेश में अब तक 1511 ट्रेन के माध्यम से लगभग 21.03 लाख से अधिक कामगार एवं श्रमिक को लाये जाने की व्यवस्था की गई है, इनमें से अब तक 1337 ट्रेन से लगभग 18 लाख लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटे में 104 ट्रेन और प्रदेश में आ जायेगीइसके साथ ही 176 ट्रेन को और सहमति प्रदान की गई है। सभी जनपदों के जिलाधिकारी द्वारा सम्बंधित जनपदों में ट्रेन से आ रहे कामगारों का स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उनको उनके घर तक पहुंचाया जा रहा हैउन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 219 ट्रेन से 2,77,849 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। लखनऊ में 89 ट्रेन के माध्यम से 1,14,081 लोग आए हैं। वाराणसी में 89, आगरा में 10, कानपुर में 17, जौनपुर में 99, बरेली में 12, बलिया में 64, प्रयागराज में 58, रायबरेली में 20, प्रतापगढ़ में 65, अमेठी में 14, मऊ में 44, अयोध्या में 35, गोण्डा में 63, उन्नाव में 27, बस्ती में 67 ट्रेन जबकि आजमगढ़ में 33, कन्नौज में 03, गाजीपुर में 31, बांदा में 16, सुल्तानपुर में 23, बाराबंकी में 12, सोनभद्र में 03, अम्बेडकरनगर में 21, हरदोई में 18, सीतापुर में 10, फतेहपुर में 08, फर्रुखाबाद में 02, कासगंज में 09, चंदौली में 13, इटावा में 01, मानिकपुर (चित्रकूट) में 01, एटा में 01, जालौन में 02, रामपुर में 01, शाहजहांपुर में 01, अलीगढ़ में 06, भदोही में 01, मिर्जापुर में 09, देवरिया में 88, सहारनपुर में 04, चित्रकूट में 02, बलरामपुर में 19, मुजफ्फरनगर में 01, झांसी में 05, पीलीभीत में 01 ट्रेन आ चुकी हैं। कौशांबी, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी में भी ट्रेन आ रही हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 474 ट्रेन से 6,87,082 लोग, महाराष्ट्र से 297 ट्रेन से 4,07,225 लोग, पंजाब से 216 ट्रेन से 2,49,413 कामगारों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 23, कर्नाटक से 52, केरल से 11, आन्ध्र प्रदेश से 10, तमिलनाडु से 26, मध्य प्रदेश से 02, राजस्थान से 34, गोवा से 17, दिल्ली से 89, छत्तीसगढ़ से 01, पश्चिम बंगाल से 01, उड़ीसा से 01 ट्रेन, असम से 02 ट्रेन, त्रिपुरा से 01 ट्रेन, हिमाचल प्रदेश से 01 ट्रेन तथा उत्तर प्रदेश से 77 ट्रेन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों को पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी, किसी भी जनपद में कोई पैदल यात्रा न करे। कामगार स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें। सरकार समस्त श्रमिकों के लिए सुरक्षित यात्रा हेतु पर्याप्त निःशुल्क बस एवं ट्रेन की व्यवस्था कर रही है। श्री अवस्थी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान 26 मई तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग 21 लाख से अधिक लोग आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि जनपद सिद्धार्थनगर में 1,47,056, महाराजगंज में 1,03,786, बहराइच में 94,654, गोण्डा में 83,539, बस्ती में 72,795, बलरामपुर में 70,512, संत कबीरनगर में 68,997, सहारनपुर में 68,841, आजमगढ़ में 68,099, जौनपुर में 61,765 लोग आये हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 58,436 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 48,79,087 वाहनों की सघन चेकिंग में 46,668 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 22,21,42,851 रुपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,66,817 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। मास्क न पहनने पर 13 हजार से अधिक लोगों का चालान किया गया। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 2790 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 3855 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल कुल 676 पूल टेस्ट किये गये, जिसमें से 589 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 87 पूल 10-10 सैम्पल के थे। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से कॉल किया जा रहा है। अब तक कुल 36,786 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा कामगारों के घर पर जाकर सम्पर्क कर उनके लक्षणों का परीक्षण कर रही हैं, जिसके आधार पर आवश्यकतानुसार कामगारों  का सैम्पल इकट्ठा कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 9,60,933 कामगारों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, इनमें 945 लोगों में कोरोना के लक्षण पाये गये। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 93,578 निगरानी समिति के माध्यम से 73,61,323 घरों में रह रहे 3,69,89,490 लोगों से सम्पर्क किया गया है।