सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकों को आचार्य के पद पर संविदा के आधार पर पुनर्नियोजित किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी 
September 29, 2020 • Mr Arun Mishra

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए जिनमें मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा, सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय एवं स्नातकोत्तर शैक्षणिक संस्थान, नोएडा, राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान, ग्रेटर नोएडा तथा उच्चस्तरीय कैंसर संस्थान एवं चिकित्सालय, लखनऊ में आचार्य के रिक्त नियमित पदों के सापेक्ष अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों / चिकित्सा संस्थानों / चिकित्सा विश्वविद्यालयों तथा आर्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज से सेवानिवृत्त चिकित्सा शिक्षकों में से ऐसे आचार्य (प्रोफेसर), जो अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए हैं, को आचार्य (प्रोफेसर) (कंसल्टेन्ट) के रूप में निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के आधार पर 2,20,000 रुपये प्रतिमाह के नियत पारिश्रमिक पर पुनर्नियोजित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंत्रिपरिषद ने यह निर्णय भी लिया है कि उपर्युक्त आचार्य (प्रोफेसर) (कंसल्टेन्ट) को विज्ञापन प्रकाशित कर, सीधी भर्ती द्वारा सम्बन्धित चिकित्सा संस्थान / विश्वविद्यालय के निदेशक / कुलपति की अध्यक्षता में गठित चयन समिति की संस्तुतियों के आधार पर सम्बन्धित विश्वविद्यालय / संस्थान द्वारा पुनर्नियोजित किया जाएगा। सेवानिवृत्त आचार्य (प्रोफेसर) को संविदा के आधार पर आचार्य (प्रोफेसर) (कंसल्टेन्ट) के रूप में पुनर्नियोजित किये जाने विषयक दिनांक 20 सितम्बर, 2018 के शासनादेश में उल्लिखित व्यवस्था प्रचलित रहेगी।