31 जनवरी 2020 से लागू है बॉडी कवर और एन-95 मास्क पर निर्यात प्रतिबंध
March 24, 2020 • Mr Arun Mishra

> तय किए गए तकनीकी मानकों के अनुसार स्वदेशी निर्माताओं से बॉडी कवर की आपूर्ति शुरू।

नई दिल्ली (पीआईबी)। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया का कुछ वर्ग स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए आवश्यक बॉडी कवर, एन-95 मास्क और 2-प्लाई / 3-प्लाई / 3-प्लाई सर्जिकल मास्क की आपूर्ति बढ़ाने के सरकार के प्रयासों के बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं। बॉडी कवर (पीपीई) स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए उच्च स्तर की सुरक्षा के लिए एक विशेष सुरक्षात्मक सूट है, जिसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कुछ कठोर तकनीकी मानक तय किए गए हैं। पिछले 45 दिनों, से स्वास्थ्य मंत्रालय और कपड़ा मंत्रालय ऐसे स्रोतों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं जो सरकार के लिए पर्याप्त मात्रा में बॉडी कवर का उत्पादन और आपूर्ति कर सकते हैं। जनवरी 2020 के अंतिम सप्ताह के दौरान, कवर के लिए तकनीकी मानक आईएसओ 16003 य इसके समकक्ष डब्ल्यूएचओ-3 के अनुसार निर्धारित किया गया था। ऐसी सामग्रियों का निर्माण कुछ अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों द्वारा किया जाता है, जिन्होंने स्रोत देशों द्वारा निर्यात पर प्रतिबंध के कारण आपूर्ति करने में असमर्थता व्यक्त की। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्रालय की खरीद एजेंसी द्वारा बहुत सीमित मात्रा में इन्हें खरीदा जा सका। 30 जनवरी से, विभिन्न उदयोग संगठनों, विभिन्न टेक्सटाइल एसोसिएशनों, मेडिकल टेक्सटाइल निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के साथ विभिन्न बैठकों और बातचीत के माध्यम से आपूर्तिकर्ताओं के साथ व्यापक संपर्क का प्रयास किया है। मैसर्स एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य संगठनों के लिए नामित एकल-खिड़की खरीद एजेंसी है। 5 स्वदेशी निर्माताओं ने आगे आकर कोयंबटूर में दक्षिण भारत कपड़ा अनुसंधान संघ (एसआईटीआरए) की मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए फैब्रिक प्रोटो-प्रकार की पेशकश की। ये सभी प्रयास विनिर्माण स्रोतों के स्वदेशी विकास पर निर्देशित थे क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति संभव नहीं थी। एसआईटीआरए में परीक्षण 2 फरवरी से 25 फरवरी 2020 के बीच किया गया था और कपड़े के नमूनों के परिणामों को कोविड -19 से बचाव के लिए तकनीकी आवश्यकताओं पर विचार करने के लिए विशेषज्ञों को संदर्भित किया गया था। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के बाद 2 मार्च 2020 को तकनीकी मानकों को अंतिम रूप दिया, जो कि कोविड -19 मामलों से निपटने वाले स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के उच्च स्तरीय सुरक्षा के लिए सामग्रियों की स्वदेशी उपलब्धता और तकनीकी आवश्यकता पर आधारित थी। इसे 5 मार्च 2020 को एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाल दिया गया था, जिससे निर्माताओं को खरीद प्रक्रिया में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया जा सके। अब तक, 6 भारतीय निर्माताओं के प्रोटोटाइप  कपड़े एसआईटीआरए में आयोजित किए गए निर्धारित परीक्षणों के अनुरूप पाए गए हैं। इसके अलावा और भी निर्माताओं को अपने प्रोटो प्रकार के नमूनों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसका विवरण (www.lifecarehll.com) की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है। इसके अलावा बॉडी कवर के लिए तय और देश के प्रत्येक संभावित निर्माता को सरकार के प्रयास में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 2 मार्च 2020 को तय किए गए संशोधित तकनीकी मानकों के अनुसार स्वदेशी निर्माताओं से बॉडी कवर की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। इसके अलावा, इन आवश्यक चिकित्सा उत्पादों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए सरकार ने 31 जनवरी 2020 को बॉडी कवर, एन-95 मास्क, 2-प्लाई / 3-प्लाई सर्जिकल मास्क सहित सभी व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे, लेकिन उद्योगों दवारा यह भरोसा दिलाए जाने के बाद कि 2-प्लाई / 3-प्लाई सर्जिकल मास्क की पर्याप्त आपूर्ति उचित कीमतों पर की जाएगी सरकार ने 8 फरवरी को सर्जिकल मास्क के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया। हालांकि, सभी 2-प्लाई / 3-प्लाई सर्जिकल मास्क और ऐसे उत्पादों के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध 19 मार्च 2020 से फिर से लगा दिया गया। बॉडी कवर और एन-95 मास्क पर निर्यात प्रतिबंध 31 जनवरी 2020 से लागू हो गया है, जो मीडिया में प्रकाशित भ्रामक सूचनाओं को गलत साबित करता है। आपूर्ति श्रृंखला को कारगर बनाने, अड़चनों को दूर करने और स्वास्थ्य के लिए आवश्यक सभी सामग्रियों की एक स्थिर आपूर्ति बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, फार्मास्युटिकल विभाग और कपड़ा मंत्रालय 24x7 आधार पर विभिन्न उद्योग निकायों, हितधारकों और निर्माताओं के साथ लगातार मिलकर काम कर रहे हैं।