आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित वेंटीलेटर प्रोटोटाइप के लिए फंड करने वाला स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक बना फर्स्ट एंटिटी
April 8, 2020 • Mr Arun Mishra
उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर निर्मित किया जा सकता है नोक्का रोबोटिक्स वेंटिलेटर
> यह कोष कोविड - 19 के रोगियों का इलाज करने वाले अस्पतालों को त्वरित उपलब्धता के लिए प्रोटोटाइप के विकास और परीक्षण के लिए उपयोग में लाया जायेगा।
> इस वैश्विक महामारी से लड़ने की दिशा में अपने प्रयासों को सक्षम करने के लिए स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक के प्रति आभार : प्रो अभय करंदीकर
नोक्का रोबोटिक्स द्वारा विकसित वेंटीलेटर प्रोटोटाइप
 
नोक्का रोबोटिक्स के हर्षित राठौर और निखिल कुरील
 
कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक, आईआईटी कानपुर और भारतीय एंजेल नेटवर्क के साथ-साथ इसकी इन्क्यूबेट कंपनी नोक्का रोबोटिक्स द्वारा विकसित स्वदेशी, सस्ती, पोर्टेबल और इनवेसिव वेंटिलेटर प्रोटोटाइप को सहयोग प्रदान करने वाली पहली इकाई के रूप में आगे आया है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने एक उदार सीएसआर फंडिंग को मंजूरी दी है जो कि प्रोटोटाइप और अनुसंधान और विकास के लिए उपयोग किया जाएगा, जिसमें की डिवाइस के परीक्षण के साथ-साथ क्लिनिकल परीक्षण किया जाएगा। आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो अभय करंदीकर ने कहा कि हम इस उदार धनराशि के माध्यम से इस वैश्विक महामारी से लड़ने की दिशा में अपने प्रयासों को सक्षम करने के लिए स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक के प्रति बेहद आभारी हैं। कोविड 19 के रोगियों के लिए इस समय उचित और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्परता को देखते हुए, यह फंड इस समय पर डिवाइस को तेजी से रोल-आउट करने में हमारी मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा इस सकारात्मक पहल से अन्य कॉरपोरेट्स इस वैश्विक महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए अपने अनुसंधान प्रयासों में आईआईटी कानपुर की सहायता के लिए आगे आयेंगे। स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के सस्टेनेबिलिटी के प्रमुख करुणा भाटिया ने कहा, एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार बैंक के रूप में जो कि पिछले 160 वर्षों से अधिक समय से देश में है, हमने कोविड -19 के खिलाफ इस आम लड़ाई में योगदान करने और हमारे नागरिक और समुदाय को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने का फैसला किया। वेंटिलेटर डिज़ाइन को नोक्का रोबोटिक्स द्वारा इस तरह से अवधारणाबद्ध किया गया है कि इसे भारतीय आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं के साथ आसानी से उपलब्ध सामग्रियों का उपयोग करके कई साइटों पर बड़े पैमाने पर निर्मित किया जा सकता है। वेंटिलेटर मेडिकल एयरलाइन और ऑक्सीजन के साथ-साथ एम्बिएंट एयर और ऑक्सीजन के साथ काम करने में भी सक्षम है और इस प्रकार विभिन्न परिस्थितियों में इसे प्रयोग करने योग्य बनाता है। वेंटिलेटर डिवाइस को नियंत्रित करने और महत्वपूर्ण जानकारी की निगरानी करने के लिए एक मोबाइल फोन से भी इसे जोड़ा जाएगा। चूंकि इसे चलाने के लिए बहुत कम वाट क्षमता की आवश्यकता होगी, इसलिए इसे सौर पैनलों का उपयोग करके संचालित किया जा सकता है। यह भी उल्लेखनीय है कि वेंटिलेटर की कीमत समान उपकरणों को विकसित करने वाले दुनिया भर के प्रतिद्वंदियों द्वारा प्रस्तावित लागत से बहुत कम लागत पर की जाएगी। इसके अलावा, वर्तमान में विकसित किए जा रहे गैर-इनवेसिव वेंटिलेटर के विपरीत, यह डिजाइन श्वसन सहायता के लिए कोविड - 19 रोगियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इनवेसिव प्रकार का होगा। नोक्का रोबोटिक्स और आईआईटी कानपुर ने बायो मेडिकल इंजीनियरों, डॉक्टरों, आरएंडडी विशेषज्ञों, सप्लाई चेन और मेडटेक व्यवसायों का एक संघ बनाया है ताकि उनकी विशेषज्ञता का उपयोग किया जा सके और डिजाइन से वास्तविक उत्पाद तक साकार किया जा सके। पूरा प्रोजेक्ट प्रो अमिताभ बंद्योपाध्याय, बायोलॉजिकल साइंसेज विभाग, बायोइंजीनियरिंग विभाग और प्रोफेसर-इन-चार्ज, स्टार्टअप इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर आईआईटी कानपुर के मार्गदर्शन में काम किया जा रहा है।