आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी में आज के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएं : मुख्यमंत्री
June 12, 2020 • Mr Arun Mishra

> प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हमें अपने वित्तीय संसाधन बढ़ाने होंगे : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने मेगा प्रोजेक्ट्स से जुड़ी एन्सीलरी यूनिट्स की स्थापना पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा।

> मुख्यमंत्री ने लैण्ड एक्वीजिशन पॉलिसी और फ्रीहोल्ड पॉलिसी पर भी ध्यान देने के लिए कहा।

> जेवर एयरपोर्ट के नजदीक के क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना हो : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी गुरूवार 11 जून को प्रस्तावित इलेक्ट्राॅनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पाॅलिसी-2020 के  प्रस्तुतीकरण का अवलोकन करते हुए।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष गुरूवार 11 जून को यहां उनके सरकारी आवास पर प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2020 का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी अंचलों जैसे पूर्वांचल, मध्यांचल, बुन्देलखण्ड इत्यादि में रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से इस पॉलिसी में व्यापक प्राविधान किए जाने चाहिए। इन क्षेत्रों में लगने वाली इकाइयों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए हमें अपने वित्तीय संसाधन बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पॉलिसी में आज के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाएं, ताकि निवेशकों को यह संदेश मिले कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह पॉलिसी निवेश को आकर्षित करने वाली और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने वाली होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ही रोजगार के अवसर मिलने पर यहां के कामगार और श्रमिक दूसरे राज्यों में काम ढूंढने नहीं जाएंगे। इससे लेबर माइग्रेशन की समस्या उत्पन्न नहीं होगी। प्रदेश के सभी अंचलों को ध्यान में रखकर इसे बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पॉलिसी बनने के उपरान्त इसका व्यापक प्रचार–प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इस प्रस्तावित पॉलिसी में पूर्वांचल, मध्यांचल, बुन्देलखण्ड जैसे क्षेत्रों पर विशेष रूप से फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कार्य चल रहा है। इसके अलावा, प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे तथा कई अन्य एक्सप्रेस-वे प्रस्तावित हैं। इन एक्सप्रेस-वेज के दोनों ओर इकाइयां स्थापित करने की दिशा में प्रोफेशनल ढंग से कार्य किया जाए। उन्होंने मेगा प्रोजेक्ट्स से जुड़ी एन्सीलरी यूनिट्स की स्थापना पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा। मुख्यमंत्री जी ने इस पॉलिसी को फाइनल करने से पहले अन्य प्रदेशों की ऐसी पॉलिसीज़ का अध्ययन करने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पॉलिसी सबसे आकर्षक होनी चाहिए। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के नजदीक के क्षेत्र में एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने लैण्ड एक्वीजिशन पॉलिसी और फ्रीहोल्ड पॉलिसी पर भी ध्यान देने के लिए कहा। उन्होंने उद्योगों की स्थापना के सम्बन्ध में उद्योग बन्धु से लगातार संवाद बनाए रखने के लिए कहा। प्रस्तुतीकरण के दौरान मुख्यमंत्री जी को प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2020 के सम्बन्ध में अवगत कराते हुए प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार ने इस नीति के प्राविधानों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री  सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव एमएसएमई  नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविन्द कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल तथा संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।