आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए होम डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए: मुख्यमंत्री
March 27, 2020 • Mr Arun Mishra

> 108, 102, एएलएस तथा अन्य मेडिकल वैन को घर-घर दवा आपूर्ति के लिए मोबलाइज किया जाए।

> प्रमुख सचिव पंचायती राज व ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में गठित कमेटी नगरीय और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रम का संचालन कराएंगी: मुख्यमंत्री 

> अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी उद्योगों के बन्द होने से अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव का आकलन कर रोडमैप बनाने का करेगी कार्य: मुख्यमंत्री 

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन की कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से पेट्रोलिंग करें। किसी भी स्थल पर भीड़ न इकट्ठी होने दी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से आम जनता को घर से बाहर न निकलने और लॉकडाउन का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए। आमजन को आवश्यक वस्तुएं होम डिलीवरी व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध करायी जाएं। जमाखोरी, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे कार्यों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए। आवश्यकता पड़ने पर एनएसए के अन्तर्गत भी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरूवार को कोरोना वायरस के नियंत्रण हेतु लागू की गयी लॉकडाउन व्यवस्था के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि में आमजन को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने के लिए होम डिलीवरी सिस्टम को सुदृढ़ किया जाए। इसके लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय कर वॉलण्टियर्स तैयार किये जाएं। व्यापारियों और व्यावसायियों को होम डिलीवरी सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि होम डिलीवरी के माध्यम से सब्जी, दूध, दवा आदि की आपूर्ति में 14,000 से अधिक वाहन वॉलण्टियर्स के साथ योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम, '112', '108', '102' आदि नम्बरों पर सम्पर्क करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रैन बसेरों, आश्रय स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों में रुके हुए लोगों तक प्राथमिकता के आधार पर भोजन एवं पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इस कार्य में वॉलण्टियर्स का सहयोग लिया जाए। निराश्रित व्यक्तियों, श्रमिकों, बुजुर्गों, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों, किसी भी तरह के आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, हॉस्टलों आदि में रहने वाले लोगों के लिए कम्युनिटी किचन स्थापित कर दिये गये हैं। वॉलण्टियर्स के सहयोग से इन सभी लोगों तक ताजा भोजन का पैकेट और शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया एवं सोशल मीडिया में अपील के माध्यम से लोगों को वे जहां हैं, वहीं रुकने के लिए जागरूक किया जाए। ऐसे लोगों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने सीमावर्ती जनपदों के प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि जो भी व्यक्ति प्रदेश के अन्दर आश्रय स्थलों, रैन बसेरों आदि स्थलों में रुके हैं, उनके लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश के 60,000 से अधिक ग्राम पंचायतों से संवाद स्थापित कर उन्हें कोरोना से बचाव एवं इलाज की जानकारी देने के साथ ही, ग्राम पंचायतों में इससे जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की आपदा से निपटने के लिए गठित की गयी कमेटियां पारस्परिक समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि 108, 102, एएलएस तथा अन्य मेडिकल वैन को घर-घर दवा आपूर्ति के लिए मोबलाइज किया जाए। इस कार्य में आईएमए की भी सेवा और सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा कर्मियों के मानदेय का भुगतान शीघ्रातिशीघ्र कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख सचिव पंचायती राज व ग्राम्य विकास की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी नगरीय और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रम का संचालन सुनिश्चित कराएगी। अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में भी एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी विगत दिनों प्रदेश में हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि तथा लॉकडाउन के दौरान उद्योगों के बन्द होने से अर्थव्यवस्था पर होने वाले प्रभाव का आकलन कर इससे निपटने के लिए भविष्य का रोडमैप बनाने का कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव कृषि तथा प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को निर्देश दिये कि किसानों को राहत पहुंचाने के लिए लॉकडाउन की स्थिति में गेहूं और आलू की तैयार हो रही फसल के प्रोक्योरमेंट की कार्ययोजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि मण्डियों में सब्जी आदि की आवक बनी रहे और उसका घर–घर वितरण भी किया जा सके। उन्होंने प्रमुख सचिव पशुपालन को दूध की आवक और वितरण तथा पशुओं के चारे की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाये रखने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर के तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।