अचानक भीड़ को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, मंडियां सुबह से शाम तक चलाई जाएँ
May 3, 2020 • Mr Arun Mishra

मुख्यमंत्री ने दिए, एक ही जगह पर 100 बेड का एल-1 हॉस्पिटल सभी आवश्यक उपकरणों के साथ स्थापित करने के निर्देश

प्रदेश का आयुष विभाग भी अपना एक ऐप्प शीघ्र लॉन्च करेगा : मुख्यमंत्री

> कम्युनिटी स्प्रेड रोकने हेतु मण्डी आने वाले लोगों में संक्रमण को चेक करने के निर्देश : मुख्यमंत्री

> सभी जनपदों में 25 हजार क्वारण्टीन की क्षमता सुनिश्चित की जाए : मुख्यमंत्री

> क्वारण्टीन में भेजे गए लोगों की सूची बनाकर उनका ब्यौरा रखा जाए : मुख्यमंत्री

> कम्युनिटी किचन से वितरित होने वाले भोजन का पर्यवेक्षण प्रशासन द्वारा किया जाए : मुख्यमंत्री

> मेडिकल टीम के लिए स्थापित किए गए क्वारण्टीन केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं : मुख्यमंत्री

> इमरजेंसी सेवा के लिए आने वाले मरीजों की कोरोना स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए : मुख्यमंत्री

> कोरोना का निजी अस्पतालों में मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत अनुमन्य रेट्स पर ही किया जाए : मुख्यमंत्री

> जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के सम्बन्ध में बैठक करने के निर्देश।

> खाद्यान्न वितरण की लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश।

> ऑरेंज और रेड जोन में किसी प्रकार की कोई गलती न होने पाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार 2 मई को अपने सरकारी आवास पर आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्साधिकारियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन का तीसरा चरण 04 मई, 2020 से प्रारम्भ हो रहा है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हमें 17 मई, 2020 तक चलने वाले इस चरण को हर हाल में सफल बनाना होगा। इसके लिए सभी जनपदों के अधिकारियों को आपस में समन्वय बनाना होगा। लॉकडाउन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और इसका अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन-3 के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा - निर्देशों के क्रम में राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइन्स कल तक सभी जनपदों को भेज दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में मण्डियों के संचालन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह भी देखा जाए कि मण्डियां खुले स्थल पर संचालित हों, जहां सोशल डिस्टेंसिंग हर हाल में सुनिश्चित की जाए। साथ ही, मण्डियों को सुबह से शाम तक चलाया जाए, ताकि अचानक ज्यादा भीड़ न पहुँचे। उन्होंने मण्डी आने वाले लोगों में संक्रमण को चेक करने के भी निर्देश दिए। इसके लिए जाँच की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कन्युनिटी स्प्रेड रोका जा सके। लोगों की सुविधा के लिए हॉट स्पॉट क्षेत्र के बाहर सब्जियों की दुकानें ज्यादा समय तक खोली जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन, किराना, दवा की दुकानों पर अधिक भीड़ न लगने पाए। इन स्थानों पर सरकार द्वारा जारी दिशा - निर्देशों का पालन किया जाए। उन्होंने अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिकों की पूरी जाँच करने और संक्रमण न होने की स्थिति में 14 दिनों के होम क्वारण्टीन पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने होम क्वारण्टीन पर भेजे जाने वाले श्रमिकों को खाद्यान्न का पैकेट भी उपलब्ध कराने के लिए कहा। सभी जनपदों में 25 हजार क्वारण्टीन की क्षमता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्वारण्टीन के लिए चुने गए शेल्टर होम्स में साफ-सफाई, सैनेटाइजेशन, कम्युनिटी किचन की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इन जगहों पर पंखे इत्यादि की भी समुचित व्यवस्था की जाए। क्वारण्टीन सेण्टर्स की फॉगिंग और सैनेटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। क्वारण्टीन में भेजे गए लोगों की सूची बनाकर उनके पते, मोबाइल नम्बर, कौशल इत्यादि का ब्यौरा रखा जाए। गाँवों में निगरानी कमेटी बनायी जाएं, जिसमें नेहरू युवा केन्द्र, पीआरडी एनसीसी, एनएसएस, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को शामिल किया जाए, जो क्वारण्टीन में भेजे गए लोगों की लगातार मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। संदिग्ध लोगों को क्वारण्टीन सेण्टर पहुंचाया जाए। गांव पहुंचने वाले सभी लोगों की निरन्तर निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में स्थापित किए गए कम्युनिटी किचन अत्यन्त सफल रहे। कम्युनिटी किचन से वितरित होने वाले भोजन का पर्यवेक्षण प्रशासन द्वारा किया जाए। कोरोना से जंग में मेडिकल टीम अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके लिए स्थापित किए गए क्वारण्टीन केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वयं रुचि लेकर इन केन्द्रों का पर्यवेक्षण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में एल-1 व एल-2 हॉस्पिटल अवश्य हों। उन्होंने प्रत्येक जनपद में एक ही जगह पर 100 बेड क्षमता वाला एल-1 हॉस्पिटल सभी आवश्यक उपकरणों के साथ स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बुजुर्गों, बीमार लोगों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं को कोरोना होने की दशा में उन्हें सीधे एल-3 अस्पताल में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एल-2 अस्पतालों में ऑक्सीजन तथा एल-3 अस्पतालों में वेण्टीलेटर्स की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कोरोना की रोकथाम के लिए पैरामेडिक्स, नौं, एनेस्थीशियनों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएअस्पतालों में ऑक्सीजन की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने वेण्टीलेटर की कमी से जूझ रहे जनपदों को 2-2 वेण्टीलेटर उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में एल-3 अस्पतालों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निराश्रित लोगों का नियमानुसार अन्तिम संस्कार सुनिश्चित के लिए कहा। जनपदों में इमरजेंसी सेवाओं के सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि इसके लिए अस्पतालों को नामित किया जाए। इमरजेंसी सेवा के लिए आने वाले मरीजों की कोरोना स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। सभी जनपदों में अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं संचालित की जाएं। उन्होंने इमरजेंसी सेवा में लगे चिकित्सकों, नौं, पैरामेडिक्स इत्यादि को पीपीई किट्स, मास्क, ग्लव्स आदि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गम्भीर रोगों से ग्रसित लोगों को इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध करायी जाएं। कोरोना का निजी अस्पतालों में इलाज करवाने के इच्छुक लोगों के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी मरीज का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत अनुमन्य रेट्स पर ही किया जाए। उन्होंने निःशुल्क टेली कन्सल्टेशन की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए कहा। इस सम्बन्ध में आईएमए, सरकारी, निजी चिकित्सकों की बैठक की जाए। प्रत्येक जनपद में मेडिकल टीम वर्क स्पष्ट दिखायी दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन को प्रभावी बनाने में पुलिस अधिकारियों की बड़ी भूमिका है। उन्हें संक्रमण से बचाना भी एक बड़ी चुनौती है। सभी पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वे ग्लव्स, मास्क, सैनेटाइजर इत्यादि का उपयोग करते हुए स्वयं को सुरक्षित रखें। लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, परन्तु लोगों का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, अनावश्यक टिप्पणियां करने वालों को चिन्हित करते हुए उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने झण्डा, बैनर इत्यादि का दुरुपयोग रोकने के लिए कहा। सभी जनपदों के पुलिस अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि उनके क्षेत्रों में गोकशी न होने पाए। साथ ही, लूटपाट, महिला उत्पीड़न जैसी घटनाएं भी घटित न हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार के दिशा - निर्देशों के क्रम में कोरोना से अप्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां शुरू की जाएंगी। लॉकडाउन-1 और लॉकडाउन-2 में पूरे प्रदेश में सभी चीनी मिलें और ईंट भट्टे सफलतापूर्वक संचालित किए गए, कहीं कोई दिक्कत नहीं आयी। उन्होंने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के सम्बन्ध में बैठक करने के निर्देश दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमेण्ट, सरिया, गिट्टी इत्यादि की दुकानों को खोला जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मनरेगा तथा अन्य योजनाओं के तहत कार्य प्रारम्भ करवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में श्रमिकों, कोटेदारों, रेहड़ी, खोमचा, रिक्शा व ई-रिक्शा चालकों, निर्माण श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गईं, जिसके तहत उन्हें खाद्यान्न एवं भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके जनपदों में सभी को खाद्यान्न मिले। उन्होंने खाद्यान्न वितरण की लगातार मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए। वर्तमान में राज्य सरकार किसानों से गेहूं खरीद रही है। अत: यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को एमएसपी अवश्य मिले। जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने आरोग्य सेतु एप को डाउनलोड करने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए कहा। शीघ्र ही प्रदेश का आयुष विभाग अपना एक एप भी लॉन्च करेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों और राशन की दुकानों पर भीड़ न एकत्रित हो। हर हाल में सोशल डिस्टेंसिंग लागू की जाए। बैंकों में भीड़ रोकने के लिए 65 हजार बैंकिंग कॉरस्पॉण्डेण्ट की सेवाएं ली जाएं। ग्रामीण क्षेत्रों में रूपे कार्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने बैंकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की सभी अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय सीमाएं सील रखी जाएं। सीमावर्ती जनपदों की विशेष निगरानी की जाए। बिना अनुमति किसी को भी सीमाओं में प्रवेश न दिया जाए। हर हाल में अनावश्यक अन्तर्जनपदीय एवं अन्तर्राज्यीय आवागमन रोका जाए। इस सम्बन्ध में शासनादेश में मौजूद दिशा - निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। ऑरेंज और रेड जोन में किसी प्रकार की कोई गलती न होने पाए। रेड जोन के एक-एक घर का सैनेटाइजेशन किया जाए। साथ ही, हर व्यक्ति का चेकअप करें। इन क्षेत्रों में डोर स्टेप डिलीवरी में लगे लोगों का भी चेकअप किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे चरण के लॉकडाउन में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियां मान्य नहीं होंगी। इसके लिए धर्मगुरुओं से संवाद स्थापित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में मौजूद अन्य राज्यों के लोगों को घर भेजने की व्यवस्था के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रदेश में मौजूद दूसरे राज्यों के नवोदय विद्यालय के बच्चों को उनके गंतव्य तक भिजवाने की सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी, आईआईडीसी आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।