अल्पसंख्यक हितों के लिये विभिन्न योजनाओं को संचालित किया गया है: चेयरमैन, राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग, भारत सरकार
January 13, 2020 • Mr Arun Mishra
कानपुर (का ० उ ० सम्पादन)। चेयरमैन, राष्ट्रीय अल्प संख्यक आयोग, भारत सरकार सैय्यद गैरूल हसन रिजवी की अध्यक्षता में जीसेस मैरी स्कूल, श्याम नगर में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम (गोष्ठी) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुये गैरूल हसन रिजवी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून सिर्फ नागरिकता देनेे के लिये है, किसी की नागरिकता लेने का अधिकार इस कनून में नहीं हेै। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत पााकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में धार्मिक उत्पीडन के कारण वहाँ से आये इसाई ,सिख, पारसी, जैन, हिन्दू और बौद्व धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी, जो 31 दसम्बर, 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे है। उन्होनें कहा कि सीएए से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह किसी भ्रम व बहकावे में नहीं पड़े तथा इस कानून के संबंध में ठीक से जानकारी कर वास्तविकता को जागरूक होकर समझें। उन्होंने बताया कि भारत के अल्पसंख्यकों का सीएए से कोई अहित नहीं है, तथा एनआरसी अभी लागू नहीं हुआ है। उन्होनें कहा कि यह कानून केवल उन अल्पसंख्यक लोगों के लिये है, जिन्हानें वर्षों से बाहर रहकर उत्पीड़न का सामना किया है। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू व मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत देश में अल्पसंख्यक हितों के लिये योजनाओं को संचालित किया गया है, जिनमें केन्द्र सरकार द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2014 में केन्द्र सरकार द्वारा 4200 करोड़़ की धनराशि का बजट अल्पसंख्यकों की विकास योजनाओं के लिये दिया गया तथा वर्ष 2014 के बाद  4700 करोड रु की धनराशि अल्पसंख्यकों के विकास के लिये विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर बजट के लिये प्रदान की गई हैं। उन्होनें कहा कि भारत सरकार द्वारा 14 से 19 वर्ष तक के 3.5 करोड़ अल्पसंख्यक बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है तथा नया सवेरा कार्यक्रम के अन्तर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को 6500 रु की धनराशि में उच्च श्रेणी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने हेतु कोचिंग की व्यवस्था की गई हैं। उन्होनें बताया कि उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यकों के हितों के लिये छः विभिन्न जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की गयी है। इस अवसर पर हैदर सिद्दीकी ,मो साजिद सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।