अनलॉक 5 के दिशा निर्देशों को सख्ती से लागू करें समस्त जिला मजिस्ट्रेट : केंद्रीय गृह सचिव
October 1, 2020 • Mr Arun Mishra

> अनलॉक 5 की गाइडलाइन्स जारी, 31 अक्टूबर 2020 तक रहेंगी प्रभावी।

> स्विमिंग पूल को 15 अक्टूबर, 2020 से प्रभावी रूप से खोलने की अनुमति दी जाएगी।

> सिनेमा अथवा  थिएटर अथवा मल्टीप्लेक्स को उनकी बैठने की क्षमता के 50% तक, केवल कंटेनमेन्ट जोन से बाहर के क्षेत्रों में, 15 अक्टूबर 2020 से प्रभावी होने के साथ खोलने की अनुमति होगी।

> 15 अक्टूबर 2020 से व्यवसाय से व्यवसाय (बी 2 बी) प्रदर्शनियों को केवल कंटेनमेन्ट जोन के बाहर के क्षेत्रों में खोलने की अनुमति होगी।

> 15 अक्टूबर 2020 के बाद ही 100 व्यक्तियों की सीमा से परे सामाजिक अथवा शैक्षणिक अथवा खेल अथवा मनोरंजन अथवा सांस्कृतिक अथवा धार्मिक अथवा राजनीतिक कार्य और अन्य मण्डली के समारोहों की अनुमति दी जा सकती है।

> गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त यात्राओं के अलावा भी यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रारम्भ की जा सकती है।

नई दिल्ली (का उ सम्पादन)। 30.09.2020 तक की अवधि के लिए देश में कोविड-19 के समावेश के लिए 29.08.2020 की सम संख्या का आदेश जारी किया गया था, जबकि, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 6 (2) (i) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एन डी एम ए) ने कंटेनमेन्ट जोन के बाहर के क्षेत्रों में और गतिविधियों को फिर से खोलने का आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। 31.10.2020 तक कंटेनमेन्ट ज़ोन में लॉकडाउन का विस्तार करने के लिए, शक्तियों के प्रयोग में, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 10 (2) (1) के तहत प्रदत्त, इसके तहत केंद्रीय गृह सचिव और अध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारी समिति यह निर्देश देती हैं कि पुन: खोलने के लिए दिशा-निर्देश 31.10.2020 तक लागू होंगे। कंटेनमेन्ट क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में, निम्नलिखित को छोड़कर सभी गतिविधियों की अनुमति होगी। कंटेनमेन्ट जोन के बाहर अनुमत गतिविधियाँ - कंटेनमेन्ट क्षेत्रों के बाहर के क्षेत्रों में राज्य / केंद्रशासित प्रदेश सरकारें 15 अक्टूबर 2020 के बाद, क्रमबद्ध तरीके से स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को फिर से खोलने के संबंध में निर्णय ले सकती हैं। स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर संबंधित स्कूल / संस्थान प्रबंधन के साथ परामर्श करके निर्णय लिया जाएगा, और इन शर्तों के अधीन होगा कि ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग शिक्षण का पसंदीदा तरीका बना रहेगा और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। जहां स्कूल ऑनलाइन कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, और कुछ छात्र शारीरिक रूप से उपस्थित होने के बजाय ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेना पसंद करते हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है। छात्र अभिभावकों की लिखित सहमति से ही स्कूलों अथवा संस्थानों में जा सकते हैं। अटेंडेंस को लागू नहीं किया जाना चाहिए, और पूरी तरह से माता-पिता की सहमति पर निर्भर होना चाहिए। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले एस ओ पी के आधार पर स्कूलों अथवा संस्थानों को फिर से खोलने के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी सावधानियों के बारे में राज्य अथवा संघ राज्य क्षेत्र अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एस ओ पी) तैयार करेंगे। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए। जिन स्कूलों को खोलने की अनुमति है, उन्हें राज्यों अथवा संघ शासित प्रदेशों के शिक्षा विभागों द्वारा जारी किए जाने वाले एसओपी का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय स्थिति के आकलन के आधार पर, गृह मंत्रालय के परामर्श से कॉलेजों अथवा उच्च शिक्षा संस्थानों के खुलने के समय पर निर्णय ले सकता है। ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग शिक्षण का पसंदीदा तरीका बना रहेगा और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। हालाँकि, उच्च शिक्षा संस्थानों को केवल अनुसंधान विद्वानों (पीएचडी) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी स्ट्रीम में स्नातकोत्तर छात्रों के लिए प्रयोगशाला अथवा प्रायोगिक कार्यों की आवश्यकता होती है, जिन्हें 15 अक्टूबर, 2020 से खोलने की अनुमति होगी। केंद्रीय रूप से वित्त पोषित उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए, संस्थान के प्रमुख खुद को संतुष्ट करेंगे कि प्रयोगशाला अथवा प्रायोगिक कार्यों के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी स्ट्रीम में अनुसंधान विद्वानों (पीएचडी) और स्नातकोत्तर छात्रों की वास्तविक आवश्यकता है। अन्य सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए जैसे राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय आदि, वे केवल संबंधित राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय के अनुसार प्रयोगशाला अथवा प्रायोगिक कार्यों के लिए आवश्यक विज्ञान और प्रौद्योगिकी स्ट्रीम में अनुसंधान विद्वानों (पीएचडी) और स्नातकोत्तर छात्रों के लिए खोल सकते हैं। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग किए जा रहे स्विमिंग पूल को 15 अक्टूबर, 2020 से प्रभावी रूप से खोलने की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए युवा मामलों और खेल मंत्रालय द्वारा एसओपी जारी किया जाएगा। सिनेमा अथवा  थिएटर अथवा मल्टीप्लेक्स को उनकी बैठने की क्षमता के 50% तक, केवल कंटेनमेन्ट जोन से बाहर के क्षेत्रों में, 15 अक्टूबर 2020 से प्रभावी होने के साथ खोलने की अनुमति होगी, जिसके लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा एसओपी जारी किया जाएगा। मनोरंजन पार्क और इसी तरह के स्थानों को 15 अक्टूबर, 2020 से प्रभावी रूप से खोलने की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए एसओपी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा। व्यवसाय से व्यवसाय (बी 2 बी) प्रदर्शनियों को केवल कंटेनमेन्ट जोन के बाहर के क्षेत्रों में खोलने की अनुमति होगी, 15 अक्टूबर 2020 से, जिसके लिए वाणिज्य विभाग द्वारा एसओपी जारी किया जाएगा। सामाजिक अथवा शैक्षणिक अथवा खेल अथवा मनोरंजन अथवा सांस्कृतिक अथवा धार्मिक अथवा राजनीतिक कार्य और अन्य मण्डली पहले ही 100 व्यक्तियों की छत के साथ अनुमति दी गई हैं, केवल कंटेनमेन्ट जोन के बाहर। 15 अक्टूबर 2020  के बाद ही राज्य अथवा केंद्रशासित प्रदेश सरकारों द्वारा 100 व्यक्तियों की सीमा से परे इस तरह के समारोहों की अनुमति दी जा सकती है, कंटेनमेन्ट जोन के बाहर, लेकिन कुछ शर्तों के अधीन जिनमें क्लोज स्पेस में, 200 व्यक्तियों की छत के साथ हॉल की क्षमता का अधिकतम 50% की अनुमति दी जाएगी। फेस मास्क पहनना, सामाजिक दूरी को बनाए रखना, थर्मल स्कैनिंग और हैंड वाश या सैनिटाइजर का उपयोग अनिवार्य होगा। ओपन स्पेस में, जमीन अथवा स्पेस इन व्यू के आकार को ध्यान में रखते हुए, और सामाजिक दूरी के सख्त पालन के साथ, अनिवार्य रूप से फेस मास्क पहनना, थर्मल स्कैनिंग और हैंड वाश या सैनिटाइज़र के लिए प्रावधान करने पर हो सकेगा। राज्य अथवा संघ राज्य क्षेत्र सरकारें विस्तृत एसओपी जारी करेंगी, ताकि इस तरह की सभाओं को नियमित किया जा सके और इसे सख्ती से लागू किया जा सके। गृह मंत्रालय द्वारा अनुमति प्राप्त यात्राओं के अलावा भी यात्रियों की अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रारम्भ की जा सकती है। लॉकडाउन कंटेनमेन्ट जोन तक ही सीमित है - 31 अक्टूबर, 2020 तक कंटेनमेन्ट जोन में लॉकडाउन लागू रहेगा। ट्रांसमिशन जोन की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से तोड़ने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देशों को ध्यान में रखने के बाद जिला स्तर पर सूक्ष्म स्तर पर कंटेनमेन्ट जोन का सीमांकन किया जाएगा। इन रोकथाम क्षेत्रों में सख्त रोकथाम उपायों को लागू किया जाएगा और केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिधि नियंत्रण होगा कि चिकित्सा आपात स्थिति को छोड़कर और आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए इन क्षेत्रों में या उससे बाहर के लोगों की आवाजाही न हो। कंटेंट ज़ोन में, आवश्यक रूप से गहन संपर्क अनुरेखण, घर - घर में निगरानी और अन्य नैदानिक ​​हस्तक्षेप होंगे। उपरोक्त उद्देश्य के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। ये कंटेनमेन्ट ज़ोन संबंधित जिला कलेक्टरों और राज्यों अथवा केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा वेबसाइटों पर अधिसूचित किए जाएंगे और जानकारी को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा। राज्य अथवा केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें केंद्र सरकार के साथ पूर्व परामर्श के बिना किसी भी स्थानीय लॉकडाउन (डिस्ट्रिक्ट अथवा सब-डिवीजन अथवा सिटी लेवल) को, कंटेनमेन्ट ज़ोन के बाहर नहीं लगाएंगी। इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई प्रतिबंध नहीं पड़ोसी देशों के साथ संधियों के तहत सीमा-भूमि व्यापार के लिए व्यक्तियों और सामानों के इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट मूवमेंट पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। इस तरह के आंदोलनों के लिए कोई अलग से अनुमति अथवा अनुमोदन अथवा ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी। यात्री गाड़ियों द्वारा एसओपी का पालन करते हुए मूवमेंट; घरेलू यात्री हवाई यात्रा; वंदे भारत और हवाई परिवहन बबल उड़ानों पर व्यक्तियों की आवाजाही; और जारी किए गए एसओपी के अनुसार भारतीय नाविकों के साइन-ऑन और साइन-ऑफ को नियमित किया जाना जारी रहेगा। कमजोर व्यक्तियों का संरक्षण 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, सह-रुग्णता वाले व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोड़कर घर पर रहने की सलाह दी जाती है। आरोग्य सेतु का उपयोग - आरोग्य सेतु संक्रमण के संभावित जोखिम की शीघ्र पहचान में सक्षम बनाता है, और इस प्रकार यह व्यक्तियों और समुदाय के लिए एक कवच का काम करता है। कार्यालयों और कार्यस्थलों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, सर्वोत्तम प्रयास के आधार पर नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कर्मचारियों द्वारा संगत मोबाइल फोन लगाए गए हैं। जिलाधिकारी व्यक्तियों को संगत मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु एप्लिकेशन को स्थापित करने और नियमित रूप से ऐप पर अपनी स्वास्थ्य स्थिति को अपडेट करने की सलाह दे सकते हैं। यह उन व्यक्तियों को चिकित्सा ध्यान देने के लिए समय पर प्रावधान की सुविधा देगा जो जोखिम में हैं। दिशा निर्देशों का सख्त प्रवर्तन - राज्य अथवा केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत जारी इन दिशा निर्देशों को किसी भी तरीके से कमजोर नहीं करेंगी। सामाजिक गड़बड़ी के प्रवर्तन के लिए, राज्य अथवा केन्द्र शासित प्रदेश सरकारें, जहाँ तक संभव हो, 1973 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के प्रावधानों का उपयोग करें। सभी जिला मजिस्ट्रेट उपरोक्त उपायों को सख्ती से लागू करेंगे। दंड के प्रावधान इन उपायों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई के अलावा, और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत धारा 51, 60 के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाही करने के लिए उत्तरदायी होगा।