अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के बुनकरों के सम्बन्ध में राज्य में व्यापक सर्वे कराया जाए : मुख्यमंत्री
June 25, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तावित झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना (एस0सी0पी0) का प्रस्तुतीकरण।

> पावरलूम बुनकरों को उन्नत तकनीक के ऑटोमेटिक / रेपियर लूम के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाए।

> हथकरघा बुनकरों को उन्नत तकनीक के हथकरघे उपलब्ध कराते हुए हथकरघा वस्त्रों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ायी जाए।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी 24 जून, 2020 को अपने सरकारी आवास, लखनऊ पर झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पॉवरलूम विकास योजना के संबंध में बैठक कर प्रस्तुतिकरण का अवलोकन करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने हथकरघा एवं पावरलूम क्षेत्र को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि इनसे जुड़े अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के बुनकरों के सम्बन्ध में राज्य में व्यापक सर्वे कराया जाए। उन्होंने बुनकरों के लिए प्रशिक्षण प्रदान किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के बुनकरों को प्रशिक्षण मिलने और उनमें जागरूकता उत्पन्न होने से अधिक से अधिक संख्या में लोग इस क्षेत्र में आएंगे और उन्हें रोजगार मिलेगा। उन्होंने हथकरघा एवं पावरलूम सेक्टर में आधुनिक तकनीक अपनाए जाने की बात कही। उन्होंने इस क्षेत्र के लिए सौर ऊर्जा की सम्भावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष बुधवार 25 जून को अपने सरकारी आवास पर प्रस्तावित 'झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना (एससीपी)' का प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने इस योजना में आवश्यक संशोधन के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इस क्षेत्र के लिए जागरूकता बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए कहा है कि हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के मार्ग प्रशस्त किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बुनकरों की आमदनी बढ़ाए जाने के उपाय किए जाएं। वस्त्रों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने तथा उत्पादन लागत कम किए जाने पर भी फोकस किया जाए। पावरलूम बुनकरों को उन्नत तकनीक के ऑटोमेटिक रेपियर लूम के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाए। इसी प्रकार, हथकरघा बुनकरों को उन्नत तकनीक के हथकरघे उपलब्ध कराते हुए हथकरघा वस्त्रों की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ायी जाए। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति अथवा जनजाति के हथकरघा एवं पावरलूम बुनकरों के स्वयं सहायता समूह के आधार पर भी उन्हें सहायता उपलब्ध करायी जा सकती है। मुख्यमंत्री जी के समक्ष अपर मुख्य सचिव हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग रमा रमण ने प्रस्तावित झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना (एससीपी) का प्रस्तुतीकरण करते हुए योजना के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।