अपने-अपने जनपद के अस्पतालों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी : मुख्यमंत्री
July 14, 2020 • Mr Arun Mishra

सर्विलांस टीम की सक्रियता से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है : मुख्यमंत्री

आपातकालीन तैयारियों को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने.....

प्रत्येक स्तर के अस्पताल में फायर सेफ्टी के सभी प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दृष्टिगत तटबन्धों का मरम्मत कार्य प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। बाढ़ राहत शिविर समय से तैयार कर लिए जाएं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 14 जुलाई 2020 को अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन के द्वारा न केवल कोविड-19 को अपितु संचारी रोगों को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। शनिवार एवं रविवार की साप्ताहिक बन्दी इसी कार्यवाही का हिस्सा है। इस दौरान मेडिकल स्क्रीनिंग, सर्विलांस टीम तथा एम्बुलेंस सेवा को सक्रिय रखते हुए बीमारी में मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी मंगलवार 14 जुलाई 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने में सर्विलांस कार्य की भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि सर्विलांस टीम की सक्रियता से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। सर्विलांस टीम के पास इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर तथा सेनिटाइजर अवश्य हो। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए। मास्क के अनिवार्य उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग के पूर्ण पालन के लिए जागरूकता का कार्य पूरी गति से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री ने समस्त कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टाफ द्वारा नियमित राउण्ड लिया जाए। पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की मॉनिटरिंग की जाए। कोविड तथा नॉन कोविड अस्पतालों सहित समस्त चिकित्सालयों, मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सा संस्थानों में ऑक्सीजन की सुचारु व्यवस्था उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक स्तर के अस्पताल में फायर सेफ्टी के सभी प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि समस्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने-अपने जनपद के अस्पतालों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण के सम्बन्ध में पूरी सतर्कता बरती जाए। तटबन्ध आदि का मरम्मत कार्य प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। बाढ़ राहत शिविर समय से तैयार कर लिए जाए। टिड्डी दल को नियंत्रित करने के लिए पूरी सतर्कता बरतते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए। गौ-आश्रय स्थलों की साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गौवंश के लिए चारे की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आर के तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व  रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री  एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार एवं सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।