बार के महामंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सिविल कोर्ट खुलवाने का किया है आग्रह
July 28, 2020 • Mr Arun Mishra

कानपुर (का उ)। कानपुर नगर न्यायालय खोले जाने के सम्बन्ध में कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री कपिल दीप सचान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि जैसा कि मुख्यमंत्री जी को विदित है कि प्रदेश में कोविड-19 महामारी के कारण कानपुर महानगर में सम्बन्धित केसों की संख्या अधिक होने के कारण लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए कानपुर नगर के लगभग 10 थाना क्षेत्र पूर्णतया लॉकडाउन के अन्तर्गत निर्धारित किये गये हैं।  उन्हीं थानों में थाना कोतवाली के अन्तर्गत सिविल कोर्ट भी आता है। चूंकि कानपुर नगर के मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिलाधिकारी महोदय की रिपोर्ट के अनुसार सिविल कोर्ट को कन्टेनमेंट जोन के अन्तर्गत निर्धारित किया गया है। इसलिये न्यायालयों को न खोले जाने की लगातार सिफारिश जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा की जा रही है। जिलाधिकारी महोदय द्वारा कानपुर शहर में 10 थाना क्षेत्रो में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये दिनांक 19.07.2020 से 24.07.2020 तक लॉकडाउन लगाया था और दिनांक 26.07.2020 को पुनः 10 थाना क्षेत्रा में लॉकडाउन दिनांक 31.07.2020 तक बढ़ा दिया गया है। जिलाधिकारी महोदय के आदेशानुसार डीएवी इण्टर कालेज में निबन्धन हेतु जोन - 03 का कार्यालय स्थापित कर दिया गया है। जो कि कोतवाली थाना क्षेत्र के अन्तर्गत सिविल कोर्ट से 300 मीटर दूरी पर स्थित है और लॉकडाउन क्षेत्र के अन्तर्गत है मुख्यमंत्री जी को अवगत कराना है कि जिलाधिकारी महोदय के 2 आदेश आपस में विरोधाभाषी हैं। यहाँ यह भी अवगत कराना है कि कानपुर शहर में कानपुर विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष पद पिछले 9 माह से रिक्त होने के कारण उसका भार भी जिलाधिकारी महोदय के पास है इसलिये कार्य की अधिकता एवं व्यस्तता रहती है। इसलिये सही एवं सार्थक निर्णय होने में काफी कठिनाई हो रही है। पिछले 22 मार्च 2020 से कानपुर नगर का न्यायालय बन्द चल रहा है, जिस कारण वादकारियों एवं अधिवक्ताओ को अत्यधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी को पत्र में बताया कि कानपुर नगर में 10 हजार से अधिक अधिवक्ता वकालत करते हैं इसमें लगभग 8 हजार अधिवक्ता एवं उनका परिवार 4 माह से अधिक समय से न्यायालय बन्द होने के कारण जबरदस्त आर्थिक संकट से गुजर रहा है और अधिवक्ताओं  को किसी भी प्रकार की कोई मदद आज तक नहीं मिली है। बार के महामंत्री ने मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया है उपरोक्त सम्बन्ध में यथोचित निर्णय लेकर कन्टेनमेंट जोन के सम्बन्ध में नयी नियमावली बनाकर सिविल कोर्ट को खुलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने की कृपा की जाये।