भीड़ से बचाव हेतु स्टेशनों पर अलग - अलग प्रवेश और निकास द्वार प्रबंधन की तैयारियां ज़ोरों पर
May 13, 2020 • Mr Arun Mishra

> स्टेशन पर श्रमिक विशेष गाड़ियों के लिए अलग निकासी जबकि वातानुकूलित  विशेष गाड़ियों के यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास अलग तरफ होगा।

> उ म रे ने प्रयागराज और झांसी में अपने दो अस्पतालों को पहले से ही 100 बिस्तर वाले कोविड अस्पतालों के रूप में तैयार कर लिया। 

> उ म रे ने तीनों मंडलों में 651 बिस्तरों की क्वारंटाइन हेतु व्यवस्था के अलावा 130 कोचों को आइसोलेशन डिब्बों में परिवर्तित किया।

 

अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस और फ्लोरेंस नाइटिंगेल की 200 वीं जयंती के अवसर पर, केंद्रीय अस्पताल प्रयागराज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन।

 

प्रयागराज (मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, उ म रे)। रेलवे ने अब तक 16 जोड़ी और 01 वन - वे विशेष ट्रेन यानी कुल 33 विशेष ट्रेनें चलाने की अधिसूचना जारी की है, जिनका परिचालन मंगलवार 12 मई को प्रारंभ हो रहा है। रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय और संबंधित राज्यों द्वारा यात्रियों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश और सलाह जारी किए गए हैं और कन्फर्म ई टिकट के साथ ही यात्रा करने की अनुमति है। कुल 33 ट्रेनों में से 25 का ठहराव उत्तर मध्य रेलवे के तीन मंडलों के विभिन्न स्टेशनों पर है। अधिकांश स्पेशल ट्रेनों का उत्तर मध्य रेलवे से संचालन और वाणिज्यिक ठहराव होने के कारण इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित, समयनिष्ठ और सुविधायुक्त यात्रा अनुभव के लिए विस्तृत व्यवस्था की गई है। कुछ महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं हैं जिनमें इन वातानुकूलित विशेष ट्रेनों का कानपुर, प्रयागराज जंक्शन, झांसी और आगरा कैंट स्टेशनों पर ठहराव है। इन स्टेशनों पर आने और जाने वाले यात्रियों के लिए अलग - अलग प्रवेश और निकास द्वार नामित किए गए हैं। आने वाले सभी यात्रियों के लिए थर्मल स्कैनिंग, सामाजिक दूरी  के लिए फर्श पर निशान, सही प्लेटफॉर्म के लिए मार्गदर्शन, नियमित उदघोषणाएं, सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी आदि की व्यवस्था की गई है। इन वातानुकूलित विशेष ट्रेनों और श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को अलग अलग प्लेटफार्मों, फुट ओवर ब्रिज, गेटों आदि से व्यवस्था के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है ताकि किसी भी अतिरिक्त भीड़ की स्थिति, यात्रियों के आपस में मिल जाने और भ्रम की संभावना से बचा जा सके। उदाहरण के लिए प्रयागराज जंक्शन पर श्रमिक विशेष गाड़ियों के लिए लीडर रोड की तरफ से व्यवस्था की गई है, जबकि वातानुकूलित  विशेष गाड़ियों के यात्रियों के लिए प्रवेश और निकास सिविल लाइंस की तरफ से होगा। इसी तरह की व्यवस्था अन्य स्टेशनों के लिए भी की जा रही है। हालांकि, ट्रेनों की गहन सफाई प्रारंभिक स्टेशनों पर की जाएगी, लेकिन वर्तमान में ओबीएचएस सेवा बंद होने के कारण प्रयागराज, कानपुर और झांसी में क्लीन ट्रेन स्टेशन (सीटीएस) के अंतर्गत सफाई व्यवस्था की जा रही है। इन स्टेशनों पर वॉटरिंग भी की जाएगी। ट्रेनों के सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी ट्रेनों को स्टेशनों पर ट्रेन पासिंग स्टाफ द्वारा मॉनीटर किया जाएगा और गाड़ी की संरक्षा जाँच के लिए रोलिंग इन परीक्षण और रोलर बियरिंग के तापमान की मॉनिटरिंग प्रयागराज जंक्शन, कानपुर, आगरा कैंट और झांसी सहित सभी नामांकित  रोल्लिंग इन स्थानों पर किया जाएगा। जिन भी स्टेशनों पर इन ट्रेनों और यात्रियों को हैंडल किया जाएगा उन स्टेशन परिसर और प्लेटफार्मों आदि की गहन सफाई व्यवस्था की जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस और फ्लोरेंस नाइटिंगेल की 200 वीं जयंती के अवसर पर, केंद्रीय अस्पताल प्रयागराज में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इस अवसर को मनाया गया और साथ ही साथ नोवल कोरोना वायरस के खिलाफ सबसे आगे रहकर लड़ाई में योगदान कर रहे नर्सिंग स्टाफ का मनोबल बढ़ाया गया। उत्तर मध्य रेलवे में कुल 124 नर्सिंग स्टाफ हैं, जो केंद्रीय अस्पताल प्रयागराज सहित तीन मंडलों के अन्य रेलवे अस्पतालों में कार्यरत हैं।

 नोवेल कोरोना वायरस पर सीमित ज्ञान और इतनी वृहत परिमाण में प्रसारित हो रही कोविड 19 महामारी के विरुद्ध लड़ाई के लिए सीखने और तैयार होने की एक कठिन चुनौती नर्सिंग स्टाफ और उत्तर मध्य रेलवे की संपूर्ण चिकित्सा बिरादरी के समक्ष थी ताकि वो उत्तर मध्य रेलवे के लगभग 60000 कर्मचारियों और उनके परिवार के लिए नियमित चिकित्सा को बनाए रखा जा सके और साथ ही साथ इस महामारी से भी लड़ा जा सके। ऐसी स्थिति में उत्तर मध्य रेलवे के चिकित्सा विभाग ने स्थिति के संबंध में त्वरित कार्यवाई करते हुए डॉक्टरों, नर्सिंग और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए 100 औपचारिक और अनौपचारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा कोविड 19 से लड़ने के लिए संसाधनों को बढ़ाने के काम किए। निरंतर प्रयासों द्वारा, उत्तर मध्य रेलवे  ने प्रयागराज और झांसी में अपने दो अस्पतालों को पहले से ही 100 बिस्तर वाले कोविड अस्पतालों के रूप में तैयार कर लिया है, जिनको जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार के संसाधनों अतिरिक्त व्यवस्था के रूप में प्रयोग किया जा सके। साथ ही तीनों मंडलों में 651 बिस्तरों की क्वारंटाइन हेतु व्यवस्था के अलावा और 130 कोचों को आइसोलेशन डिब्बों में परिवर्तित किया गया है। अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस की इस वर्ष की थीम नर्सिंग द वर्ल्ड टू हेल्थ के अनुरूप उत्तर मध्य रेलवे का नर्सिंग स्टाफ उच्च गुणवत्ता और सम्मानजनक उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।