बिजनौर से बिठूर पहुँची गंगा यात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई गंगा आरती
February 1, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 1818 में 19 जनवरी को पहली बार यहां गंगा आरती हुई थी।
卐 आयोजन स्थल पर गंगा टास्क फोर्स द्वारा गंगा तटीय क्षेत्रों में जैविक खेती को बढावा देने के उद्देश्य से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई।
卐 उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का बिठूर कार्यक्रम हुआ रद्द, बाबुल सुप्रियो भी नहीं आए। 
बिठूर/कानपुर (काoउoसम्पादन)। केंद्र सरकार की नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा को निर्मल और अविरल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निकाली जा रही गंगा यात्रा के चौथे दिन गुरुवार को यहां के पौराणिक पत्थर घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भव्य गंगा आरती की गयी जिसमें स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। आरती के बाद बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ गंगा की विशेष स्तुति भी की। गंगा आरती का आयोजन श्री माँ गंगा महा आरती समिति द्वारा किया गया था। गंगा आरती में पहले शंख, धूप आरती, ज्वाला आरती, दीप आरती, चंवर व पुष्पांजलि से पूर्ण हुई। आरती कार्यक्रम का नेतृत्व आचार्य काली चरण दीक्षित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 1818 में 19 जनवरी को पहली बार पेशवा बाजीराव ने यहां गंगा आरती की थी। गंगा यात्रा रथ गुरूवार को फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से रवाना होकर कन्नौज के बाद हरदोई से होते हुए अंत में कानपुर के बिल्हौर से यहां बिठूर पहुँचा। गंगा यात्रा में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं विशिष्ट अतिथि केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो नहीं थे। सूत्रों ने बताया कि श्री मौर्य कार्यक्रम में देरी के कारण अपने सरकारी आवास निकल गए। थोड़ी देर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का भ्रमण कार्यक्रम परिवर्तित होकर जारी किया गया जिससे साफ हुआ कि वे 31 जनवरी को होने वाले समापन समारोह में सम्मिलित होंगे। इससे पहले राज्य सरकार के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने अन्य मंत्रियों के साथ फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर हवन और गंगा पूजन करने के साथ ही यात्रा के रथ को रवाना किया। श्री राणा पूरी यात्रा के दौरान रथ के साथ रहे। जहां जहां से यह यात्रा निकली, हर जगह स्कूली बच्चों के साथ आम लोगों ने 'भारत माता की जय', वन्दे मातरम् और जय गंगा मैया के अलावा अन्य नारों के साथ इसका स्वागत किया। इस यात्रा में स्थानीय विधायकों और नेताओं के अलावा भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की कई गाड़ियां भी रथ के साथ चल रही हैं। पत्थर घाट आयोजन स्थल पर 137 सीईटीएफ 39 जीआर गंगा टास्क फोर्स द्वारा गंगा तटीय क्षेत्रों की भूमि को उपजाऊ बनाने व जैविक खेती को बढावा देने के उद्देश्य से एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में गुलमोहर, सहजन, सीड बाल, वेटीवर, कन्ना, सगवान, करन्ज, महुआ, नीम आदि पौधे प्रदर्शित किए गए थे। गौरतलब है कि गंगा यात्रा का पहला रथ 27 जनवरी को बिजनौर से और दूसरा रथ बलिया से रवाना हो चुका है। इसके बाद आज 31 जनवरी को दोनों रथ कानपुर पहुँचेंगे। बिजनौर और बलिया से आरंभ होने वाली दोनों ही यात्राओं का समागम कानपुर में 31 जनवरी को होगा। गंगा यात्रा 1358 किलोमीटर की दूरी तय करेगी जिसमें यह 1038 ग्राम पंचायतों, 1650 गांव, 21 नगरी निकाय और जनपदों से होकर गुजरेगी। इस अवसर पर तहसीलदार विजय यादव, नायब तहसीलदार पाली अर्सला नाज़, नायब तहसीलदार बिठूर सी पी पाण्डे, एसडीएम सदर हिमांशु गुप्ता, लेखपाल, अमीन संघ के पदाधिकारियों समेत पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जन सामान्य उपस्थित थे।