बुन्देलखण्ड क्षेत्र देश में जल जीवन मिशन का पहला केन्द्र बिन्दु बन रहा है : मुख्यमंत्री
June 30, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद झांसी, ललितपुर तथा महोबा की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया।

> बुन्देलखण्ड पाइप पेयजल योजना के प्रथम चरण में 03 जनपदों में निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया जा रहा है।

> अगले 02 वर्षों में बुन्देलखण्ड के हर घर में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति प्रारम्भ हो जायेगी : योगीआदित्यनाथ 

> प्रधानमंत्री जी ने 2024 तक हर घर में नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे हम वर्ष 2022 तक हासिल करने का कर रहे हैं प्रयास : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री

बुन्देलखण्ड पाइप पेयजल योजना...

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में अनाच्छादित 3622 ग्रामों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिये कुल 479 भूमिगत अथवा सतही स्रोतों पर आधारित योजनायें बनायी गयीं। इन 479 योजनाओं से लगभग 67 लाख आबादी लाभान्वित होगी। इस योजना पर 10,131.92 करोड़ रुपए व्यय किये जायेंगे। 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 30 जून 2020 को झांसी में जल जीवन मिशन उत्तर प्रदेश, हर घर जल के अंतर्गत बुंदेलखंड में 2185 करोड़ रुपए की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाओं के निर्माण कार्यों का शुभारम्भ करते हुए।   (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र देश में जल जीवन मिशन का पहला केन्द्र बिन्दु बन रहा है, जो कभी सूखे के लिए अभिशप्त माना जाता था। वर्तमान केन्द्र तथा प्रदेश सरकार के नेतृत्व में अब बुन्देलखण्ड क्षेत्र विकास से वंचित नहीं रह सकता। इसे शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से भी अब कोई वंचित नहीं कर सकेगा। मुख्यमंत्री योगी मंगलवार 30 जून को जनपद झांसी के ग्राम मुराटा में बुन्देलखण्ड क्षेत्र के जनपद झांसी, ललितपुर तथा महोबा की 2185 करोड़ रुपए की कुल लागत की 12 ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के निर्माण कार्यों के शुभारम्भ हेतु आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बुन्देलखण्ड को उपेक्षित किया गया। यदि ऐसा न होता तो आज यहां सूखा, गरीबों  का पलायन नहीं होता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी फरवरी, 2019 में झांसी आये थे, तब उन्होंने बुन्देलखण्ड पाइप पेयजल योजना का शिलान्यास किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस योजना के प्रथम चरण में 03 जनपदों में निर्माण कार्यों का शुभारम्भ किया जा रहा है। अगले 02 वर्षों में बुन्देलखण्ड के हर घर में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति प्रारम्भ हो जायेगी। योजना की मेन्टेनेंस अगले 10 वर्षों तक कार्यदायी संस्था द्वारा की जाएगी, ताकि योजना लम्बे समय तक संचालित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा बुन्दलेखण्ड तथा विन्ध्य क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल से अनाच्छादित सभी बस्तियों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु महत्वाकांक्षी पाइप पेयजल योजना प्रारम्भ की जा रही है। वर्तमान में बुन्देलखण्ड के अन्तर्गत 4513 ग्रामों में से 891 ग्राम ही पाइप पेयजल योजनाओं से पूर्ण आच्छादित हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में अनाच्छादित 3622 ग्रामों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराये जाने के लिये कुल 479 भूमिगत अथवा सतही स्रोतों पर आधारित योजनायें बनायी गयीं। इन 479 योजनाओं से लगभग 67 लाख आबादी लाभान्वित होगी। इस योजना पर 10,131.92 करोड़ रुपए व्यय किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा फरवरी, 2020 में चित्रकूट में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया गया था। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे भविष्य में बुन्देलखण्ड के विकास की लाइफ लाइन बनेगा। आने वाले समय में देश की सुरक्षा और आर्थिक कल्याण में बुन्देलखण्ड का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके निर्माण के उपरान्त इसके दोनों तरफ औद्योगिक गलियारे स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, बुन्देलखण्ड के आर्थिक विकास के मद्देनजर डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर स्थापित करने का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के उपरान्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर बड़े पैमाने पर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने अपने कुशल नेतृत्व से हम सभी को कोरोना महामारी से सुरक्षित किया है। लॉकडाउन के बाद अनलॉक-2 की कार्यवाही प्रारम्भ की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग इस विभीषिका से स्वयं बचें और दूसरों को भी बचायें। जब तक आवश्यक न हो घर से बाहर न निकलें और यदि निकलें तो फेस मास्क अवश्य लगायें तथा सेनेटाइजर का उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी को छुपायें नहीं और तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। बीमारी छुपाने से समस्या बढ़ेगी। लॉकडाउन में अनेक कार्यक्रम चलाये गये, ताकि लोगों को परेशानी न हो। लगभग 20 करोड़ माताओं के जनधन खातों में 500 रुपए प्रतिमाह की धनराशि पहुंचायी गयी। इसके अलावा, लॉकडाउन के दौरान 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 02 हजार रुपए प्रतिमाह देने की कार्यवाही सम्पन्न हुई। वृद्धावस्था, दिव्यांगजन, निराश्रित महिला पेंशनधारकों को भी लॉकडाउन के दौरान 01 हजार रुपये अतिरिक्त सीधे उनके खातों में दिये गये। प्रवासी श्रमिकों को सकुशल ट्रेन व बसों के माध्यम से घर पहुंचाया गया। प्रदेश सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को परिवहन निगम की बसों द्वारा उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने का भी कार्य किया। स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत सभी घरों में शौचालय बनवाये गये। योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। पाइप पेयजल योजना में लोगों को विभिन्न प्रकार का रोजगार उपलब्ध होगा। इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 2024 तक हर घर में नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे हम वर्ष 2022 तक हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ललितपुर, झाँसी एवं महोबा के लिये वॉटर सप्लाई बांधों से ली जाएगी और घर-घर तक जल पहुंचाया जाएगा। पाइप पेयजल योजना का संचालन समिति द्वारा होगा। इस समिति में महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत होगी। वे इसका प्रबन्धन करेंगी। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड में लागू की जा रही इस पाइप पेयजल योजना में धन की कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने बुन्देलखण्ड के लगभग 2500 पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार की बात कही। कार्यक्रम को प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने पाइप पेयजल योजनाओं के शुभारम्भ अवसर पर भूमि पूजन किया। उन्होंने जनपद झांसी, ललितपुर व महोबा के मॉडल को देखा तथा परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कार्यक्रम के पश्चात गौशाला आश्रय स्थल का निरीक्षण किया तथा वहां मौजूद गौवंश को गुड़ चना खिलाया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में स्थापित नॉन कोविड हॉस्पिटल का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।