दैनिक मज़दूरी करने वाले प्रदेश वासियों को उपलब्ध करायी 1 - 1 हज़ार की आर्थिक सहायता 
April 11, 2020 • Mr Arun Mishra

> प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 03 निःशुल्क गैस सिलेण्डर दिए जाने की भी है व्यवस्था : मुख्यमंत्री

> राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 11 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों के खाते में 1 - 1 हजार रुपए की धनराशि अन्तरित की गई : मुख्यमंत्री

> प्रदेश में मनरेगा के 88 लाख से अधिक श्रमिकों के मानदेय को बढ़ाकर 202 रुपए किया गया : मुख्यमंत्री

> अन्त्योदय कार्ड धारकों, मनरेगा श्रमिकों, श्रम विभाग के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों व नगर विकास विभाग के अन्तर्गत दिहाड़ी मजदूरों को निःशुल्क राशन वितरण किया जा रहा है।

> प्रमुख सचिव, आवास व नगर विकास विभाग ने आवास विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री को 02 करोड़ 01 लाख रुपए का चेक भेंट किया।

> प्रत्येक नगर निकाय में एक कन्ट्रोल रूम के माध्यम से लोगों की समस्याओं का किया जा रहा है समाधान : प्रमुख सचिव, आवास व नगर विकास विभाग

> वर्तमान में लगभग 60 हजार स्ट्रीट वेण्डर, डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं : प्रमुख सचिव, आवास व नगर विकास विभाग

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार 10 अप्रैल को अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले विभिन्न श्रेणी के लाभार्थियों को सहायता धनराशि का अन्तरण किया। कार्यक्रम वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर जनपद वाराणसी, लखनऊ, झांसी, कानपुर व गोरखपुर के लाभार्थियों से संवाद भी स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान 02 लाख 19 हजार 318 लाभार्थियों के खाते में 01 - 01 हजार रुपए अन्तरित किए गए। योजनान्तर्गत अब तक 04 लाख 81 हजार 755 लाभार्थियों के खाते में धनराशि अन्तरित की जा चुकी है। 02 लाख 62 हजार 437 लाभार्थियों के खाते में धनराशि पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी है। इस योजना से पटरी दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर, रेलवे के कुली, कैन्टोनमेंट क्षेत्र के दिहाड़ी मजदूर आदि लाभान्वित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ठेला, खोमचा, रेहड़ी आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, रिक्शा, ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, मण्डी में कार्यरत पल्लेदार आदि के भरण-पोषण हेतु 1,000 रुपए की धनराशि उनके खाते में उपलब्ध कराना राज्य सरकार की एक बड़ी पहल है। इसके लिए नगर विकास विभाग को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि कोविड - 19 महामारी के कारण जिनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, उनकी सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्त मंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गई थी। कमेटी की संस्तुति के क्रम में यह आर्थिक सहायता दैनिक मजदूरी करने वाले प्रदेश वासियों को उपलब्ध करायी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नॉवेल कोरोना वायरस कोविड - 19 की वैश्विक महामारी के संकट के समय केन्द्र व राज्य सरकार जनता की हर सम्भव सहायता करने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से किसानों व प्रधानमंत्री जनधन योजना की महिला खाताधारकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 03 निःशुल्क गैस सिलेण्डर दिए जाने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 11 लाख से अधिक निर्माण श्रमिकों के खाते में 1 - 1 हजार रुपए की धनराशि अन्तरित की गई है। इस योजना से 20 लाख से अधिक निर्माण श्रमिक लाभान्वित होंगे। ठेला, खोमचा, रेहड़ी आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, रिक्शा, आटो रिक्शा, ई-रिक्शा चालक, मण्डी में कार्यरत पल्लेदार आदि दैनिक रूप से मजदूरी करने वाले लोगों का सर्वे कराकर, इनके भरण-पोषण के लिए 1 - 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मनरेगा के 88 लाख से अधिक श्रमिकों के मानदेय को बढ़ाकर 202 रुपए किया गया है। 27.15 लाख मनरेगा मजदूरों को देय 611 करोड़ रुपए की मजदूरी का सीधे उनके खातों में भुगतान कराया गया है। विभिन्न पेंशन योजनाओं यथा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांगजन, कुष्ठावस्था आदि के लगभग 87 लाख लाभार्थियों को 02 माह की अग्रिम पेंशन सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की गई है। राज्य सरकार द्वारा 01 अप्रैल, 2020 से अन्त्योदय कार्ड धारकों, मनरेगा श्रमिकों, श्रम विभाग के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों व नगर विकास विभाग के अन्तर्गत दिहाड़ी मजदूरों को निःशुल्क राशन वितरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन के बेहतर स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य के लिए लॉकडाउन के निर्देशों का पालन आवश्यक है। इससे ही कोरोना महामारी को रोकने में सफलता मिलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अत्यधिक आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकलें, सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करें। अपने आस-पास स्वच्छता बनाए रखें। मास्क अथवा किसी भी स्वच्छ कपड़े द्वारा चेहरे को अच्छी तरह से ढककर ही घर से बाहर निकलें। कार्यक्रम को नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव आवास व नगर विकास विभाग दीपक कुमार ने एक प्रस्तुतिकरण भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक नगर निकाय में एक कन्ट्रोल रूम के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान आम जनमानस को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए पथ विक्रेताओं को, डोर स्टेप डिलीवरी से जोड़ा गया है। वर्तमान में लगभग 60 हजार स्ट्रीट वेण्डर, डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित कर रहे हैं। इससे जनमानस को रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं आसानी से उपलब्ध हो रहीं। साथ ही, दैनिक श्रमिकों को लॉकडाउन में जीविकोपार्जन का माध्यम भी प्राप्त हुआ है। शहरी क्षेत्रों में असहाय व निर्बल वर्ग के लिए लगभग 2800 स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय कर कम्युनिटी किचन का संचालन किया जा रहा है। इससे औसतन 06 लाख से अधिक फूड पैकेट प्रतिदिन जरूरतमन्द परिवारों को शहरी क्षेत्र में वितरित किया जा रहा है। उन्होंने आवास विभाग की तरफ से मुख्यमंत्री को 02 करोड़ 01 लाख रुपए का चेक भेंट किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, सचिव नगर विकास अनुराग यादव, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।