दैवीय आपदा से कोई जनहानि होती है तो 24 घण्टे के अंदर राहत दी जाए: अनिल राजभर
March 15, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 फसल नुकसान का आकलन एक हप्ते में कर दें रिपोर्ट: प्रभारी मंत्री
卐 सभी एसडीएम-तहसीलदार व कृषि विभाग के अधिकारियों संग की समीक्षा।
卐 ओलावृष्टि तो नहीं, पर असमय बारिश से फसल प्रभावित होने की दी गई जानकारी।
卐 खरीफ में हुए नुकसान के लिए 6.71 करोड़ आया मुआवजा।
बलिया। पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग जनशशक्तिकरण मंत्री व जिले के प्रभारी अनिल राजभर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि असमय बारिश होने की वजह से जो भी फसल का नुकसान हुआ है उसका आकलन जल्द कर लिया जाए। इसके अलावा आकाशीय बिजली य किसी दैवीय आपदा से कोई जनहानि होती है तो 24 घण्टे के अंदर राहत दी जाए। प्रभारी मंत्री शनिवार को लोक निर्माण विभाग डाकबंगले में फसल नुकसान के सम्बंध में कृषि विभाग, फसल बीमा कम्पनी के अलावा सभी एसडीएम-तहसीलदार के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगे भी मौसम के अनुसार अलर्ट रहेंगे। दुर्भाग्य से अगर किसी कारणवश फसल की क्षति होती है तो राहत दिलाने के लिए तैयार रहेंगे। बैठक में बताया गया कि जिले में ओलावृष्टि तो नहीं हुई है, लेकिन असमय बारिश होने के कारण फसलें प्रभावित जरूर हुई हैं। इसके आकलन के लिए कृषि व राजस्व विभाग की टीम द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। इस पर मंत्री श्री राजभर ने कहा कि एक हफ्ते के अंदर यह सर्वे पूरा कर रिपोर्ट दें। उन्होंने कहा कि बीमित किसानों की फसल नुकसान के सम्बंध में तहसील प्रशासन, कृषि विभाग और फसल बीमा कम्पनी आपसी समन्वय बनाकर काम करें और किसानों को जल्द राहत पहुँचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम किसान पोर्टल पर किसी किसान का आधार य अन्य डाटा कोई गलत है तो उसे ठीक कराएं, ताकि लाभ लेने में कोई बाधा न आए। प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि खरीफ में बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजा के तौर पर 12 हजार 604 किसानों के लिए कुल 6 करोड़ 71 लाख आ गया है। इसे शीघ्र किसानों के बीच वितरण करने का निर्देश सभी प्रशासनिक व कृषि विभाग के अधिकारियों को दिया। चेताया भी कि इसमें अगर कहीं लापरवाही की शिकायत मिली तो बड़ी कार्रवाई होगी। इसमें दो हेक्टेयर के नीचे के 10304 किसानों के लिए 5 करोड़ 75 लाख, जबकि दो हेक्टेयर से अधिक भूमि वाले 2300 किसानों के लिए 96 लाख 92 हजार मुआवजा आया है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान हमारी सरकार की प्राथमिकता में है। इनके हर सुख दुख में हम साथ रहेंगे।