दूसरे राज्यों के प्रदेश के 12 हजार ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों के लिए 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है : एसीएस होम
June 9, 2020 • Mr Arun Mishra

प्रदेश में रविवार 7 जून को अब तक की एक दिन में सर्वाधिक 13,236 सैम्पल की जांच की गई : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

> वैध पास वाले लोगों को जाम में न फंसना पड़े : एसीएस होम

> जिन स्थानों पर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, वहां आवश्यतानुसार मरीजों को भर्ती करने हेतु बेडों की संख्या बढ़ायी जाए : एसीएस होम

> क्वारंटाइन में रह रहे लोगों का भी फीडबैक प्राप्त करें निगरानी समितियां, कमी प्राप्त होने पर सम्बन्धित जिलाधिकारी को अवगत कराया जाए : एसीएस होम

> कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु होर्डिंग्स, पोस्टर इत्यादि भी लगवाये जाएं : एसीएस होम

> ईएसआई हॉस्टिपल में रेफर करने हेतु रेफरल प्रोटोकॉल निर्धारित कर लिया जाए, जिससे कि मरीज को हॉस्पिटल एडमिशन में असुविधा न हो : एसीएस होम

> प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक जनपद में किया जाये एक रोजगार समिति का गठन : एसीएस होम

> प्रदेश में अब तक 59,53,717 वाहनों की सघन चेकिंग में 52,661 वाहन सीज किए गए : एसीएस होम

> प्रदेश में गुजरात से सर्वाधिक 548 ट्रेन से 7,98,089 लोग आए : एसीएस होम

> निर्माण कार्यों से जुड़े 17.99 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.85 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 6.71 लाख निराश्रित व्यक्तियों को 1,000 – 1,000 रुपए के आधार पर कुल 33.55 लाख लोगों को 335.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है : एसीएस होम

> आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 13,89,136 कामगारों और श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, जिनमें से 1299 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाए गए : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

सोमवार 8 जून को कोरोना वायरस के संबंध में एसीएस होम श्री अवनीश कुमार अवस्थी एवं प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद लोक भवन मीडिया सेल में प्रेसवार्ता करते हुए। (फोटो : उत्तर प्रदेश सरकार)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने सोमवार 8 जून को यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा है कि कोविड-19 के बिना लक्षण वाले मरीजों से बचाव हेतु मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिये लोगों को एनाउन्समेंट के माध्यम से जागरूक किया जाए। मॉल्स, रेस्टोरेंट, मण्डियों इत्यादि के मालिकों के साथ बैठक कर लोगों से मास्क का प्रयोग एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने व जागरूक करने हेतु उनका भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि नोएडा-दिल्ली बार्डर से आवागमन करने वाले वाहनों को अनुमन्य पास वाहन पर दूर से प्रदर्शित होने वाले स्थान पर लगाने हेतु निर्देशित किया जाए तथा लाउडस्पीकर से एनाउन्समेंट की व्यवस्था भी की जाए, ताकि वैध पास वाले लोगों को जाम में न फंसना पड़े। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग को निर्देश दिये हैं कि कोविड-19 की जांच की क्षमता बढ़ाने हेतु सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों को यथाशीघ्र ट्रू-नेट मशीन उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने कहा है कि टेस्टिंग रिजल्ट यथाशीघ्र प्राप्त करने हेतु सैम्पल डिस्ट्रिब्यूशन की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि उच्च प्राथमिकता वाले सैम्पलों की जांच प्राथमिकता पर की जाए। उन्होंने कहा है कि जिन स्थानों पर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, वहां आवश्यतानुसार मरीजों को भर्ती करने हेतु बेडों की संख्या बढ़ायी जाए। हॉटस्पॉट क्षेत्रों की निगरानी हेतु आवश्यकतानुसार टीम भी बढ़ायी जाये। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि ग्राम निगरानी समिति द्वारा बेहतर ढंग से काम किया जा रहा है। इसका प्रदेश सरकार द्वारा सर्वे कराया गया है, जिसके सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त हुये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड-19 के प्रति जागरूकता का स्तर भी बहुत अच्छा है। उन्होंने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य कर रही निगरानी समितियों के सदस्यों के साथ-साथ क्वारंटाइन में रह रहे लोगों का भी फीडबैक प्राप्त किया जाए, कमी प्राप्त होने पर सम्बन्धित जिलाधिकारी को अवगत कराया जाए। उन्होंने कहा है कि शहरी क्षेत्रों में सर्विलांस टीम की क्षमता बढ़ाते हुए इसकी नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए। डोर-टू-डोर कोविड-19 के लक्षणों की पहचान हेतु नगर निगमों का भी सहयोग लिया जाये। कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरूक करने हेतु होर्डिंग्स, पोस्टर इत्यादि भी लगवाये जायें। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि ईएसआई हॉस्पिटल के साथ बैठक कर हॉस्टिपल में रेफर करने हेतु रेफरल प्रोटोकॉल निर्धारित कर लिया जाए, जिससे कि मरीज को हॉस्पिटल एडमिशन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा है कि प्रवासी श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्रत्येक जनपद में एक रोजगार समिति का गठन किया जाये, जो रोजगार सृजन पर विशेष बल देते हुये सेक्टरवार रोजगार सृजन की सम्भावनाओं को चिन्हित कर, बाहर से आये हुये प्रवासी श्रमिकों को उनके कौशल एवं आवश्यकतानुसार रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित करे। प्रवासी श्रमिकों के स्किल मैपिंग का डाटा सेवायोजन पोर्टल से भी जोड़ा जाये। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि अन्य राज्यों के प्रदेश में निर्वासित भट्ठा श्रमिक, जो अपने प्रदेश वापस जाना चाहते हैं, उनकी सूची भट्ठा मालिकों से प्राप्त कर उन्हें श्रमिक स्पेशल ट्रेन से भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। भेजने से पूर्व इन श्रमिकों से लिखित रूप में वेतन बकाया न होने का प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा है कि पराली जलाने की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक तैयारियां समय से सुनिश्चित करा ली जाएं। पराली को गोवंश आश्रय स्थल में चारे के रूप में इस्तेमाल करने हेतु भी गोवंश आश्रय स्थल तक भेजने की कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि पिछले वर्ष सर्वाधिक पराली जलाने वाले र्वाधिक पराली जलाने वाले क्षेत्रों का डाटा एकत्रित कर उन स्थानों पर पराली जलाने की घटना को रोकने हेतु विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी खरीफ फसलों की बुवाई हेतु खाद एवं बीज इत्यादि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु समीक्षा कर ली जाए। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्य सचिव ने कहा है कि एम्स की प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने हेतु प्रदेश के 30 शहरों में परीक्षा केन्द्र बनाये गये हैं। इन केन्द्रों पर सुचारु रूप से परीक्षा संपन्न कराने हेतु सभी आवश्यक तैयारियों की समीक्षा कर ली जाए। उन्होंने यह भी कहा है कि पीजीआई, चण्डीगढ़ की प्रवेश परीक्षा हेतु नोएडा में परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। केन्द्र पर परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र को ही मूवमेंट पास समझा जाए, ताकि उन्हें परीक्षा केन्द्रों पर पहुंचने में कोई असुविधा न हो। श्री अवस्थी ने बताया कि धारा 188 के तहत 63,268 एफआईआर दर्ज करते हुये 1,74,061 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक 59,53,717 वाहनों की सघन चेकिंग में 52,661 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 26,73,64,686 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गयाआवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,89,983 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 902 लोगों के खिलाफ 689 एफआईआर दर्ज करते हुए 317 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज के तहत अब तक 1399 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 08 जून को कुल 10 मामले, जिनमें ट्विटर के 07, फेसबुक के 03 मामले को संज्ञान में लिया गया हैं तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित। 08 जून तक ट्वीटर के 79, फेसबुक के 77, टिकटॉक के 47 तथा व्हाटसएप के 01 एकाउण्ट कुल 204 एकाउण्ट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। अभी तक कुल 50 एफआईआर पंजीकृत कराई गई है। विभिन्न जनपदों में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1932 हॉट स्पॉट के 768 थानान्तर्गत 9,82,474 मकानों के 55,93,656 लोगों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 96,860 औद्योगिक इकाइयों में से 88,691 इकाइयों द्वारा 1830.45 करोड़ रुपए के वेतन का वितरण किया जा चुका है। निर्माण कार्यों से जुड़े 17.99 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.85 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 6.71 लाख निराश्रित व्यक्तियों को 1,000 – 1,000 रुपए के आधार पर कुल 33.55 लाख लोगों को 335.53 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में हॉटस्पॉट वाले बस्तियों में 4091 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ, मैन के द्वारा दूध वितरित किया गया है। डोर स्टेप डिलिवरी ‘फल, सब्जी आदि' कुल 5309 वाहन लगाये गये हैं। डोर स्टेप डिलिवरी वाले प्रोविजन स्टोर की संख्या 4841 हैप्रोविजन स्टोर के माध्यम से डिलिवरी करने वाले व्यक्तियों की संख्या 5801 है। हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कुल 128 प्रचलित सामुदायिक किचन हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं के घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 5896 क्रय केन्द्रों एवं मण्डी परिषद द्वारा गेहूँ की खरीद की जा रही है। श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों से भी हम अपने कामगारों और श्रमिकों को प्रदेश में लाने में सफल हुए हैं। प्रदेश में अब तक 1640 ट्रेन से 22.14 लाख से अधिक लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 278 ट्रेन से 3,56,650 कामगार एवं श्रमिक आये हैंउन्होंने बताया कि आगरा में 12, कानपुर में 17, लखनऊ में 126 ट्रेन, जौनपुर में 139, बरेली में में 71, प्रयागराज में 64, प्रतापगढ़ में 75, रायबरेली में 22, वाराणसी में 123, अमेठी में 17, मऊ में 49, कन्नौज में 03, गाजीपुर में 33, बांदा में 21, सुल्तानपुर में 28, लखीमपुर खीरी में 01, हरदोई में 20, आजमगढ़ में 45, अयोध्या में 37, बाराबंकी में 12, सोनभद्र में 04, गोण्डा में 71, अम्बेडकरनगर में 25, सीतापुर में 13, फतेहपुर में 09, उन्नाव में 28, बस्ती में 89 ट्रेन, फर्रुखाबाद में 02, कासगंज में 09, चंदौली में 17, मानिकपुर (चित्रकूट) में 01, एटा में 01, जालौन में 02, इटावा में 01, रामपुर में 01, शाहजहांपुर में 01, अलीगढ़ में 06, मिर्जापुर में 11, देवरिया में 104, सहारनपुर में 04, चित्रकूट में 03, बलरामपुर में 19, झांसी में 05, कौशांबी में 01 ट्रेन, पीलीभीत में 01, भदोही में 04, मुजफ्फरनगर में 01, महाराजगंज में 01 एवं महोबा में 01, आ चुकी हैंमुरादाबाद, मेरठ, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, में भी ट्रेन आ रही हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 548 ट्रेन से 7,98,089 लोग, महाराष्ट्र से 428 ट्रेन, पंजाब से 235 ट्रेन कामगारों/ श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 25, कर्नाटक से 57, केरल से 19, आन्ध्र प्रदेश से 14, तमिलनाडु से 40, मध्य प्रदेश से 04, राजस्थान से 39, गोवा से 17, दिल्ली से 103, छत्तीसगढ़ से 01, पश्चिम बंगाल से 04, उड़ीसा से 01 ट्रेन, त्रिपुरा से 01 ट्रेन, हिमाचल प्रदेश से 04 ट्रेन, असम से 01 ट्रेन, उत्तराखण्ड से 04, जम्मू-कश्मीर से 02 तथा उत्तर प्रदेश से 93 ट्रेन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों और श्रमिकों को पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के प्रदेश के 12 हजार ईंट-भट्ठों पर कार्यरत श्रमिकों को जो अपने-अपने राज्य जाना चाहते हैं उनके लिए 200 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल अब तक की एक दिन में सर्वाधिक 13,236 सैम्पल की जांच की गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 4320 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 6344 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को 1296 पूल टेस्ट किये गये, जिसमें से 1113 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 183 पूल 10-10 सैम्पल के थे, जिसमें कुल 134 सैम्पल, 113 5-5 के तथा 21 10-10 के सैम्पल पॉजीटिव पाए गए। श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 13,89,136 कामगारों और श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, जिनमें से 1299 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाये गये हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक सर्विलांस टीम द्वारा 84,62,782 घरों के 4,30,90,178 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से जो अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अब तक 67,288 लोगों से सम्पर्क किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम निगरानी समिति के कार्यों एवं होम क्वारंटीन किये गये लोगों द्वारा अनुपालन सुनिश्चित किये जाने के उद्देश्य से 18 जनपदों, जहां सबसे ज्यादा प्रवासी कामगार और श्रमिक आये हैं, के 4-4 गांवों का चयन कर कुल 1686 सामान्य निवासियों की जांच करायी गयी, जांच में सभी सैम्पल निगेटिव पाए गए।