एमएसएमई क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने वाली प्रमुख वित्तीय संस्था है भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक : मुख्यमंत्री
August 24, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने सिडबी के 'स्वावलम्बन केन्द्र' का ऑनलाइन शिलान्यास किया।

> शहीद पथ पर लगभग 01 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित होगा ये स्वावलम्बन केन्द्र।

> मुख्यमंत्री ने 'स्वावलम्बन केन्द्र' के डिस्प्ले मॉडल का अवलोकन किया।

> प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार आकांक्षी के बजाए रोजगार प्रदाता बनने हेतु प्रोत्साहित कर रही है : मुख्यमंत्री

> एमएसएमई सेक्टर के लिए गेम चेन्जर का काम कर रही है ओडीओपी योजना : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री जी ने सिडबी के प्रबंध निदेशक और उनके सभी अधिकारियों को 'स्वाबलंबन केंद्र' के शिलान्यास के लिए हृदय से बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि यह नया भवन, उत्तर प्रदेश को उसके गौरव को प्राप्त करने में मदद करेगा और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सिडबी की एक बहुत बड़ी भूमिका होगी।

मा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 24 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास 5 कालीदास मार्ग लखनऊ में स्वावलम्बन केन्द्र का ऑनलाइन शिलान्यास करते हुए।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने सोमवार 25 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास पर सिडबी के स्वावलम्बन केन्द्र का ऑनलाइन शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि सिडबी के नये भवन के निर्मित हो जाने से प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने तथा स्टार्ट-अप की स्थापना करने में सहूलियतें प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश के अन्दर एक नई कार्य संस्कृति देखने को मिलेगी। मुख्यमंत्री जी ने स्वावलम्बन केन्द्र का डिस्प्ले मॉडल देखकर विश्वास व्यक्त किया कि यह बिल्डिंग ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित की जाएगी, जिसमें ऊर्जा, जल, वेस्ट प्रोडक्ट की बचत के साथ - साथ जल की रीसाइकिलिंग और रीचार्जिंग की व्यवस्थाएं होंगी। ग्रीन एनर्जी को प्रोत्साहित करने और जल संरक्षण के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए तथा एमएसएमई सेक्टर के प्रोत्साहन के लिए यहां जो व्यवस्थाएं की गयी हैं वह अत्यन्त महत्वपूर्ण और आज की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के संवर्धन, वित्त पोषण और विकास के लिए कार्य करने वाली प्रमुख वित्तीय संस्था है। सिडबी द्वारा भारत सरकार के स्टार्ट-अप फण्ड के निधि प्रबन्धन का कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी द्वारा भारत के युवाओं के अभिनव विचारों को साकार करने के लिए स्टार्ट-अप इण्डिया, स्टैण्ड-अप इण्डिया तथा मेक इन इण्डिया जैसे कार्यक्रमों को लगातार आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्ट-अप इण्डिया कार्यक्रम की सफलता के लिए स्टार्ट-अप्स को आगे बढ़ाना आवश्यक है। स्टार्ट-अप के क्षेत्र में इनोवेशन का बहुत महत्व है। इनोवेशन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की असीमित क्षमता है। इनोवेशन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार आकांक्षी के बजाए रोजगार प्रदाता बनने हेतु प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्टार्ट-अप फण्ड की स्थापना हेतु लगभग 1000 करोड़ रुपये की लागत से जो कार्यवाही प्रारम्भ हुई है, इसमें भी सिडबी ने उत्तर प्रदेश के साथ एक एमओयू हस्ताक्षरित किया है। इससे आत्मनिर्भर भारत तथा लोगों को स्वावलम्बी बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक अभिनव योजना एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना लागू की गयी है, जो एमएसएमई सेक्टर के लिए गेम चेन्जर का काम कर रही है। वर्ष 2018 में इस योजना को प्रारम्भ किया गया था और आज भारत सरकार ने भी ओडीओपी को स्वयं के अभियान का हिस्सा बनाकर प्रत्येक राज्य को इस दिशा में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोविड - 19 से जूझ रही है। ऐसे में स्टार्ट-अप तथा एमएसएमई क्षेत्र उम्मीद की एक नई किरण हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय में सपनों को साकार करने तथा अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में सिडबी की एक बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई सेक्टर की बहुत बड़ी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के समय में उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय को और आज की प्रति व्यक्ति की आय को राष्ट्रीय आय से जोड़कर देखते हैं, तो प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश को एक बार फिर से अपनी उन जड़ों को तलाशने की आवश्यकता है। इस दृष्टि से विगत मई माह में उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी एवं स्टार्ट-अप नीति के अन्तर्गत सिडबी को प्रथम किश्त के रूप में 15 करोड़ रुपये अन्तरित किए गए थे। साथ ही, फण्ड ऑफ फण्ड्स की व्यवस्था हेतु शासन द्वारा सिडबी के साथ समझौता ज्ञापन का औपचारिक आदान - प्रदान भी किया गया था। ज्ञातव्य है कि स्वावलम्बन केन्द्र यहां शहीद पथ पर लगभग 01 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित होगा। इस भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही, इसमें सौर ऊर्जा का भी उपयोग होगा। इसमें 500 लोगों की क्षमता का मल्टी परपज हॉल भी होगा, जिसका कॉन्फ्रेंस और ऑडिटोरियम के रूप में उपयोग किया जा सकेगा। इसके अलावा, इसमें 50 लोगों की क्षमता के 04 मीटिंग रूम भी होंगे। इसमें लाइब्रेरी तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं भी रहेंगी। इसमें एमएसएमई इकाइयों के लिए प्रदर्शनी स्थल की भी व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक सिडबी मो मुस्तफा सहित सिडबी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।