घर वापसी करने वाले प्रवासियों पर नजर रखने के लिए बनायी जाएंगी निगरानी समिति : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य 
May 2, 2020 • Mr Arun Mishra

फेक न्यूज के तहत अब तक ट्वीटर, फेसबुक, टिकटॉक तथा व्हाटसऐप के कुल 123 एकाउण्ट्स को किया गया ब्लॉक

> चीनी मिलों के संचालन में संक्रमण का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया : एसीएस, सूचना 

> प्रवासी श्रमिकों की स्क्रीनिंग करते हुए स्वस्थ लोगों को होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए तथा जो स्वस्थ न मिले, ऐसों को उपचार की व्यवस्था की जाए : एसीएस, सूचना

> प्रभावी पुलिसिंग करते हुए सुनिश्चित करें कि किसी भी दशा में अवैध अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय आवागमन न होने पाये : एसीएस, सूचना

> डॉक्टरों व पैरामैडिक्स की प्रशिक्षण व्यवस्था को जारी रखा जाए : एसीएस, सूचना

> अब तक धारा 188 के तहत 35,174 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई : एसीएस, सूचना

> आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 1,97,222 वाहनों के परमिट जारी किये गये : एसीएस, सूचना

> प्रदेश के 433 हॉटस्पॉट क्षेत्र के 7,86,540 मकान चिन्हित किये गये। इनमें 1712 कोरोना पॉजिटिव पाये गये : एसीएस, सूचना

> डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत 23,518 किराना स्टोर क्रियाशील : एसीएस, सूचना

> श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 30 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी 1 - 1 हजार रूपए की धनराशि दी गई  : एसीएस, सूचना

> शुक्रवार को 331 पूल टेस्ट के माध्यम से 1649 सैम्पल टेस्ट किये गये, जिनमें 23 पूल पॉजिटिव पाये गये : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य 

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार 2 अप्रैल को लोक भवन मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि लॉकडाउन के सम्बन्ध में भारत सरकार द्वारा जारी एडवायजरी का अध्ययन करके उसके अनुरूप गतिविधियां संचालित कराये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अवधि में भी सम्भावनाओं को तलाशने के साथ-साथ संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए औद्योगिक गतिविधियों को संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा है कि चीनी मिलों के संचालन में संक्रमण का एक भी प्रकरण सामने नहीं आया और ईंट-भट्ठा उद्योग भी अच्छी प्रकार चला है। इसी तर्ज पर सभी उद्योगों को चलाया जाए। लॉकडाउन के बाद प्रदेश में निवेश को एक नया आयाम देने के लिए एक वृहद कार्य योजना तैयार की जाए। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि प्रवासी कामगारों, श्रमिकों की उत्तर प्रदेश में वापसी पूर्व यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर लिया गया है और वे संक्रमण मुक्त है। उल्लेखनीय है कि शनिवार को नासिक से 845 श्रमिकों, कामगारों को लेकर विशेष ट्रेन झांसी कानपुर के रास्ते कल लखनऊ आ रही है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि वापस आये सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। सभी जनपदों में इन्फ्रा-रेड थर्मामीटर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रवासी श्रमिकों की सुगमता से जाँच की जा सके। प्रवासी श्रमिकों व कामगारों की स्क्रीनिंग करते हुए स्वस्थ लोगों को 14 दिन के होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए तथा जो स्वस्थ न मिले, ऐसे श्रमिकों के उपचार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के क्वारंटीन प्रोटोकॉल को सुनिश्चित कराने के लिए प्रत्येक जनपद में एक प्रभारी अधिकारी नामित किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि प्रभावी पुलिसिंग करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में अवैध अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय आवागमन न होने पाये। प्रदेश वापस आने वाले समस्त प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों के नाम, पते, मोबाइल नम्बर एवं कार्य दक्षतायुक्त विवरण अवश्य संकलित किया जाएइससे ऐसे श्रमिकों व कामगारों को रोजगार के अवसर सुलभ कराने में सुविधा होगी। उन्होंने 15-20 लाख लोगों को रोजगार के अवसर देने के लिए एक कार्य योजना तत्काल तैयार करने के निर्देश दिये हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के आपदा काल में भी प्रदेश सरकार ने समय से 16 लाख राज्य कर्मचारियों को वेतन तथा 12 लाख रिटायर्ड कर्मियों को पेंशन दे दी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कोरोना के खिलाफ जंग में निर्णायक विजय प्राप्त करने के लिए संक्रमण की प्रत्येक चेन को तोड़ना आवश्यक है। प्रत्येक जनपद में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल चिन्हित किये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज का उपचार केवल कोविड अस्पताल में ही किया जाए। अन्य रोगों के उपचार की व्यवस्था नॉन-कोविड अस्पताल में की जाए। अस्पतालों की इमरजेन्सी में मरीज की स्क्रीनिंग की जाए। कोरोना के लक्षण वाले रोगियों को कोविड अस्पताल में उपचारित किया जाए। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों अथवा छोटे बच्चों के कोरोना संक्रमित होने पर उनका उपचार एल-2 या एल-3 कोविड अस्पताल में किया जाए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या में वृद्धि के लिए तेजी से कार्य किया जाए। सभी मण्डलों में एल-3 अस्पताल स्थापित किये जाएं। उन्होंने बताया कि निर्देश दिये गये हैं कि वेन्टीलेटर की सुविधा उन सभी 20 जनपदों में 03 दिन के अन्दर सुनिश्चित की जाये, जहां अभी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। डॉक्टरों व पैरामैडिक्स की प्रशिक्षण व्यवस्था को जारी रखा जाए। निजी चिकित्सकों तथा आयुष के चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जाए, ताकि कोविड अस्पतालों में इनकी सेवाएं आवश्यकतानुसार प्राप्त की जा सकें। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि सावधानी एवं सतर्कता से ही कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। मेडिकल संक्रमण को रोकने के लिए अस्पतालों में पीपीई किट, एन-95 मास्क, ग्लव्स तथा सेनेटाइजर सहित सुरक्षा के सभी आवश्यक मानक अपनाये जाएँ। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में जनरल ओपीडी अभी संचालित न की जाए। इससे मेडिकल इन्फेक्शन को रोकने में मदद मिलेगी। सभी जनपदों में टेलीफोन पर मरीज को परामर्श प्रदान करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों की सूची समाचार पत्रों में प्रकाशित करायी जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि डोर स्टेप डिलीवरी को और बेहतर बनाया जाए। क्वारंटीन सेन्टर की संख्या में वृद्धि की जाए। इनमें सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाएयह भी सुनिश्चित किया जाए कि क्वारंटीन सेन्टर तथा आश्रय स्थल में साफ-सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रहे। उन्होंने कम्युनिटी किचन में भी साफ-सफाई के सभी मानकों का पालन करते हुए भोजन तैयार कराने के निर्देश दिये। ऐसी व्यवस्था बनायी जाए कि प्रत्येक क्वारंटीन सेन्टर में राजस्व विभाग का एक कर्मी सदैव उपलब्ध रहे। मण्डियों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए भीड़ एकत्र न होने दी जाए। इनमें व्यवस्था बनाये रखने के लिए पीआरडी के जवानों की सेवाएं ली जाएं। मण्डियों में नियमित तौर पर सेनेटाइजेशन ए। प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत निर्माण कार्य संचालित किये जाए। इसके माध्यम से मनरेगा श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को मास्क बनाने तथा आचार, मुरब्बा, पापड़ आदि तैयार करने के कार्य से जोड़ने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निराश्रित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शासन द्वारा अनुमन्य राशि से दिवंगत का अन्तिम संस्कार कराया जाए। श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 35,174 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 29,23,084 वाहनों की सघन चेकिंग में 34,279 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 14,07,12,352 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 1,97,222 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 729 लोगों के खिलाफ 571 एफआईआर दर्ज करते हुए 268 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 433 हॉटस्पॉट क्षेत्र के 286 थानान्तर्गत 7,86,540 मकान चिन्हित किये गये। इनमें 45,35,799 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों की संख्या 1712 है। हॉटस्पॉट क्षेत्रों में 20,444 वाहनों का चालान करते हुए 1512 वाहन जब्त किये गये। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार फेक न्यूज पर कड़ाई से नजर रख रही है। फेक न्यूज के तहत अब तक 679 मामलों का संज्ञान में लेते हुए साइबर सेल को सूचित किया गया है। अब तक ट्वीटर के 38, फेसबुक के 37, टिकटॉक के 47 तथा व्हाटसऐप के 01 एकाउण्ट कुल 123 एकाउण्ट्स को ब्लॉक किया जा चुका है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में स्थापित 5680 क्रय केन्द्र के माध्यम से लगभग 104.34 लाख कुन्तल गेहूँ की खरीद की जा चुकी है। प्रदेश में निःशुल्क खाद्यान्न वितरण के द्वितीय चरण में प्रचलित कुल 3,50,45,249 राशन कार्डो के सापेक्ष लगभग 30,76,046 कार्डों पर 10,80,965 मी टन खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण किया गया है। प्रदेश में 797 सरकारी तथा 1124 स्वैच्छिक कम्यूनिटी किचन के माध्यम से 12,41,229 लोगों को फूड पैकेट्स वितरित किये गये हैं। डोर-स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत 23,518 किराना स्टोर क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से 51,505 डिलीवरी मैन आवश्यक सामग्री निरंतर पहुंचा रहे हैं। फल एवं सब्जी वितरण व्यवस्था के अन्तर्गत कुल 43,238 वाहनों की व्यवस्था की गयी है। इसी क्रम में कुल 55.08 लाख लीटर दूध उपार्जन के सापेक्ष 35.27 लाख लीटर दूध का वितरण 21,543 डिलीवरी वैन के माध्यम से किया गया है। श्री अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 30 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी 1 - 1 हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 58 जनपदों में 1756 मामले एक्टिव हैं। वर्तमान में 06 जनपद कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 656 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। अब तक प्रदेश के 64 जिलों से 2,455 कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि कल 331 पूल टेस्ट के माध्यम से 1649 सैम्पल टेस्ट किये गये, जिनमें 23 पूल पॉजिटिव पाये गये। 1841 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है तथा 11,769 लोगों को फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा गया है। उन्होंने सभी से कोरोना संक्रमण के लक्षण आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या हेल्पलाइन नं0-18001805145 पर सम्पर्क करें। सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण की जाँच एवं इलाज दोनों का ही निःशुल्क इलाज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रवासियों की स्क्रीनिंग कर 21 दिनों के होम क्वारेंटाइन में भेजा जायेगा, जबकि जिनमें थोड़े से भी लक्षण पाये जायेंगे, उन्हें तत्काल जाँच कर फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा जायेगा। उन्होंने बताया कि घर वापसी करने वाले प्रवासियों पर नजर रखने के लिए गांव स्तर पर ग्राम निगरानी समिति एवं शहरों में मोहल्ला निगरानी समिति बनायी जायेगी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में आज से बच्चों के टीकाकरण की व्यवस्था प्रारम्भ कर दी गयी है।