जनपदों में कोरोना वायरस का एक कण्ट्रोल रूम किया जाए स्थापित: मुख्य सचिव
March 15, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 मुख्य सचिव ने वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दिये निर्देश। 
卐 मास्क की जमाखोरी करने तथा एमआरपी रेट से अधिक मूल्य पर बेचने पर सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए: मुख्य सचिव  
卐 सभी जिलाधिकारी आइसोलेशन वार्ड का स्वयं निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करायें: मुख्य सचिव 
卐 प्रदेश में अतिवृष्टि से हुई क्षति का आंकलन कराकर प्रभावित व्यक्तियों को 48 घंटे के अन्दर राहत सहायता उपलब्ध कराएं: मुख्य सचिव 
卐 कोरोना वायरस के विषाणु की जाँच के लिये तीन संस्थानों को भारत सरकार के द्वारा अनुमति प्रदान की गयी है: मुख्य सचिव, उ प्र शासन  
लखनऊ, 14 मार्च, 2020। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि प्रदेश में कोराना वायरस के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण के लिये विभिन्न प्रचार माध्यमों - पैम्पलेट, हैण्ड बिल्स, होर्डिंग्स, रेडियो, समाचार पत्र एवं टेलीविजन इत्यादि के माध्यम से रोग के प्रसार की रोकथाम की जानकारी दी जाए। जनपदों में कोरोना वायरस का एक कण्ट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा इसके फोन नम्बर तथा राज्य मुख्यालय के फोन नम्बर-0522-2230006, 2230009, 2616482, 26110066, 1800-180-5145 तथा भारत सरकार के हेल्पलाईन नं - 91-11-23978046 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। मास्क की जमाखोरी करने तथा एमआरपी रेट से अधिक मूल्य पर बेचने पर सम्बन्धित कैमिस्ट / दुकानदार के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। भारत-नेपाल अन्तर्राष्ट्रीय सीमा, एयरपोर्ट तथा एनसीआर के तहत गाजियाबाद, नोएडा व मेरठ व आसपास के क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाए। 
मुख्य सचिव ने यह निर्देश शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने कहा कि सभी जिलाधिकारी स्वयं आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थायें समय से सुनिश्चित करायें। चीन, इटली, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, रिपब्लिक ऑफ कोरिया तथा ईरान देशों से भारत आने वाले यात्रियों पर विशेष ध्यान रखा जाए तथा भारत सरकार के द्वारा दिए गए गाइड लाइन्स द्वारा उनके कोरेंटाइन के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाए। कोरोना वायरस से संक्रमित होने की आशंका पर आइसोलेशन वार्ड में रखा जाए। श्री तिवारी ने कहा कि प्रदेश में एपिडेमिक डिजीज एक्ट लागू हो जाने के फलस्वरूप एक्ट में दिए प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि 22 मार्च, 2020 तक बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के सभी विद्यालयों और कौशल विकास से जुड़े सभी संस्थानों को बन्द करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन संस्थाओं में परीक्षाएं चल रही हैं वहां यथावत परीक्षाएं सम्पन्न करायी जाएं। शिक्षण संस्थानों के द्वारा परीक्षा वाले कक्षों की अच्छी तरह साफ-सफाई की जाये तथा कुर्सी और मेज को भी डिसइन्फेक्ट किया जाये, ताकि यह बीमारी फैलने न पाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जनता के बीच में इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए कि इस बीमारी से घबराने की आवश्यकता नहीं वरन सावधानी बरतने की जरूरत है। इस बीमारी का फैलाव संक्रमित व्यक्ति के द्वारा खाँसने और छींकने पर मुँह एवं नाक से निकलने वाले ‘ड्रापलेट्स’ के माध्यम से होता है। अतः लोगों को छींकते-खाँसते समय रुमाल अथवा टिशू पेपर इस्तेमाल करने की सलाह दी जाए। साथ ही साथ साबुन एवं पानी से हाथ साफ करते रहने का सुझाव भी दिया जाए। संक्रमित व संदिग्ध व्यक्ति ही मास्क पहनें इसके लिये भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जाए। श्री तिवारी ने बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस के विषाणु की जाँच के लिये तीन संस्थानों - केजीएमयू लखनऊ, बीएचयू मेडिकल काॅलेज वाराणसी, जवाहर लाल नेहरू मेडिकल काॅलेज अलीगढ़ को भारत सरकार के द्वारा अनुमति प्रदान की गयी है। किसी व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण दिखाई पड़ने पर सैम्पल को सुविधानुसार इन तीन में से किसी एक संस्थान को प्रेषित किया जाए। कुछ अन्य संस्थानों को भी इस हेतु तैयार करने की कार्यवाही की जा रही है। इस संक्रामक बीमारी से निपटने के लिये सभी सम्बन्धित विभागों का सहयोग लिया जाए, जिसमें केन्द्र सरकार के विभाग - रेलवे, सेना केन्द्रीय श्रम विभाग के अस्पताल आदि, निजी क्षेत्र के चिकित्सकों, आईएमए इत्यादि का भी सहयोग लिया जाए। मुख्य सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को प्रदेश में हो रही अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से हुई क्षति का आंकलन कराकर प्रभावित व्यक्तियों / परिवारों को नियमानुसार 48 घंटे के अन्दर राहत सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण राहत राशि वितरण कर इसकी सूचना राहत आयुक्त कार्यालय को उनके ई-मेल पर भी उपलब्ध करायी जाए। इस कार्य में शिथिलता बरतने पर सम्बन्धित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, राहत आयुक्त संजय गोयल, सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी हेकाली झिमोमी, सचिव नगर विकास अनुराग यादव, सचिव गृह भगवान स्वरूप, प्रमुख स्टाफ ऑफिसर मुख्य सचिव पंकज कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।