कानपुर में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में वृद्धि के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टीमें लगाई जाएं : मुख्यमंत्री 
September 23, 2020 • Mr Arun Mishra

> कानपुर में मेडिकल कॉलेज की क्षमताओं का पूरा उपयोग करते हुए कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करते हुए रिकवरी दर को बेहतर किया जाए : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने एसजीपीजीआई तथा केजीएमयू में जनरल ओपीडी सेवा प्रारम्भ करने के आदेश दिए।

> आरएमएलआईएमएस को एक डेडिकेटेड कोविड चिकित्सा संस्थान के रूप में संचालित किया जाए : मुख्यमंत्री

> वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से जीएसटी संग्रह कार्य की समीक्षा करेंगे मुख्यमंत्री योगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 22 सितम्बर 2020 को अपने सरकारी आवास लखनऊ में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए।  (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोविड-19 के टेस्टिंग कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने में टेस्टिंग की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए मेडिकल टेस्टिंग के कार्य को पूरी क्षमता से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी मंगलवार 22 सितम्बर 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने जनपद लखनऊ और कानपुर नगर में विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि इन जिलों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में वृद्धि की जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त टीमें लगाई जाएं। उन्होंने कहा कि जनपद लखनऊ में केजीएमयू, एसजीपीजीआई तथा आरएमएलआईएमएस जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान हैं। इसी प्रकार कानपुर में भी मेडिकल कॉलेज सहित अन्य चिकित्सालय उपलब्ध हैं। इन संस्थानों की क्षमताओं का पूरा उपयोग करते हुए दोनों जिलों में कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करते हुए रिकवरी दर को बेहतर किया जाए। उन्होंने कहा कि एसजीपीजीआई तथा केजीएमयू में जनरल ओपीडी सेवा प्रारम्भ की जाए। आरएमएलआईएमएस को एक डेडिकेटेड कोविड चिकित्सा संस्थान के रूप में संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने प्रत्येक जनपद में इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर को पूरी सक्रियता से कार्यशील रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाओं को सुचारु ढंग से संचालित किया जाए। कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त - दुरुस्त बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि वरिष्ठ चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें। पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा लक्षण के आधार पर मरीजों की गहनता से जांच की जाए। प्रारम्भिक लक्षणों वाले मरीजों पर पूरा ध्यान दिया जाए। इससे रोगियों को शीघ्र स्वस्थ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने डोर-टू-डोर सर्वे तथा सर्विलांस कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए सभी प्रयास जारी रखे जाएं। कोविड-19 से बचाव और सुरक्षा के बारे में जागरुकता अभियान पूरी सक्रियता से संचालित किया जाए। इसके लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के साथ - साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी उपयोग किया जाए। प्रमुख चौराहों एवं बाजार आदि में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के द्वारा जनता को कोविड-19 तथा सड़क सुरक्षा के सम्बन्ध में जागरुक किए जाने की कार्यवाही जारी रखी जाए। मुख्यमंत्री जी ने राजस्व संग्रह में वृद्धि के लिए सभी प्रयासों को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों साथ वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से जीएसटी संग्रह कार्य की समीक्षा करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को यह अवगत भी कराया गया कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में आत्मनिर्भर भारत पैकेज एवं किसान क्रेडिट कार्ड के सम्बन्ध में सकारात्मक विचार - विमर्श किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री  आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।