कानपुर में कोरोना के दृष्टिगत माइक्रो एनालिसिस करते हुए कार्ययोजना बनाकर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए : मुख्यमंत्री
September 2, 2020 • Mr Arun Mishra

कानपुर में 12.3 प्रतिशत अधिक पाजिविटी पायी गयी है : अमित मोहन प्रसाद

> कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए 409 लोगों को गिरफ्तार किया गया : अवनीश कुमार अवस्थी

> राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र के टोल फ्री हेल्पलाइन नं0 - 1070 पर प्राप्त 1,19,913 कॉल्स में से 1,19,504 का निस्तारण किया गया : अवनीश कुमार अवस्थी

> प्रदेश में कल एक दिन में अब तक का सर्वाधिक 1,49,874 सैम्पल की जांच की गयी : अवनीश कुमार अवस्थी

> माह अगस्त में प्रदेश की अब तक की सर्वाधिक सैम्पलिंग की पाजिविटी दर 4.6 प्रतिशत है : अमित मोहन प्रसाद

> प्रदेश में 53,666 लोग ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीमेडिसिन का लाभ उठा चुके हैं : अमित मोहन प्रसाद

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद मंगलवार 1 सितम्बर 2020 को लोक भवन मीडिया सेण्टर में प्रेस वार्ता करते हुए। (फोटो : उ प्र सरकार)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने मंगलवार 1 सितम्बर 2020 को लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने आज एक दिन में कोविड - 19 के 01 लाख 49 हजार से अधिक टेस्ट किए जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए टेस्टिंग क्षमता को शीघ्र बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कोविड-19 की कोई कारगर दवा अथवा वैक्सीन विकसित नहीं हो जाती, तब तक अधिक से अधिक टेस्टिंग ही इसके खिलाफ सबसे बड़ा कारगार उपाय है। इसलिए टेस्टिंग कार्य में वृद्धि के प्रयास लगातार जारी रखे जाएं। उन्होंने कहा है कि जनपद लखनऊ तथा कानपुर नगर में कोरोना के दृष्टिगत माइक्रो एनालिसिस करते हुए कार्ययोजना बनाकर इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। जनपद लखनऊ में विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम गठित की जाए, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जनता की स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतों को दूर करने में परामर्श प्रदान करे। उन्होंने कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सर्विलांस तथा डोर - टू - डोर सर्वे कार्य को तेजी से संचालित करने के निर्देश भी दिए हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 2,12,963 लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 1,40,63,807 वाहनों की सघन चेकिंग में 70,417 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 72,58,76,509 रुपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 4,33,924 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 1177 लोगों के खिलाफ 869 एफआईआर दर्ज करते हुए 409 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फेक न्यूज के अन्तर्गत अब तक 2417 मामलों में संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गयी है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश में 89 एफआईआर दर्ज करते हुए 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कन्टेनमेंट जोन में 86,66,519 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन कन्टेनमेंट जोन में कोरोनो पॉजीटिव लोगों की संख्या 41,859 तथा इन्टीट्यूशल क्वारंटीन किये गये लोगों की संख्या 31,816 है। काविड - 19 के सम्बंध में राहत आयुक्त कार्यालय में राज्य स्तर पर स्थापित एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र के टोल फ्री हेल्पलाइन नं0 - 1070 पर प्राप्त 1,19,913 कॉल्स में से 1,19,504 का निस्तारण किया गया है। उन्होंने बताया कि कल उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम द्वारा संचालित 6,699 बसों के माध्यम से 9,72,900 लोगों ने यात्रा की। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कोविड - 19 टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में अब तक का सर्वाधिक 1,49,874 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 57,76,764 सैम्पल की जांच की गयी है। इस प्रकार माह अगस्त में प्रदेश की अब तक की सर्वाधिक सैम्पलिंग की पाजिविटी दर 4.6 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि कानपुर में 12.3 प्रतिशत, गोरखपुर 12.2 प्रतिशत, लखनऊ में 11.5 प्रतिशत, महाराजगंज में 9.2 प्रतिशत तथा देवरिया में 8.3 प्रतिशत, अधिक पाजिविटी पायी गयी है। जबकि हमीरपुर में 1.3 प्रतिशत, सम्भल में 1.2 प्रतिशत, हाथरस में 01 प्रतिशत, बागपत में 0.7 प्रतिशत, तथा महोबा में 0.8 प्रतिशत सबसे कम पाजिविटी पायी गयी हैउन्होंने बताया कि प्रदेश में विगत 24 घंटे में कोरोना के 5571 नये मामले आये है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 55,538 कोरोना के एक्टिव मामले हैं, जिसमें 28,270 लोग होम आइसोलेशन में है। प्रदेश में अब तक 1,76,677 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। इस प्रकार रिकवरी रेट 75 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोग थर्मामीटर तथा पल्स ऑक्सीमीटर साथ रखें। उन्होंने बताया कि यदि किसी को खांसी, बुखार या सांस फूले तो तत्काल हेल्पलाइन नं0 18001805145 अथवा सीएम हेल्पलाइन नं0 1076 पर सम्पर्क करें। श्री प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 82,869 क्षेत्रों में 3,04,606 टीम दिवस के माध्यम से 2,06,25,103 घरों के 10,33,63,515 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ई-संजीवनी पोर्टल का लगातार प्रयोग किया जा रहा है। कल 1960 लोगों ने ई-संजीवनी पोर्टल का प्रयोग करते हुए डॉक्टरों से सलाह ली। उन्होंने बताया कि यदि आपके पास स्मार्ट फोन इंटरनेट कनेक्शन है आप घर बैठे ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीमेडिसीन का लाभ उठा सकते हैं। अब तक प्रदेश में 53,666 लोग ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीमेडिसिन का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि 55,538 एक्टिव मरीजों ने 28,270 लोग होम आइसोलेशन में है जो कि कुल का लगभग 50 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1,04,593 लोग होम आइसोलेशन में थे, जिनमें 76,323 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ्य हो चुके हैं। श्री प्रसाद ने बताया कि माह जुलाई में प्रदेश में कुल 64,993 नये एक्टिव मामले सामने आये थे, जिनमें एक्टिव मरीजों की संख्या 29,328 बढ़ी तथा माह अगस्त में कुल 1,46,709 मामले संज्ञान में आये, जिसमें 19,501 एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़ी। इस प्रकार बहुत तेजी से लोग उपचारित होकर स्वस्थ्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि माह जुलाई, 2019 में एच-1 एन-1 के 04 मामले सामने आये थे, जबकि इस वर्ष कोई भी मामला संज्ञान में नहीं है, माह अगस्त, 2019 में एच-1 एन-1 के 09 मामले सामने आये थे, इस वर्ष माह अगस्त में कोई भी मामला संज्ञान में नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष माह जुलाई, 2019 में 489 मामले डायरिया के थे, इस वर्ष माह जुलाई में कोई भी मरीज नहीं है। माह अगस्त, 2019 में 132 मामले डायरिया के थे, इस वर्ष माह अगस्त में कोई भी मरीज नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कालाजार के 22 मामले थे, इस वर्ष कोई भी नहीं है। उन्होंने बताया कि साफ-सफाई, स्वच्छता, सेनेटाईजेशन तथा मास्क के प्रयोग से कोविड-19 बीमारी के साथ-साथ अन्य बीमारियों पर भी नियंत्रण है। उन्होंने बताया कि डायरिया तथा डिसेन्टरी के क्षेत्रों में इस वर्ष बहुत कमी आयी है।