किसान भाइयों को यंत्र वितरण कर सम्मानित किया गया
February 28, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 विराट मेले में लगभग 2000 किसान आए और यहां कुल 78 स्टाल लगे: चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुलपति
卐 असिंचित क्षेत्र के लिए बीजों की वैरायटी निकाली जा रही है जिससे फसलों में पैदावार और बढ़ सके: डाॅ डी आर सिंह 
卐 किसानों के लिए विद्युत के फीडर अलग किए जाएंगे: राज्य मंत्री लाखन सिंह
卐 उ प्र 242 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में है, जिसमें 166 लाख हेक्टेयर में खेती होती है: राज्य मंत्री कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान, उ प्र
卐 किसानों की प्रगति के लिए 18 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जा रही है।
कानपुर नगर (सूचना विभाग)। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान उ प्र लाखन सिंह राजपूत एवं विशिष्ट अतिथि मा राज्य मंत्री उच्च शिक्षा  विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उ प्र श्रीमती नीलिमा कटियार ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टेडियम ग्राउंड में कृषि सूचना तंत्र का सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत 03 दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय विराट किसान मेले का दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान उ प्र लाखन सिंह राजपूत ने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में 9 एग्रो क्लाइमेटिक जोन में विभाजित किया गया है और हमारा कानपुर मंडल मध्य मैदानी जोन के अंतर्गत आता है। इस जोन के अंतर्गत 12 जनपद आते हैं। इस 03 दिवसीय विराट मेले का उद्देश्य है कि किसान तंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि उ प्र सरकार और भारत सरकार का संकल्प है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आयु 2 गुना हो सके, इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान भाई अभी तक परंपरागत खेती करते थे जिसमें लागत ज्यादा आती थी और पैदावार कम होती थी। उन्होंने कहा कि बगैर खेती की अर्थव्यवस्था अच्छी नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश 242 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में है, जिसमें 166 लाख हेक्टेयर में खेती होती है। पूरे उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से ज्यादा किसान परिवार हैं। उन्होंने कहा कि पूरी आबादी का 68% कृषि से रोजगार पाते हैं। उन्होंने कहा कि मा प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था के लिए 5 ट्रिलियन डॉलर और मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि किसान भाइयों की आय दोगुनी करने के लिए मेलों का आयोजन, किसान पाठशाला, किसान मेले, किसान सेवा रथ भी चलाए जा रहे हैं। जिससे जागरूक होकर उन्नतशील किसान प्रगतिशील किसान बन सके। उन्होंने किसान भाइयों से कहा कि रासायनिक उर्वरक खेती का प्रयोग बंद करने के लिए अपनी जिज्ञासा को जागृत करना होगा जिससे अनेक होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सके। उन्होंने कहा कि उ प्र में 4 कृषि विश्वविद्यालय चल रहे हैं जहां पर बीज शोधन के साथ किसान भाइयों की अधिक फसल पैदावार करने हेतु चिंतन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रगति के लिए 18 घंटे विद्युत की आपूर्ति की जा रही है और अब किसानों के लिए विद्युत के फीडर अलग किए जाएंगे जिससे किसान भाइयों को विद्युत की समस्या से जूझना ना पड़े। उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए कृतिम वर्षा पर भी शोध का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि संरक्षण विभाग द्वारा वर्मी कंपोस्ट पर कार्य किया जा रहा है जिसके प्रयोग से खेती की उर्वरक क्षमता अधिक होगी और जो किसान का मित्र केचुआ 20 फीट नीचे जमीन पर चला गया है वह फिर से ऊपर आकर जमीन को उपजाऊ बनाएगा। उन्होंने कहा कि उ प्र सरकार द्वारा गौ आधारित खेती पर भी बल दिया जा रहा है। उन्होंने नंदकुमार, लालता, राजेश सिंह, कप्तान सिंह, रमेश चंद्र, सुशील तिवारी, अमर सिंह, ऋषि, नीरज, आदि किसान भाइयों को यंत्र वितरण कर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि राज्य मंत्री उच्च शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी उ प्र श्रीमती नीलिमा कटियार ने कहा कि आज चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि है जिन्हें हम स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानी कैसे करें, करेंगे क्या, क्या लागत होगी, क्या आमदनी होगी, किसान भाई अब नई-नई सोच और नए-नए प्रयोग कर रहे हैं जिससे अपनी आए को दोगुना कर सके। उन्होंने कहा कि मा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने किसान के परिवारों की खुशहाली के लिए अनेक योजनाएं चला रहे हैं और किसान भाई खुश रह सकें इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने किसान भाइयों से कहा कि आज जो इस विराट मेले में स्टॉल लगे हैं उनकी पूरी जानकारी लेकर अपने आसपास किसान भाइयों को भी बताएं। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किसान भाइयों के लिए किसान सम्मान राशि, तकनीक क्षेत्र, गंगा किनारे खेती और हर प्रकार के संभव प्रयास कर भूमिका में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान मेले में किसान भाई लाभ उठाएंगे और नई नई तकनीक को अपनाएंगे। अध्यक्ष विश्विद्यालय कुलपति डॉ डी आर सिंह ने कहा कि आज इस विराट मेले में लगभग 2000 किसान आए हैं और यहां कुल 78 स्टाल लगे हैं। उन्होंने कहा कि सभी किसान भाई स्टालों में जाकर देखें और सभी गतिविधियों को जाने, फीडबैक लें, हो सकता है आप लोगों के लिए बहुत सहायक हो। उन्होंने कहा कि उ प्र सरकार और भारत सरकार द्वारा किसान भाइयों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं उन योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि असिंचित क्षेत्र के लिए कई प्रकार बीजों की वैरायटी निकाली जा रही है जिससे फसलों में पैदावार और बढ़ सके। इसके लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है और बीज शोधन पर विशेष ध्यान देकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्व के नक्शे में हमारे देश का, हमारे प्रदेश का और हमारे जनपद का नाम कैसे ऊँचा हो इसके लिए हम सब मिलकर कार्य करेंगे। इसके पूर्व उन्होंने विराट किसान मेला में कृषि विभाग, रेशम विकास विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन विभाग, भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, बैंक, इफको, कृषि उत्पादन मंडी समिति, लघु सिंचाई विभाग, पशुपालन एवं दुग्ध विज्ञान विभाग, उद्यान विभाग, कृषि प्रदर्शनी एवं किसान मेला, मानव विकास विभाग, वस्त्र एवं परिधान विभाग, गृह विज्ञान, प्रसार निदेशालय, बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, कृषि अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग, सहित अनेक प्रकार की लिमिटेड कंपनियों द्वारा लगाए हुए स्टॉल में फसलों के बीज, दवा, खेती करने वाले उपकरण आदि का अवलोकन कर एवं जानकारी लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान भाइयों को फसलों के बीज और फसलों में होने वाली बीमारियों की कीटनाशक दवाओं को विस्तृत जानकारी दें। जिससे किसान भाई अपनी फसल का बचाव कर सकें और पैदावार दोगुना कर सकें। इस अवसर पर निदेशक प्रसार डॉ धूम सिंह, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ वीरेंद्र सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी अनिल यादव, कृषि अधिकारी, आशीष कुमार सहित अनेक अधिकारीगण एवं भारी संख्या में किसान भाई उपस्थित रहे।