किसी भी दशा में दवा के अभाव में मरीज का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए : मुख्यमंत्री
August 20, 2020 • Mr Arun Mishra

> सभी मेडिकल काॅलेज अपने बजट से कोविड-19 के उपचार सम्बन्धी औषधियां एवं अन्य आवश्यक सामग्री क्रय करें : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने 40 लाख 75 हजार से अधिक टेस्ट्स के साथ उत्तर प्रदेश के देश का पहला राज्य बनने पर संतोष व्यक्त किया।

> मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद में एम्बुलेंस सेवाओं की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड प्रकरणों में तथा शेष 50 प्रतिशत का उपयोग नाॅन कोविड प्रकरणों में किए जाने के निर्देश दिए।

 

खाद की कालाबाजारी कर किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध राज्य सरकार सख्ती से पेश आएगी.... 

मुख्यमंत्री जी ने ऐसे लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्यवाही पर विचार करने के निर्देश दिए।

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि प्रदेश सरकार सभी कोविड मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके दृष्टिगत कोविड अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखा जाए। राज्य सरकार द्वारा समस्त जनपदों को कोविड-19 के उपचार के सम्बन्ध में 3 से 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपद में इस धनराशि से कोविड-19 के उपचार की आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी बुधवार 19 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मेडिकल काॅलेज अपने बजट से कोविड-19 के उपचार सम्बन्धी औषधियां एवं अन्य आवश्यक सामग्री क्रय करें। मेडिकल काॅलेज को उपलब्ध कराई गई धनराशि का पूरा उपयोग मरीजों के बेहतर इलाज पर किया जाए। इस कार्य में यदि उदासीनता बरती गई तो सम्बन्धित प्रिंसिपल की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दशा में दवा के अभाव में मरीज का इलाज प्रभावित नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने 40 लाख 75 हजार से अधिक टेस्ट्स के साथ उत्तर प्रदेश के देश का पहला राज्य बनने पर संतोष व्यक्त करते हुए टेस्टिंग गतिविधियों को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 हजार रैपिड एन्टीजन टेस्ट तथा आरटीपीसीआर विधि से 45 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने के लिए सभी प्रयास किए जाएं। उन्होंने काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग के कार्य को और तेज किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों में पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था की जाए। बेड्स की संख्या में वृद्धि इस प्रकार की जाए, जिससे सरप्लस बेड्स भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने प्रत्येक जनपद में 108 तथा एएलएस एम्बुलेंस सेवाओं की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस का उपयोग कोविड प्रकरणों में तथा शेष 50 प्रतिशत का उपयोग नाॅन कोविड प्रकरणों में किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को खाद एवं अन्य कृषि सामग्री सुगमतापूर्वक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार द्वारा इस सम्बन्ध में अनेक कदम उठाए गए हैं। खाद की कालाबाजारी कर किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध राज्य सरकार सख्ती से पेश आएगी। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्यवाही पर विचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विशेष आर्थिक पैकेज के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभान्वित किया जाए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक हितेश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।