किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नं 1076 पर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है कोई भी कामगार
May 17, 2020 • Mr Arun Mishra

हॉटस्पॉट में 21 दिन तक यदि कोई भी संक्रमण नहीं आता है तो उसे हॉटस्पॉट क्षेत्र से मुक्त कर दिया जायेगा : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य

> प्रदेश में अब तक 450 ट्रेन के माध्यम से लगभग 5,64,000 प्रवासी कामगार एवं श्रमिक आये : एसीएस होम

> प्रवासी श्रमिकों को लाये जाने हेतु उ प्र सरकार द्वारा चलाई जा रही ट्रेन में श्रमिकों के किराये का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है : एसीएस होम 

> लगभग 9.50 लाख लोग प्रदेश में या तो आ चुके हैं या इनके आने की व्यवस्था की जा चुकी है : एसीएस होम

> प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में अब तक धारा 188 के तहत 47,189 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई : एसीएस होम

> 16 मई को ट्विटर के 08, फेसबुक के 10 और व्हाट्सअप के 02 मामले को संज्ञान में लिया गया है तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दिया गया है : एसीएस होम

> श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 32.07 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी 1 - 1 हजार रुपए का भुगतान किया गया : एसीएस होम

> खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा स्थापित क्रय केन्द्रों तथा मण्डी परिषद द्वारा कुल 206.30 लाख कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है : एसीएस होम

> शुक्रवार को 420 पूल टेस्ट किये गये जिसमें 59 पूल पॉजीटिव पाये गये : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य

> अब तक कुल 8500 लोगों को फोन कर हाल चाल पूछा जा चुका है : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य 

> बिना मास्क लगाये सार्वजनिक स्थल पर घूमना दण्डनीय अपराध है : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार 16 मई को लोक भवन मीडिया सेल में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने प्रवासी कामगारों, श्रमिकों से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें। प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों, श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए युद्ध स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करा रही है। श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। प्रदेश में अब तक 450 ट्रेन के माध्यम से लगभग 5,64,000 प्रवासी कामगार एवं श्रमिक आये हैं। प्रदेश में आज 12 ट्रेन अन्य प्रदेशों से कामगारों को लेकर आ चुकी हैं तथा 76 ट्रेन और आज आ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को लाये जाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ट्रेन में श्रमिकों का किराये का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। किसी भी श्रमिक को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नं 1076 पर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है जिसका समुचित निवारण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 223 ट्रेन से 03 लाख लोग, महाराष्ट्र से 97 ट्रेन से 1,20,000 लोग, पंजाब से 78 ट्रेन से 90 हजार लोगों सहित तेलंगाना से 06, केरल से 05, तमिलनाडु से 04, आन्ध्र प्रदेश से 02, मध्य प्रदेश से 02, राजस्थान से 12, गोवा से 02 ट्रेन प्रवासी कामगारों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। 286 और ट्रेन की सहमति हो गई है जिसके माध्यम से लगभग 3.85 लाख प्रवासी कामगार प्रदेश में आएंगे। इस प्रकार लगभग 9.50 लाख लोग प्रदेश में या तो आ चुके हैं या इनके आने की व्यवस्था की जा चुकी है। श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 47,189 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 39,70,716 वाहनों की सघन चेकिंग में 41,161 वाहन सीज किये गयेचेकिंग अभियान के दौरान लगभग 18.51 करोड़ रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,36,242 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 798 लोगों के खिलाफ 623 एफआईआर दर्ज करते हुए 283 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फेक न्यूज के तहत अब तक 983 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गयी। आज (16 मई को) कुल 20 मामले, जिनमें ट्विटर के 08, फेसबुक के 10 और व्हाट्सअप के 02 मामले को संज्ञान में लिया गया है तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दिया गया है। फेक न्यूज के तहत अब तक कल 40 एफआईआर पंजीकत करायी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 501 हॉटस्पॉट क्षेत्र के 333 थानान्तर्गत 7,54,976 मकान चिन्हित किये गये। इनमें 42,62,845 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव पाये गये लोगों की संख्या 1815 है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए 5838 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा स्थापित क्रय केन्द्रों के माध्यम से 154.30 लाख कुंतल तथा मण्डी परिषद द्वारा 52 लाख कुंतल कुल 206.30 लाख कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 32.07 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 78,999 औद्योगिक इकाइयों से संपर्क किया गया, जिनमें से 74,240 इकाइयों द्वारा अपने कार्मिकों को रु0 1604.52 करोड के वेतन का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों से जुड़े 17.29 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.41 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्र के 6.37 लाख निराश्रित व्यक्तियों को 1 - 1 हजार रुपए के आधार पर कुल 32.07 लाख लोगों को 320.74 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 72 जनपदों में 1718 मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 2327 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 420 पूल टेस्ट किये गये जिसमें 59 पूल पॉजीटिव पाये गये। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से कॉल किया जा रहा है। अब तक कुल 8500 लोगों को फोन कर हाल चाल पूछा जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से आ रहे प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के घर आशा वर्कर्स जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रही हैं यदि उनमें किसी प्रकार का कोई लक्षण है तो उन्हें हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो भी हॉटस्पॉट एरिया हैं उनमें 21 दिन तक यदि कोई भी संक्रमण नहीं आता है तो उसे हॉटस्पॉट क्षेत्र से मुक्त कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मास्क अथवा फेस कवर को सभी लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मास्क लगाये सार्वजनिक स्थल पर घूमना दण्डनीय हो गया है। ऐसा पाया जाने पर प्रथम एवं दूसरी बार 100 रु, जबकि तीसरी बार या आगे हर बार 500 रु का जुर्माना लगाया जायेगा। दोपहिया वाहन पर एक व्यक्ति ही चल सकता है। एक से अधिक व्यक्ति होने पर प्रथम बार 250 द्वितीय बार 500 तथा तीसरी बार और आगे हर बार 1000 रु जुर्माना लगेगा।