किसी भी समस्या का समाधान हिंसा नहीं देती: पीएम
January 27, 2020 • Mr Arun Mishra


नई दिल्ली (का ० उ ० सम्पादन)। प्रधानमंत्री ने अपने मन की बात कार्यक्रम में 26 जनवरी 2020 को कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं दे सकती है। उन्होंने असम में 8 समूहों के 644 मिलिटेंट्स की प्रशंसा की जिन्होंने अपने हथियारों को आत्मसमर्पण कर दिया और मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। उन्होंने कहा, असम, जिसने भव्य खेलो इंडिया खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी की, एक और बड़ी उपलब्धि का गवाह था। कुछ दिन पहले, 844 आतंकवादी 8 अलग-अलग आतंकवादी समूहों से संबंधित थे, जिन्होंने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। जो लोग हिंसा के मार्ग की ओर भटक गए थे, उन्होंने शांति में विश्वास व्यक्त किया है और देश की प्रगति में भागीदार बनने और मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 80 से अधिक लोगों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और मुख्यधारा में लौट आए और पूर्वोत्तर में उग्रवाद काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा, इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इस क्षेत्र का हर मुद्दा ईमानदारी और शांति से बातचीत के जरिए हल किया जा रहा है। जो अभी भी हिंसा की राह पर हैं उनको मुख्यधारा में लौटने का पीएम ने आग्रह किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर, मैं देश के किसी भी हिस्से में किसी से भी अपील करूंगा, जो अभी भी हिंसा और हथियारों के माध्यम से समस्याओं का समाधान तलाश रहा है, मुख्यधारा में वापस आ सके। उन्हें अपनी क्षमताओं और शांति से मुद्दों को सुलझाने के लिए इस देश की क्षमताओं में विश्वास होना चाहिए।