कोरोना वायरस के संक्रमण को छुपाने एवं न बताने वाले लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी 
April 13, 2020 • Mr Arun Mishra

प्रदेश में आईसीएमआर द्वारा मिली पूल टेस्टिंग की अनुमति, सैम्पल की टेस्टिंग कर स्क्रीनिंग के कार्य में आएगी तेजी : प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

> मुख्यमंत्री ने पीलीभीत जनपद के कोरोना संक्रमण मुक्त होने पर स्वास्थ्य विभाग, जिला एवं पुलिस प्रशासन को बधाई दी।

> न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर अनुमन्य नहीं होगी किसानों से गेहूं खरीद : एसीएस

> कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से गांव अथवा खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए : एसीएस

> प्रथम चरण में 146 हॉटस्पॉट में  9,78,055 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया : एसीएस

> द्वितीय चरण में 62 हॉटस्पॉट में 9,50,828 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया : एसीएस

> हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए 112 सामुदायिक किचन संचालित : एसीएस

> खाद्यान्न वितरण योजना के तहत निःशुल्क श्रेणी के अन्तर्गत 1 करोड़ 27 लाख राशन कार्डों के सापेक्ष 86 लाख से अधिक कार्डों पर खाद्यान्न वितरित किया गया : एसीएस

> इसके अतिरिक्त प्रदेश में प्रचलित कुल 3 करोड़ 56 लाख राशन कार्डों के सापेक्ष 2 करोड़ 86 लाख कार्डों पर खाद्यान्न का वितरण किया गया : एसीएस

> लॉकडाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 16,572 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई : एसीएस

> श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े 12.65 लाख श्रमिकों के खाते में 1 - 1 हजार रूपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई : एसीएस

> इसके अतिरिक्त नगरीय क्षेत्र के 4.78 लाख श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के 3.33 लाख निराश्रित व्यक्तियों को भी 1 - 1 हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया गया : एसीएस

> प्रदेश सरकार टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को टेली कन्सलटेन्सी की सुविधा मुहैया करा रही है : प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने सोमवार को लोक भवन मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस के संक्रमण को छुपाने एवं जानबूझकर न बताने वाले लोगों को चिन्हित कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जिला अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये गये हैं कि ग्रामीण स्तर पर सघन चेकिंग करा लें ताकि कहीं कोई कोरोना संक्रमित छुपा न रहे, कहीं पर कोरोना संक्रमित छुपे हुए पाये जाते है तो जिला और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने हॉटस्पाट वाले क्षेत्रों के सेनेटाईजेशन एवं डोर स्टेप डिलीवरी पर विशेष ध्यान दिया जाने के निर्देश दिये हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोरोना जाँच हेतु टेस्टिंग लैब को और मजबूत करते हुए टेस्टिंग की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिये हैं। इसके अतिरिक्त टेलीमेडिसिन के माध्यम से टेलीकन्सल्टेन्सी पर विशेष बल दिये जाने के निर्देश दिये हैं। पीलीभीत जनपद के कोरोना संक्रमण मुक्त होने पर स्वास्थ्य विभाग, जिला एवं पुलिस प्रशासन को बधाई दी है। मुख्यमंत्री जी ने मंडियों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराये जाने के निर्देश दिये है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए नियमों का सरलीकरण कर उनकी सहायता करें। किसानों से गेहूं खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर अनुमन्य नहीं होगी। फसलों के प्रोक्योरमेंट तथा मंडी की व्यवस्था को और सुचारू बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक क्रय के रूप में एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से गांव अथवा खेत से ही उपज की खरीद को प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश में अवैध शराब को लेकर वृहद स्तर पर कार्यवाही की जा रही है। कानपुर की अवैध शराब से जुड़ी घटना से सम्बंधित अधिकारियों, कर्मचारियों को तत्कालिक प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। श्री अवस्थी ने बताया कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में फायर टेण्डर से सेनेटाईजेशन किया जा रहा है, इन क्षेत्रों में नियम तोड़ने वालो के खिलाफ कार्यवाही की गई। प्रथम चरण में 146 हॉट स्पॉट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 1,71,232 मकान चिन्हित करते हुए 9,78,055 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इन हॉटस्पॉट क्षेत्र में 401 कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति मिले हैं एवं 2470 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों में से 2427 व्यक्तियों को संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा गया है। द्वितीय चरण में 62 हॉटस्पॉट चिन्हित करके कार्यवाही की गई है। अब तक 1,62,664 मकान चिन्हित करते हुए 9,50,828 व्यक्तियों को चिन्हित किया गया है। इन हॉटस्पॉट क्षेत्र में 80 कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति हैं, जबकि 1062 व्यक्ति इंस्टीटूशनल क्वारेंटाइन में रखे गये हैं। प्रदेश के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में अधिवासित लोगों को 1647 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ एवं मैन के द्वारा दूध वितरित किया जा रहा है। फल एवं सब्जी वितरण के लिए कुल 2081 वाहन लगाये गये हैं इन क्षेत्रों में 2256 व्यक्तियों एवं 1683 प्रोविजनल स्टोर के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा रही है। हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए 112 सामुदायिक किचन संचालित हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि जिला प्रशासन की अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति या संस्था फूड पैकेट्स का वितरण नहीं करेगा। बिना अनुमति के फूड पैकेट्स बांटने पर सम्बंधित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 720 सरकारी तथा 1756 स्वैच्छिक कम्यूनिटी किचन के माध्यम से 12,20,867 लोगों को फूड पैकेट्स वितरित किये गये हैं। खाद्यान्न वितरण योजना के तहत निःशुल्क श्रेणी के अन्तर्गत 1,27,75,880 राशन कार्डों के सापेक्ष (अन्त्योदय की संख्या सहित) के सापेक्ष 86,74,644 कार्डों पर खाद्यान्न वितरित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में प्रचलित कुल 3,56,39,758 राशन कार्डों के सापेक्ष 2,86,11,704 कार्डों पर खाद्यान्न का वितरण किया गया। प्रदेश में डोर-स्टेप-डिलीवरी व्यवस्था के अन्तर्गत 21,229 किराना स्टोर क्रियाशील हैं, जिनके माध्यम से 49,358 डिलीवरी मैन आवश्यक सामग्री निरंतर पहुंचा रहे हैं। फल एवं सब्जी वितरण व्यवस्था के अन्तर्गत कुल 42,944 वाहनों की व्यवस्था की गयी है। इसी क्रम में कुल 52.79 लाख लीटर दूध उपार्जन के सापेक्ष 34.13 लाख लीटर दूध का वितरण 20,012 डिलीवरी वैन के माध्यम से किया गया है। श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लॉकडाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 16,572 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 15,85,089 वाहनों की सघन चेकिंग में 21,967 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 6,55,66,300 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 1,50,845 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 493 लोगों के खिलाफ 395 एफआईआर दर्ज करते हुए 170 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार फेक न्यूज पर कड़ाई से नजर रख रही है। फेक न्यूज के तहत अब तक 255 मामलों का संज्ञान में लेते हुए साइबर सेल को सूचित किया गया है जो जाँच के बाद कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। श्री अवस्थी ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े 12.65 लाख श्रमिकों के खाते में एक-एक हजार रूपए की धनराशि आरटीजीएस के माध्यम से भेजी गई है। इसके अतिरिक्त नगरीय क्षेत्र के 4.78 लाख श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के 3.33 लाख निराश्रित व्यक्तियों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की 33.151 फैक्टी से सम्पर्क किया गया. जिनमें 30.466 द्वारा अपने श्रमिकों को वेतन का वितरण कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 5,469 औद्योगिक इकाईयां चालू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग की सब कमेटी द्वारा आश्रय स्थल की संख्या 5.241 हो गयी है जिनमें अब तक रहने वालों की संख्या 1,25,989 है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में आईसीएमआर द्वारा पूल टेस्टिंग की अनुमति मिल गयी है, जिससे एक साथ कई सैम्पल की टेस्टिंग कर स्क्रीनिंग के कार्य में तेजी आयेगी। उन्होंने बताया कि देश में पूल टेस्टिंग करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। प्रदेश में अब प्रतिदिन लगभग 2,000 सैम्पल टेस्ट किये जा रहे हैं। अब तक 14,242 लोगों का टेस्ट किया गया जिसमें से 13,692 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। प्रदेश सरकार स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नं0 1800-180-5145 पर टेलीमेडिसिन के माध्यम से लोगों को टेली कन्सलटेन्सी की सुविधा मुहैया करायी जा रही है। टेली कन्सलटेन्ट के लिए इच्छुक अवकाश प्राप्त एवं प्राइवेट चिकित्सक भी स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। आकस्मिक सेवाओं को जारी रखा जायेगा। संक्रमण से बचाव के लिए चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ आदि को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षित किया जायेगा। अब तक प्रदेश के 41 जिलों से 550 कोरोना पॉजिटिव के मामले सामने आए हैं इनमें से 47 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कुल पॉजिटिव पाये गये मरीजों में 307 मरीज तब्लीगी जमात के हैं।