कोरोना वैश्विक महामारी को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालयों का सत्र नियमित रहे एवं छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो
July 12, 2020 • Mr Arun Mishra

> उत्तर प्रदेश शासन द्वारा आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-21 को प्रारंभ किया जाना एवं अध्ययन अध्यापन की गतिविधियों तथा शैक्षणिक कैलेण्डर निर्धारण सम्बन्धी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

> 31.07.2020 तक सभी संकायों एवं विषयों के ई-कन्टेन्ट पूरी तरह चिह्नित अथवा तैयार कर लिया जाए।

> स्नातकोत्तर अथवा स्नातक की ऑनलाइन कक्षाएं 04 अगस्त 2020 से प्रारम्भ होंगी।

> नव प्रवेशित स्नातक छात्रों के सम्बन्ध में सत्र 2020-21 का शिक्षण कार्य स्थितियां सामान्य होने की दशा में दिनांक 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ होगा।

> स्मार्ट क्लासरूम की सहायता से भौतिक रूप से संचालित कक्षाओं का विभिन्न ऑनलाइन मीटिंग सॉफ्टवेयर की सहायता से लाइव टेलीकास्ट सुनिश्चित किया जाएगा।

> छात्र को सम्बंधित प्रश्नपत्र में प्राप्त कुल अंक का 251 से 50% अंक तक उस प्रश्न पत्र के वार्षिक अथवा सेमेस्टर परीक्षा के अंक में जोड़ कर परीक्षा परिणाम निर्मित किया जाएगा।

> ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पठन-पाठनपर दिया गया है बल।

लखनऊ (का उ सम्पादन)। विशेष सचिव, उत्तर प्रदेश शासन मनोज कुमार ने निदेशक, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश प्रयागराज व समस्त राज्य विश्व विद्यालयों के कुलसचिव को आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-21 को प्रारंभ किया जाना एवं अध्ययन अध्यापन की गतिविधियों तथा शैक्षणिक कैलेण्डर निर्धारण सम्बन्धी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मनोज कुमार ने अवगत कराया है कि सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र दिनांक 30.06.2020 के माध्यम से अनलॉक 2.0 अवधि के सम्बन्ध में सभी कालेज एवं शैक्षिक संस्थान दिनांक 31.07.2020 तक बन्द रहने तथा फैकल्टी मेम्बर अथवा शिक्षक अथवा शोधकर्ता अथवा शिक्षणेत्तर कर्मचारी को वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से ऑनलाइन अथवा दूरस्थ शिक्षा की स्वीकृति प्रदान करते हुए इसे प्रोत्साहित करने का उल्लेख किया गया है। विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं एवं शैक्षणिक कैलेण्डर के निर्धारण के सम्बन्ध में यूजीसी द्वारा निर्गत दिशा-निर्देश दिनांक 29 अप्रैल, 2020, दिनांक 06 जुलाई, 2020 एवं 08 जुलाई, 2020 द्वारा दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दृष्टिगत घोषित लॉकडाउन की अवधि में प्रदेश के विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक कार्यालय खोले जाने के सम्बन्ध में गृह (गोपन) अनुभाग-3 के शासनादेश दिनांक 21-4-2020 द्वारा दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं, जिसे उच्च शिक्षा अनुभाग-3 के शासनादेश दिनांक 24 अप्रैल, 2020 द्वारा अनुपालनार्थ प्रेषित किया गया है। उक्त दिशा-निर्देशों तथा शासनादेश दिनांक 24 अप्रैल, 2020 के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश राज्य के विश्वविद्यालयों के आगामी शैक्षणिक सत्र 2020-21 को प्रारंभ किये जाने एवं अध्ययन-अध्यापन की गतिविधियों तथा शैक्षणिक कैलेण्डर का निर्धारिण किये जाने के सम्बन्ध में निर्देश निर्गत किये गए। कोविड-19 वैश्विक महामारी को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालयों का सत्र नियमित रहे एवं छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो, इस परिप्रेक्ष्य में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को ध्यान में रखते हुए सभी विश्वविद्यालयों से यह अपेक्षित है कि विश्वविद्यालय उक्त मार्गदर्शी गाइडलाइन विकल्पों को ध्यान में रखते हुये अपनी परिनियमावलियों एवं अपने छात्रों की आवश्यकता के अनुरूप अपने कार्य परिषद् अथवा सक्षम प्राधिकारी के स्तर से सम्यक् विचार कर निर्णय लेने को कहा गया है। कोविड-19 के सम्बन्ध में भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का भी कड़ाई से अनुपालन किया जाना आवश्यक होगा।

(1) ई-कन्टेंट की तैयारी : -

• विभागाध्यक्ष अथवा डीन अथवा कुलपतिगण दिनांक 13.07.2020 से विश्वविद्यालय परिसरों में आकर ई-कन्टेन्ट तैयार कराते हुए अपलोड करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित किया जाये। कुलपति अथवा डीन अथवा विभागाध्यक्ष द्वारा निरन्तर उक्त कार्य की समीक्षा की जायेगी ताकि दिनांक 31.07.2020 तक सभी संकायों एवं विषयों के ई-कन्टेन्ट पूरी तरह चिह्नित अथवा तैयार कर लिया जाए। आवश्यकतानुसार कुलपति अथवा डीन अथवा विभागाध्यक्ष द्वारा शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों को विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय परिसर में बुलाया जा सकता है और ई-कन्टेन्ट की तैयारी में मार्गदर्शन करते हुए ई-लेक्चर रिकार्ड कराये जाने, प्रवेश की प्रकिया संचालित किये जाने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, परीक्षा परिणाम तैयार किये जाने आदि कार्यों को सम्पादित कराया जा सकता है। रूसा के सहयोग से अनेक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम बनाये गये हैं। जिनका भरपूर उपयोग इस कार्य हेतु किया जायेगा। उक्तानुरूप तैयार किये गए ई-कंटेंट अथवा वीडियो-लेक्चर को प्रत्येक विश्वविद्यालय ओपन-एक्सेस लिंक के साथ पाठ्यक्रमवार अपने वेब-पोर्टल पर उपलब्ध कराएंगे, जिसे सहयुक्त महाविद्यालय के छात्रों के साथ-साथ अन्य विश्वविद्यालयों के छात्र भी डाउनलोड कर लाभ प्राप्त कर सकें। आवश्यकतानुसार कुलपति अथवा कुलसचिव शिक्षणेतर कार्मिकों से इस अवधि में परिसर के अन्य प्रशासनिक कार्य, सैनिटाइजेशन आदि से सम्बन्धित कार्यों का निस्तारण करायेंगे। इन कार्यों में जब भी फैकल्टी एवं अन्य स्टाफ को बुलाया जाए तो सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेन्सिंग तथा मास्क आदि का अवश्य प्रयोग किया जाए। 13 जुलाई से 03 अगस्त तक शिक्षकों द्वारा अभिभावकों के साथ प्रत्यक्ष अथवा दूर संचार एवं अन्य माध्यमों से संवाद स्थापित किया जाए।

(2) प्रवेश प्रक्रिया : -

. सत्र 2020-21 के लिये स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया दिनांक 15 सितम्बर 2020 तक तथा स्नातकोतर प्रथम वर्ष में 31 अक्टूबर, 2020 तक सम्पन्न कर ली जाएगी। प्रवेश की सम्पूर्ण प्रकिया पूर्णतया ऑनलाइन सम्पादित की जाएगी।

(3) शैक्षणिक सत्र का प्रारम्भ : -

स्नातकोत्तर अथवा स्नातक के प्रथम वर्ष को छोड़कर स्नातकोत्तर अथवा स्नातक की ऑनलाइन कक्षाएं 04 अगस्त 2020 से प्रारम्भ होंगी। स्थितियां सामान्य होने की दशा में दिनांक 01 अक्टूबर, 2020 से कक्षाओं में प्रत्यक्ष पठन-पाठन कार्य प्रारंभ किये जायेंगे। नव प्रवेशित स्नातक छात्रों के सम्बन्ध में सत्र 2020-21 का शिक्षण कार्य स्थितियां सामान्य होने की दशा में दिनांक 01 अक्टूबर, 2020 से प्रारम्भ होगा।

(4) पठन-पाठन कार्य :

पाठ्यक्रम के सापेक्ष प्रथम 45 दिनों (कम से कम) तक सिर्फ ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाए। उसके पश्चात् ऑनलाइन के साथ-साथ सामानांतर रूप से, सम्बंधित पाठ्यक्रम में छात्रों की संख्या के दृष्टिगत, कक्षाओं में छात्रों के ग्रुप का रोटेशन बनाकर भौतिक दूरी रखते हुए छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। एक वर्ष के छात्र एक सप्ताह भर संस्थान में भौतिक रूप से उपस्थित हों और उनके 3-4 ग्रुप बनाकर अलग-अलग विषयों की कक्षाएं इस प्रकार आयोजित की जाएं कि कंसन्ट्रेटेड कैप्सूल में उनकी पृच्छाओं अथवा कठिनाइयों का समाधान किया जा सके। तत्पश्चात दूसरे वर्ष के छात्र दूसरे सप्ताह संस्थान में भौतिक रूप से उपस्थित हो। स्मार्ट क्लासरूम की सहायता से भौतिक रूप से संचालित कक्षाओं का विभिन्न ऑनलाइन मीटिंग सॉफ्टवेयर की सहायता से लाइव टेलीकास्ट सहयुक्त महाविद्यालयों में भी सुनिश्चित किया जाएगा। विमर्श, विश्लेषण तथा समस्या समाधान हेतु कांटैक्ट-क्लासेस की व्यवस्था की जानी चाहिए। जो कोरोना के प्रकोप को देखते हुए अक्टूबर-नवम्बर से आयोजित की जा सकती है। छात्र-शिक्षक के पारस्परिक सम्बन्ध और शैक्षणिक विमर्श के लिए भौतिक दूरी तथा स्वास्थ्य सम्बन्धी व्यवस्था के दृष्टिगत इस प्रकार की कांटेक्ट-क्लासेज का आयोजन किया जाना उचित होगा। संचालित पाठ्यक्रमों के प्रत्येक प्रश्नपत्र में ट्यूटोरिअल अथवा असाइनमेंट्स अथवा प्रोजेक्ट्स अथवा ऑनलाइन कॉन्टेंट डिलीवरी अथवा वीडियो क्लासेज अथवा वर्चुअल लेबोरेटरी की व्यवस्था को समाहित करते हुए यदि आवश्यक हो तो सत्रारंभ से पूर्व पाठ्यक्रम समिति के माध्यम से पाठयक्रम संरचना में आवश्यक सुधार कर लिए जाएं। प्रायोगिक कक्षाओं के लिए भी इस प्रकार व्यवस्था बनाई जाए कि यथासंभव सिमुलेशन सॉफ्टवेयर और वर्चुअल लैब्स से एक्सपेरिमेंट सिखाएं। जाएं और जिन प्रयोगों के लिए छात्रों की भौतिक उपस्थिति अनिवार्य हो, उन्हें उक्तानुसार एक-एक सप्ताह में सिखाया जाए। इस पूरी प्रकिया के लिए स्ट्रेटेजिक प्लानिंग की आवश्यकता होगी जो शिक्षकों द्वारा 13 जुलाई से 03 अगस्त, 2020 के मध्य सुनिश्चित की जाए।

(5) निरन्तर मूल्यांकन सेमेस्टर अथवा वार्षिक परीक्षा :

मिड-टर्म-परीक्षा अथवा सेशनल-परीक्षा अथवा ट्यूटोरिअल अथवा असाइनमेंट्स अथवा प्रोजेक्ट्स का पाठ्यक्रम में समावेश किये जाने की संस्तुति छात्र के शैक्षिक प्रदर्शन के सतत मूल्यांकन की दृष्टि से की जा रही है। पाठयक्रम में सतत् मूल्यांकन की प्रकिया के समावेश से भविष्य में कोविड-19 जैसी आकस्मिक स्थिति में छात्र हित को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। सभी पाठ्यक्रमों में सेशनल परीक्षा के साथ मिड-टर्म परीक्षा का भी प्रावधान किया जाए। जिसे सम्बन्धित विभाग अथवा सहयुक्त महाविद्यालय अपने स्तर से ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से सम्पन्न करायें और आवंटित अंकों को विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं। सम्बन्धित विभागों अथवा सहयुक्त महाविद्यालयों द्वारा टयूटोरिअल अथवा असाइनमेंट्स अथवा प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन कर उसके अंकों को विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया जायेगा। मिड-टर्म-परीक्षा अथवा सेपनल-परीक्षा अथवा दूटोरिअल अथवा असाइनमेंट्स अथवा प्रोजेक्ट्स के सापेक्ष अंको का वितरण सत्रारंभ से पूर्व पाठयाम समिति के माध्यम से निर्धारित कर लिया जाए। प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए अंकों का निर्धारण इस प्रकार किया जाये कि मिड-टर्म अथवा सेमनल परीक्षा अथवा दूटोरिअल अथवा असाइनमेंट्स अथवा प्रोजेक्ट्स के लिये सेमेस्टर अथवा वाधिक स्तर पर निर्धारित अंक पूर्णांक के सापेक्ष अधिकतम 50 प्रतिशत हो। मिड-टर्म-परीक्षा अथवा  सेशनल-परीक्षा अथवा दूटोरिअल अथवा असाइनमेंटस अथवा प्रेजेक्टस में छात्र को सम्बंधित प्रश्नपत्र में प्राप्त कुल अंक का 251 से 50% अंक तक उस प्रश्न पत्र के वार्षिक अथवा सेमेस्टर परीक्षा के अंक में जोड़ कर परीक्षा परिणाम निर्मित किया जाएगा। वार्षिक अथवा  सेमेस्टर परीक्षा के किन्हीं कारणों से न हो पाने की स्थिति में ये अंक प्रोजेक्ट किए जा सकते हैं।

(6) शैक्षणिक कैलेण्डर :

विश्वविद्यालयों द्वारा सत्र 2020-21 हेतु शैक्षणिक क्रिया - कलापों के समयबद्ध संपादन के लिए समय-सारणी निम्नवत प्रस्तावित है। विश्वविद्यालय आक्यकतानुसार ग्रीष्मकालीन अथवा शीतकालीन एवं अन्य अवकाशों में पर्याप्त कटौती करते हुए निम्नाकित समय सारणी के अनुसार अपना शैक्षणिक कैलेन्डर 20 जुलाई 2020 तक अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें :

ई-कन्टेन्ट की तैयारी प्रारम्भ - 13 जुलाई 2020

प्रथम वर्ष को छोड़कर अन्य कक्षाओं में आनलाइन शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने की तिथि - 4 अगस्त, 2020

प्रथम वर्ष में प्रवेश की अंतिम तिथि - 15 सितम्बर 2020

स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाओं में शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने की तिथि - 01 अक्टूबर 2020 

स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की कक्षाओं में शिक्षण कार्य प्रारम्भ करने की तिथि - 01 नवम्बर 2020

मिड-टर्म / बैक पेपर परीक्षा सम्पन्न कराये जाने की अंतिम तिथि - 06 दिसम्बर 2020

स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष विषम सेमेस्टर परीक्षा सम्पन्न कराये जाने की अंतिम तिथि - 15 मार्च 2021

स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं को सम्पन्न कराये जाने की समयावधि - 1 मई से 15 जून 2021

सम सेमेस्टर के लिये मिड-टर्म परीक्षाओं को सम्पन्न कराये जाने की अतिम तिथि - 30 अप्रैल 2017

सम सेमेस्टर की परीक्षाओं को सम्पादित कराये जाने की अतिम तिथि पी0जी0 प्रथम वर्ष - 30 जुन 2021

वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम घोषित किये जाने की अतिम तिथि - 15 जून 2021