कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को तत्परता के साथ आगे बढ़ाया गया : मुख्यमंत्री
August 10, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम तथा पीसीवी वैक्सीन के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

> मुख्यमंत्री ने विटामिन-ए की खुराक बच्चों की पिलाई।

> प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा रतौंधी जैसी बीमारियों से बचाव हेतु 09 माह से 05 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। इसके तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लगभग 2 . 5 करोड़ बच्चों को विटामिन-ए दिया जाना है।

> कृमि मुक्त अभियान के माध्यम से प्रदेश के लगभग 10 करोड़ बच्चे, किशोर व किशोरी लाभान्वित होंगे : मुख्यमंत्री

> प्रदेश के 19 जनपदों में पीसीवी वैक्सीन पूर्व से ही लगायी जा रही है, आज से इस वैक्सीन को प्रदेश के अन्य 56 जनपदों में भी लगाया जाएगा।

> शुभारम्भ किये जाने वाले तीनों अभियानों से शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 10 अगस्त 2020 को अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम तथा पीसीवी वैक्सीन अभियान का शुभारम्भ करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपने लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, विटामिन-ए सम्पूरण कार्यक्रम तथा पीसीवी वैक्सीन के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि स्वस्थ बचपन आजीवन स्वास्थ्य का आधार है। अच्छा स्वास्थ्य समाज और व्यक्ति के जीवन को सुखी व समर्थ बनाते हुए राष्ट्र को विकसित व समृद्ध बनाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों के माध्यम से देश के बचपन को बचाने व स्वस्थ बनाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को तत्परता के साथ आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री योगी सोमवार 10 अगस्त 2020 को अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान, विटामिन–ए सम्पूरण कार्यक्रम तथा पीसीवी वैक्सीन के शुभारम्भ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विटामिन ए की खुराक बच्चों की पिलाई। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रारम्भ किये जाने वाले शिशु, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य अभियानों में सभी अपनी - अपनी भागीदारी निभाएं। इसका व्यापक प्रचार - प्रसार हो। यह पावन कार्य राष्ट्र, व्यक्ति और समाज के हित का कार्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर आज 10 अगस्त से प्रदेश के 11 जनपदों में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का शुभारम्भ किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत सभी 1 से 19 वर्ष के बच्चों को कृमि नियंत्रण दवाई खिलाई जाएगी। प्रथम चरण में आज से प्रारम्भ होकर अगले 10 दिन तक चयनित 11 जनपदों- अमेठी, अमरोहा, बांदा, चित्रकूट, एटा, फिरोजाबाद, हापुड़, हाथरस, कासगंज, शाहजहांपुर तथा सोनभद्र में यह अभियान चलाया जाएगा। इन 11 जनपदों में कृमि मुक्त किये जाने वाले 1 से 19 वर्ष के बच्चों तथा किशोर तथा किशोरियों की संख्या 99 लाख 28 हजार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्त अभियान के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों में लगभग 10 करोड़ बच्चे, किशोर किशोरी लाभान्वित होंगे। यह अभियान चार चरणों में माह अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर तथा नवम्बर, 2020 में संचालित किया जाएगा। इसके तहत 1 से 19 वर्ष के बच्चों तथा किशोर तथा किशोरियों को 400 मिली ग्राम एल्बेण्डाजॉल की चबाने वाली गोली दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीसीवी (न्यूमोकोकल कॉन्ज्यूगेट वैक्सीन) कार्यक्रम का भी शुभारम्भ किया जा रहा है। इस टीकाकरण से न्यूमोनिया और दिमागी बुखार जैसी बीमारियों से होने वाली शिशु मृत्यु दर को रोकने में सफलता मिलेगी। अनेक ऐसी बीमारियां हैं, जिन्हें नियमित टीकाकरण से रोका जा सकता है। टीकाकरण बच्चों के भविष्य व जीवन को सुरक्षित करने का सबसे कारगर तरीका है। टीकाकरण अभियान पर प्रधानमंत्री जी ने विशेष जोर दिया है। हमारा पूरा प्रयास होना चाहिए कि जीवन को सुरक्षित करने वाली वैक्सीनों का लाभ हर बच्चे तक पहुंचे। प्रदेश के 08 आकांक्षात्मक जनपदों में इस वैक्सीन का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश के 19 जनपदों में यह वैक्सीन पूर्व से ही लगायी जा रही है। आज से इस वैक्सीन को प्रदेश के अन्य 56 जनपदों में भी लगाया जाएगा। इसी प्रकार विटामिन–ए सम्पूरण कार्यक्रम का शुभारम्भ हो रहा है। इसके तहत प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि तथा रतौंधी जैसी बीमारियों से बचाव हेतु 09 माह से 05 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। इसके तहत निर्धारित लक्ष्य के अनुसार लगभग ढाई करोड़ बच्चों को विटामिन-ए दिया जाना है। कोविड-19 के संक्रमण काल में विटामिन-ए की खुराक लाभकारी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 05 वर्ष के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक और पीसीवी वैक्सीन का टीकाकरण निःशुल्क कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण काल में सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तर प्रदेश में इस बीमारी से संक्रमित रोगियों की रिकवरी के प्रतिशत में बढ़ोत्तरी तथा मृत्यु दर को न्यूनतम रखने में सफलता मिली है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सराहना करते हुए कहा कि इस बीमारी को नियंत्रित करने तथा संक्रमित व्यक्तियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि एनएचएम से जुड़े कार्यक्रमों एवं अभियानों को भी प्राथमिकता के स्तर पर व्यापक रूप से चलाया गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान इसका उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आज से प्रारम्भ किये जाने वाले तीनों शिशु, बाल एवं किशोर स्वास्थ्य अभियानों के माध्यम से प्रदेश के बच्चों व किशोर-किशोरियों को स्वस्थ, सुरक्षित और सफल जीवन उपलब्ध कराने में कामयाबी मिलेगी। इससे प्रदेश व देश का भविष्य उज्ज्वल बनेगा। उन्होंने अभियान की सफलता के प्रति सभी को बधाई व शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी बच्चों के लिए यह अभियान सुरक्षा कवच का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार हो रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी महत्वपूर्ण एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज से शुभारम्भ किये जाने वाले तीनों अभियानों से शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। प्रदेश के सभी जनपदों में पीसीवी वैक्सीन निःशुल्क लगायी जाएगी। इससे न्यूमोनिया बीमारी को व्यापक स्तर पर नियंत्रित किया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं डॉ डी एस नेगी, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ मिथिलेश चतुर्वेदी, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उ प्र श्रीमती अपर्णा उपाध्याय सहित यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूएनडीपी के प्रतिनिधि तथा माताएं व बच्चे उपस्थित थे।