लॉकडाउन अवधि में सड़क दुर्घटना में घायल य मृत के मुआवजे का मुकदमा निःशुल्क लड़ा जाएगा : अधिवक्ता परिषद
May 28, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 न्याय समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति की पहुंच में रहे : प्रांत प्रचारक 
卐 अधिवक्ता परिषद ने स्वाध्याय मंडल का ऑनलाइन प्रसारण प्रारंभ किया तो हजारों की संख्या में प्रदेश के अधिवक्ता उससे सीधे जुड़े : प्रांत प्रचारक
卐   जनसामान्य को न्याय प्रणाली से जुड़ी हुई तकनीकी जानकारी देने के लिए अधिवक्ता परिषद विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगा : प्रदेश महामंत्री, अधिवक्ता परिषद उ प्र 
 
 
कानपुर (का उ सम्पादन)। अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश कानपुर नगर की इकाई द्वारा लॉकडाउन के बाद "राष्ट्रीय पुनर्निर्माण में अधिवक्ताओं की भूमिका" विषय पर एक बैठक का आयोजन सिविल लाइंस में सरकारी दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए किया गया। बैठक में अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश कानपुर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश महामंत्री अश्वनी कुमार त्रिपाठी व मुख्य अतिथि के रूप में प्रांत प्रचारक श्रीराम जी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उपस्थित रहे। बैठक में कार्यकर्ताओं ने कोरोना संक्रमण के काल में जरूरतमंदों की सेवा हेतु किए गए कार्यों का विवरण एक दूसरे से साझा किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए श्रीराम जी ने कहा कि अधिवक्ता परिषद के कार्यकर्ता बड़ी सोच और बड़े मन से राष्ट्र व समाज के कार्य में लगे हुए हैं यह बहुत प्रेरणा देने वाली बात है तथा समाज के अन्य व्यवसाय क्षेत्र के लोगों को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए। श्रीराम जी ने अधिवक्ताओं से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में न्याय पाना उसके लिए प्रयास करना व किसी को न्याय दिलाना सभी चीजें बिल्कुल बदल चुकी हैं। न्याय समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति की पहुंच में रहे, समाज का सबसे अंतिम व्यक्ति न्याय पाने से वंचित ना रह जाए यह चिंता अधिवक्ता परिषद के कार्यकर्ताओं को करनी होगी क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में ही नहीं बल्कि शहर में भी रहने वाली बहुत बड़ी आबादी अभी भी तकनीक से जुड़ने में संकोच कर रही है। ऐसे में अधिवक्ता परिषद समाज को न्याय दिलाने के लिए समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचे इसके लिए होने वाले जागरण के काम का नेतृत्व करने वाला है। श्री राम जी ने लॉकडाउन अवधि में अधिवक्ता परिषद के तत्वावधान में चलने वाली व्याख्यान मालाओं का उदाहरण देते हुए बताया की इस प्रकार की गतिविधि अन्य व्यवसाय से जुड़े लोगों सहित अधिवक्ता वृत्ति में जुड़े लोगों तमाम लोगों व संगठनों को यह बात ध्यान में नहीं आ पाई थी परंतु जब अधिवक्ता परिषद ने स्वाध्याय मंडल का ऑनलाइन प्रसारण प्रारंभ किया तो आज हजारों की संख्या में पूरे उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता उससे सीधे जुड़े हैं, यह गर्व की बात है। कार्यकारी प्रदेश महामंत्री अश्वनी त्रिपाठी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा की अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचे इसके लिए प्रतिबद्ध हैं तथा जनसामान्य को न्याय प्रणाली से जुड़ी हुई नई तकनीकी जानकारी देने के लिए अधिवक्ता परिषद विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करेगा जिसमें अधिवक्ताओं के साथ आम जनता की भी सहभागिता होगी। श्री त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं को संबोधित करते बैठक में बताया कि अधिवक्ता परिषद उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता लॉकडाउन अवधि में सड़क दुर्घटना में यदि कोई श्रमिक कोई किसान घायल होता है या उसके जीवन की हानि होती है तो ऐसी परिस्थिति में उसके मुआवजे मोटर एक्सीडेंट क्लेम का मुकदमा निःशुल्क लड़ा जाएगा व पीड़ित को राहत पहुंचाने का भरपूर प्रयास किया जाएगा। इसी प्रकार ज्योति मिश्रा एडवोकेट ने संक्रमण काल में आम जनता के लिए किए गए सेवा कार्यों का ब्यौरा भी दिया। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीशंकर दत्त त्रिपाठी ने करी। बैठक में प्रमुख रूप से मा प्रांत प्रचारक श्रीराम जी, कार्यकारी प्रदेश महामंत्री अश्वनी त्रिपाठी, डॉ पवन कुमार तिवारी, शंकर दत्त त्रिपाठी, उमाशंकर गुप्ता, सुशील कुमार, अजय प्रताप सिंह चौहान, ज्योति मिश्रा, अनिल दीक्षित, डी एन द्विवेदी, श्याम नारायण शुक्ला, संगीता गुप्ता, चिन्मय पाठक, निर्भय प्रकाश, ज्ञानेश्वर मिश्रा, संजय शुक्ला, विनय शुक्ला, आशीष आदि ने भाग लिया। बैठक का संयोजन अनिल दीक्षित व ज्योति मिश्रा एडवोकेट ने किया।