माल ढुलाई और पार्सल सेवाओं की एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें सभी के लिए सतत व्यापार सुनिश्चित हो सके : पियूष गोयल
September 3, 2020 • Mr Arun Mishra

> रेलवे की ओर से लॉजिस्टिक / कुरियर एजेंसियों के लिए विश्वसनीय, तेज, सस्ती और सुलभ पार्सल सेवाओं की पेशकश की जा रही है।

> कारोबारी सुगमता के लिए रेलवे अधिकारियों और लॉजिस्टिक्स / कुरियर प्रदाताओं के प्रतिनिधियों से मिलकर जत्दी एक संयुक्त कार्यदल का गठन किया जाएगा

> 22 मार्च 2020 से लेकर 02 सितंबर 2020 तक भारतीय रेल द्वारा कुल 5,292 पार्सल ट्रेनें चलाई गईं जिनके जरिए कुल 3,18,453 टन सामान की ढुलाई की गई।

नई दिल्ली (पी आई बी)। केन्द्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे माल ढुलाई और पार्सल सेवाओं के साथ बेहतरीन साझेदारी की सुविधा के लिए देश में कुरियर और लॉजिस्टिक सेवाएं देने वाली शीर्ष कंपनियों के साथ बैठक की। बैठक में यह जानकारी दी गई कि रेलवे की ओर से लॉजिस्टिक / कुरियर एजेंसियों के लिए विश्वसनीय, तेज, सस्ती और सुलभ पार्सल सेवाओं की पेशकश की जा रही है। यह बैठक भारतीय रेलवे के माध्यम से निजी पार्सल सेवाओं के कारोबार के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इसके लिए सर्वोत्तम दिशा-निर्देश तय करने तथा कारोबारी सुगमता के लिए रेलवे अधिकारियों और लॉजिस्टिक्स / कुरियर प्रदाताओं के प्रतिनिधियों से मिलकर जत्दी एक संयुक्त कार्यदल का गठन किया जाएगा। पीयूष गोयल ने बैठक के अवसर पर कहा कि इसके लिए एक ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें सभी के लिए सतत व्यापार सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि 22 मार्च 2020 से लेकर 02 सितंबर 2020 तक भारतीय रेल द्वारा कुल 5,292 पार्सल ट्रेनें चलाई गईं जिनमें से 5,139 रेलगाड़ियां समय सारिणी के आधार पर संचालित की गईं। इन ट्रेनों के जरिए कुल 3,18,453 टन सामान की ढुलाई की गई जिससे 116.19 करोड़ रुपए की आमदनी हुई। उल्लेखनीय है कि भारतीय रेलवे ने अगस्त 2020 के महीने में कुल 94.33 मिलियन टन माल ढुलाई की जो कि पिछले साल की इसी अवधि में की गई माल ढुलाई की तुलना में अधिक रहा। 25 मार्च 2020 से 01 सितंबर 2020 के बीच भारतीय रेल ने कुल 141049 रेलगाड़ियों के जरिए 451.38 मिलियन टन माल की ढुलाई की। रेल के जरिए माल ढुलाई को आकर्षक बनाने के लिए भारतीय रेल की ओर से कई तरह की रियायतें / छूट दी जा रही हैं। माल ढुलाई गतिविधियों को संस्थागत रूप देने के लिए आगामी जीरो बेस्ड टाइम टेबल में इन्हें शामिल किया जाएगा।