माँ गंगा की निर्मलता के अभियान से जुड़कर पुण्य कार्यक्रम में भागीदारी के लिए मुख्यमंत्री योगी ने दी सभी को बधाई
February 1, 2020 • Mr Arun Mishra

गंगा तट पर हम सबको जागरूक करने निकले हैं, नए भागीरथ मोदी का अभिवादन करने  निकले हैं

> मुख्यमंत्री जी ने अटल घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन सामग्री अर्पित कर गंगा जी की विधिवत आरती की।

> मुख्यमंत्री ने 'गंगा यात्रा समापन समारोह को सम्बोधित किया।

> मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को गंगा जी को अविरल व निर्मल रखने के लिए शपथ दिलायी।

> हम सभी को प्रधानमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप 'अर्थ गंगा' की परिकल्पना को साकार करना है: मुख्यमंत्री 

> संकल्प से माँ गंगा को अविरल व निर्मल बनाया जाएगा: जल शक्ति मंत्री, उ प्र

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 'गंगा यात्रा' कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया था। 27 जनवरी, 2020 को जनपद बिजनौर और जनपद बलिया से प्रारम्भ हुई इस यात्रा का शुक्रवार को जनपद कानपुर नगर में समापन हो रहा है। यहां का दृश्य बहुत मनोरम है। भारी संख्या में लोग माँ गंगा की स्वच्छता व निर्मलता के लिए एकत्र हुए हैं। यह कार्यक्रम एक महोत्सव की भांति है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केन्द्र व राज्य सरकार के निरन्तर प्रयास से माँ गंगा अब स्वच्छ, अविरल व निर्मल दिख रही हैं। गंगा जी को आस्था और अर्थव्यवस्था का अभिनव संगम बनाया गया है। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को जनपद कानपुर नगर में गंगा बैराज के लवकुश पार्क में गंगा यात्रा समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने अटल घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन सामग्री अर्पित कर गंगा जी की विधिवत आरती की। समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित सभी लोगों को गंगा जी को अविरल व निर्मल रखने के लिए शपथ दिलायी। 'गंगा यात्रा के समापन समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने और माँ गंगा की निर्मलता के अभियान से जुड़कर पुण्य कार्यक्रम में भागीदारी के लिए सभी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि गंगा यात्रा ने 27 जिलों, 21 नगर निकायों, 1038 ग्राम पंचायतों से होते हुए 1338 कि0मी0 की यात्रा तय की है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले कानपुर शहर में गंगा जी में बहुत गन्दी हो रही थी, क्योंकि सीसामऊ नाले से 140 एमएलडी सीवर गंगा जी में गिरता था। अब इस नाले से एक बूंद गन्दगी भी गंगा जी में नही गिरती। जाजमऊ में सीईटीपी के माध्यम से गन्दे जल के शोधन की व्यवस्था की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 14 दिसम्बर, 2019 को कानपुर में राष्ट्रीय गंगा परिषद की प्रथम बैठक की अध्यक्षता करते हुए नमामि गंगे को अर्थ गंगा में परिवर्तित करने का आह्वान किया था। हम सभी को प्रधानमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप अर्थ गंगा की परिकल्पना को साकार करना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वह अत्यन्त भाग्यशाली हैं कि उन्हें बसन्त पंचमी के अवसर पर प्रयागराज में गंगा जी और यमुना जी के संगम पर डुबकी लगाने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि गंगा जी के माध्यम से अपनी आजीविका चलाने वाले मल्लाह, केवट जैसे अनेक लोगों के लिए रोजगार के बेहतर अवसर सृजित किए जाएंगे, गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में गंगा मैदान व गंगा तालाब तथा नगर निकाय में गंगा पार्क विकसित किए जाएंगे तथा गौ आधारित एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि हम सभी को माँ गंगा से जुड़ाव बनाना होगा, जिससे गंगा जी अविरल और निर्मल रह सकें। मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद में 23 बच्चों का अपहरण करने वाले दरिन्दे को मार गिराने और बच्चों को सुरक्षित बचाने वाली पुलिस टीम को बधाई देते हुए कहा कि माँ गंगा के आशीर्वाद ने इस ऑपरेशन को सफल बनाया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के साथ किसी को भी खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री जी के संकल्प से गोमुख से लेकर गंगा सागर तक माँ गंगा को अविरल और निर्मल बनाया जाएगा। प्रयागराज कुम्भ-2019 में 24 करोड़ 56 लाख भक्तगण ने डुबकी लगायी थी। वर्ष 2025 में होने वाले महाकुम्भ में 48 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने संकल्प लिया है कि गंगा जी में एक बूंद भी गन्दा जल नहीं गिरने देंगे। हम सभी उनके इस संकल्प को आगे बढ़ाएंगे और गंगा मैया को स्वच्छ बनाएंगे। गंगा यात्रा के महत्व को समझने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश को स्वच्छ भारत बनाने का कार्य किया है, जिसके अन्तर्गत सभी नगरों, गांवों आदि में सफाई का कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि माँ गंगा के किनारे बसे नगरों, गांवों में प्रतिदिन आरती होनी चाहिए और गंगा जी में गन्दगी नहीं जाने देनी चाहिए। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह ने कहा कि गंगा यात्रा 02 स्थानों बिजनौर व बलिया से प्रारम्भ होकर कानपुर में समाप्त हो रही है। यह यात्रा गंगा जी को आस्था एवं अर्थव्यवस्था से जोड़ने के लिए है। उन्होंने कहा कि भगीरथ गंगा जी को पृथ्वी पर लाये थे। अब आधुनिक भगीरथ नरेन्द्र मोदी जी गंगा जी को स्वच्छ बनाने के अभियान पर निकले हैं। विधान परिषद सदस्य स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि माँ गंगा को स्वच्छ बनाने हेतु गंगा यात्रा के रूप में अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा व मुख्यमंत्री जी के संकल्प से माँ गंगा को अविरल व निर्मल बनाया जाएगा। इस अवसर पर ओम्कारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन की 21 छात्राओं ने संगीत विभाग की कविता सिंह के नेतृत्व में सांस्कृतिक प्रस्तुति की। किशोर और स्वाति द्वारा गंगा लहरी प्रस्तुति भी दी। गंगा यात्रा समापन कार्यक्रम में औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्राविधिक शिक्षा मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण, पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ नीलकंठ तिवारी, व्यावसायिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती नीलिमा कटियार, कानपुर की महापौर श्रीमती प्रमिला पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारीगण व बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित था।