महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने प्रदेश में महिला उत्पीड़न की गम्भीर घटनाओं का लिया स्वतः संज्ञान
July 17, 2020 • Mr Arun Mishra

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष, श्रीमती सुषमा सिंह द्वारा प्रदेश में महिला उत्पीड़न की गम्भीर घटनाओं पर रोकथाम और पीडि़त महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाये जाने के उद्देश्य से 16 जुलाई 2020 को विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया व अन्य मीडिया माध्यमों से प्रकाशित अथवा प्रसारित घटनाओं का स्वतः संज्ञान लेते हुये कुलपति, किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी केजीएमयू लखनऊ व पुलिस उपायुक्त, दक्षिण पश्चिम दिल्ली तथा सम्बन्धित जनपद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अथवा पुलिस अधीक्षक को पत्र अथवा नोटिस भेजते हुये रिपोर्ट तलब की। उपाध्यक्ष द्वारा लिये गये स्वतः संज्ञान घटनाओं का क्रमशः बिन्दुवार विवरण- विभिन्न सोशल मीडिया व अन्य मीडिया माध्यमों से प्रसारित अथवा प्रकाशित केजीएमयू में तैनात नार्सिंग ऑफिसर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव, अपने 05 साल के बच्चे के साथ अस्पताल के बाहर तड़प रही है पीडि़ता विषयक घटना। दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित दक्षिण पश्चिम दिल्ली में पालम के मंगलपुरी इलाके में ‘‘पालम में महिला कांस्टेबल की हत्या, साथ रह रहा युवक फरार‘‘ विषयक घटना। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित जगदीशपुरा क्षेत्र जनपद आगरा में ‘‘सौतेले पिता ने बेटी से किया दुष्कर्म, मुकदमा‘‘ विषयक घटना। दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव अभयपुरा, जनपद कासगंज में ‘‘गैंगरेप पीडि़ता को टै्रक्टर से कुचला‘‘ विषयक घटना। विभिन्न मीडिया माध्यमों से कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई बस्ती में ‘‘नाबालिग किशोरी की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने व घर से उठाने की युवक ने दी धमकी‘‘ विषयक घटना। दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित रांची रोड, केके नगर जनपद मथुरा में ‘‘किशोरी के चेहरे पर तेजाब डालने का लगाया आरोप‘‘ विषयक घटना। उपाध्यक्ष, श्रीमती सुषमा सिंह के साथ आयोग की सदस्य, निर्मला दीक्षित द्वारा जनपद आगरा, मथुरा व कासगंज के विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया व अन्य मीडिया माध्यमों से प्रकाशित अथवा प्रसारित महिला उत्पीड़न सम्बन्धी घटनाओं का स्वतः संज्ञान लेकर कार्यवाही कराना व पीडि़ताओं से भेंट की जाती है।