मुख्यमंत्री ने गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किए जाने के निर्देश दिए
May 9, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने 25 करोड़ वृक्षारोपण के सम्बन्ध में की जा रही तैयारियों और प्रगति की समीक्षा की।

> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को कम से कम 05 पौधों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य किया जाए : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने प्रवासी कामगारों को पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदाई के कार्य में शामिल करने के निर्देश दिए।

> 25 करोड़ वृक्षारोपण के लिए रणनीति बनाते हुए ग्राम पंचायतों, शहरी क्षेत्रों, रोपण क्षमता, वृक्षों की प्रजातियों, स्थलों और लाभार्थियों को चिन्हित कर लिया जाए : मुख्यमंत्री  

> मुख्यमंत्री ने कम्पोस्ट खाद को निराश्रित गोआश्रय स्थलों से क्रय किए जाने की बात कही।

> वृक्षारोपण अभियान में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, इमली, जामुन, सागौन आदि प्रजातियों को प्रमुखता से शामिल किया जाए : मुख्यमंत्री

> वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा 10.50 करोड़ तथा अन्य विभागों द्वारा 14.50 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे : प्रमुख सचिव, वन 

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई के प्रथम सप्ताह में वन महोत्सव के अवसर पर पूरे प्रदेश में किसी एक दिन 25 करोड़ वृक्षारोपण (वृक्ष महाकुम्भ) के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए समयबद्ध ढंग से तैयारी किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन और कोविड 19 महामारी के चलते कार्य योजना बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर वृक्षारोपण कार्य को सम्पादित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को कम से कम 05 पौधों के वितरण का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कार्य किया जाए। पौधरोपण के लिए गड्ढे खुदाई के कार्य में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों को भी शामिल करने की योजना तैयार की जाए। इससे उन्हें व्यापक पैमाने पर रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार 8 मई को अपने सरकारी आवास पर 25 करोड़ वृक्षारोपण के सम्बन्ध में की जा रही तैयारियों और प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पर्यावरण, प्राकृतिक संतुलन एवं जल संरक्षण के लिए वृक्षारोपण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि 25 करोड़ वृक्षारोपण के लिए रणनीति बनाते हुए ग्राम पंचायतों, शहरी क्षेत्रों, रोपण क्षमता, वृक्षों की प्रजातियों, स्थलों और लाभार्थियों को चिन्हित कर लिया जाए। लक्ष्यों के आवंटन के अनुसार कार्यों का अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जियो टैगिंग की कार्यवाही भी की जाए। उन्होंने 25 करोड़ पौधरोपण के सम्बन्ध में व्यापक जनजागरूकता और जनसहभागिता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की परम्परा प्रकृति के साथ समन्वय बनाकर चलने की रही है अहिंसा परमो धर्मः हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने गंगा जी के तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को इसके लिए प्रेरित किया जाए। उन्हें वृक्षारोपण के लिए फलदार पौधे प्रदान किए जाएं। यह भी देखा जाए कि यह पौधे नर्सरी में कम्पोस्ट खाद द्वारा तैयार हों। उन्होंने कम्पोस्ट खाद को निराश्रित गोआश्रय स्थलों से क्रय किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे लागत सस्ती आएगी और गोशालाओं की व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ होंगी। उन्होंने अन्य नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों तथा सड़कों के दोनों किनारों पर भी वृक्षारोपण अभियान की व्यापक कार्य योजना बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण अभियान में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, इमली, जामुन, सागौन आदि प्रजातियों सहित फलदार, छायादार तथा औषधीय वृक्षों को प्रमुखता से शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी प्रयास किया जाए कि सहजन के पौधे अधिक से अधिक रोपित हों। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार के घरों के आस - पास इनके रोपण की व्यवस्था की जाए। इनसे पोषण की समस्या का समाधान होगा। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के लिए नर्सरी में जैविक खाद का उपयोग हो। वृक्षारोपण के लक्ष्य को सफल बनाने के लिए कृषि, ग्राम्य विकास, शिक्षा तथा पंचायतीराज विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि किसानों, छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों को अधिक से अधिक प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि राजकीय विभागों व सामाजिक संस्थाओं के साथ-साथ नौजवानों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों को जोड़ते हुए उनकी सहभागिता वृक्षारोपण कार्यक्रम में सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जो पौधे लगाए जाएं, उनकी पूरी देखभाल व सुरक्षा हो। उन्होंने विगत वर्षों में लगाए गए पौधों के संरक्षण को भी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने गरीबी रेखा के नीचे जीवन - यापन करने वाले विशेषकर कुपोषित महिलाओं व बच्चों के सन्दर्भ में सहजन का पौधा लगाए जाने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने प्रदेश में 100 वर्षों से अधिक आयु के वृक्षों को चिन्हित कर उन्हें हेरिटेज ट्री के रूप में संरक्षित किए जाने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री को वृक्षारोपण महाकुम्भ की प्रगति और तैयारियों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुए प्रमुख सचिव वन सुधीर गर्ग ने बताया कि इसके लिए रणनीति तैयार कर ली गई है। लक्ष्य आवंटन के अनुसार अनुश्रवण किया जा रहा है। विभागवार रोपित किए जाने वाले पौधों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। वन एवं पर्यावरण विभाग द्वारा 10.50 करोड़ तथा अन्य विभागों द्वारा 14.50 करोड़ पौधे रोपित किए जाएंगे। 18 मण्डलों को वृक्षारोपण लक्ष्य आवंटित किए जा चुके हैं। पौधाशालाओं की तैयारी वन विभाग द्वारा की गई है। अन्य विभागों को वन विभाग के नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय बनाते हुए तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव लोक निर्माण नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्रीमती मोनिका गर्ग, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।