मुख्यमंत्री ने कानपुर में कोविड-19 के सफलतापूर्वक उपचारित रोगियों की उपचार विधि का गहन अध्ययन किया 
September 19, 2020 • Mr Arun Mishra

> अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, जिला चिकित्सालयों में तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा मेडिकल कॉलेजों व चिकित्सा संस्थानों में स्वस्थ्य हुए रोगियों की दर में वृद्धि सुनिश्चित कराएं : मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री ने कोविड चिकित्सालयों में ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की ...

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग और ड्रग अधिकरणों में समन्वय बनाने के निर्देश दिए कि नए ऑक्सीजन प्लांट के लिए यदि भूमि की आवश्यकता है तो भूमि उपलब्ध कराई जाए, यदि किसी अनुमति की आवश्यकता है तो अनुमति दिलाई जाए, इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट्स में मेडिकल ऑक्सीजन भी बनाने की तैयारी की जाए।

 

आगामी समय में सम्पन्न होने वाले पर्वों के दृष्टिगत पूरी सतर्कता और सावधानी बरती जाए ...

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए पर्वों के दौरान सार्वजनिक आयोजन न किया जाए।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 18 सितम्बर 2020 को लोक भवन में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए। (फोटो : मुख्यमंत्री सूचना परिसर)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में एक दिन में कोविड-19 के 01 लाख 55 हजार से अधिक टेस्ट की क्षमता अर्जित किए जाने पर संतोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मेडिकल टेस्टिंग की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत टेस्टिंग कार्य पूरी तेजी से संचालित किया जाए। मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार 18 सितम्बर 2020 को लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय पर कोविड-19 के रोगी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने से उसका उपचार एल-1 श्रेणी के कोविड चिकित्सालय में ही किया जा सकता है इसलिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की कार्यवाही पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि कोविड चिकित्सालयों में ऑक्सीजन तथा आवश्यक दवाओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए कि प्रदेश के अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता के सम्बन्ध में कोई समस्या न हो। मुख्यमंत्री जी ने जनपद लखनऊ व कानपुर नगर में कोविड-19 के सफलतापूर्वक उपचारित रोगियों की उपचार विधि का गहन अध्ययन करते हुए कोविड-19 पर नियंत्रण स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, जिला चिकित्सालयों में तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा मेडिकल कॉलेजों व चिकित्सा संस्थानों में सफलतापूर्वक उपचारित रोगियों के इलाज के बारे में चिकित्सकों से विचार - विमर्श करते हुए स्वस्थ्य हुए रोगियों की दर में वृद्धि सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 से बचाव तथा यातायात सुरक्षा के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरुक  किए जाने पर बल दिया। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह द्वारा मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से कोविड-19 तथा यातायात सुरक्षा के बारे में जनता को जागरुक करने के लिए सभी जनपदों के जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों / पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जीएसटी के अन्तर्गत अधिक से अधिक पंजीयन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी के माध्यम से संग्रहीत होने वाले राजस्व में वृद्धि के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि जीएसटी की चोरी न होने पाए। उन्होंने उद्योग बन्धु की बैठक आहूत करने तथा उद्यमियों एवं निवेशकों की समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी समय में सम्पन्न होने वाले पर्वों के दृष्टिगत पूरी सतर्कता और सावधानी बरती जाए। कोविड-19 को देखते हुए पर्वों के दौरान सार्वजनिक आयोजन न किया जाए। त्यौहारों को मनाने में सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने दैवीय आपदा के प्रभावितों को राज्य सरकार द्वारा अनुमन्य राहत राशि का समय से वितरण सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, राहत आयुक्त संजय गोयल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।