मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एण्ड रिसर्च को कोविड-19 की टेस्टिंग की अनुमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया
July 3, 2020 • Mr Arun Mishra

> गृह मंत्री जी के मार्गदर्शन से एनसीआर क्षेत्र में कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी : मुख्यमंत्री

>>> एनसीआर में कोरोना के प्रसार को रोकने हेतु मुख्यमंत्री ने प्रस्तुत किया राज्य का मास्टर प्लान :

>>> आज से मेरठ मण्डल के सभी 06 जनपदों के प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं वॉर्ड में कोविड-19 की स्क्रीनिंग का अभियान प्रारम्भ किया गया है।

>>> स्क्रीनिंग हेतु गठित टीम को प्रतिदिन 50 घरों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य दिया गया है। 

>>> मेडिकल स्क्रीनिंग टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, सैनेटाइजर, ग्लव्स, मास्क आदि आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।

>>> कोविड अस्पतालों में डेढ़ लाख बेड की व्यवस्था की गयी है, मेरठ मण्डल में 23 हजार बेड की व्यवस्था है।

>>> प्रदेश में नॉन कोविड अस्पतालों, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, थाना, तहसील, पीएसी वाहनियों, औद्योगिक संस्थाओं सहित अन्य संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क गठित करायी गयी है।

प्रदेश में अन्य राज्यों से लगभग 38 लाख श्रमिक और कामगार आए...

मुख्यमंत्री जी ने बताया कि प्रदेश में अन्य राज्यों से लगभग 38 लाख श्रमिक और कामगार आए वर्तमान में इनमें संक्रमण की स्थिति नगण्य है। इस समय राज्य में लगभग 01 लाख श्रमिक क्वारंटीन हैं। निगरानी समितियों द्वारा इनका ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 58 हजार तथा नगरीय क्षेत्रों में 12 हजार निगरानी समितियां कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ....

लक्षणरहित संक्रमित मरीजों से कम्युनिटी ट्रांसमिशन का जोखिम निरन्तर बना रहता है। इसलिए संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लक्षणरहित मरीजों को अस्पतालों में रखा जाना चाहिए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली-एनसीआर में कोविड 19 स्थिति की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए 2 जुलाई 2020 को एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए।   (फोटो : एएनआई)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण व उपचार के सम्बन्ध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन को राज्य सरकार द्वारा अक्षरश: लागू किए जाने का लाभ उत्तर प्रदेश को मिला है। कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ना तथा संक्रमित मरीजों की प्रत्येक दशा में जीवन रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके अच्छे परिणाम भी प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार 2 जुलाई 2020 को अपने सरकारी आवास पर गृह मंत्री, भारत सरकार अमित शाह तथा हरियाणा एवं दिल्ली राज्यों के मुख्यमंत्रीगण के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'स्ट्रेंथनिंग कोविड-19 रिस्पॉन्स इन डेल्ही-एनसीआर रीजन' विषयक बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। बैठक के लिए केन्द्रीय गृह मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जी के मार्गदर्शन से एनसीआर क्षेत्र में कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आज से मेरठ मण्डल के सभी 06 जनपदों के प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं वॉर्ड में कोविड-19 की स्क्रीनिंग का अभियान प्रारम्भ किया गया है। यह स्क्रीनिंग पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर करायी जा रही है। इसके अंतर्गत रैपिड एंटीजन टेस्ट कराए जा रहे हैं। इसके लिए मेरठ मण्डल को 80 हजार किट्स उपलब्ध करायी गयी हैं। स्क्रीनिंग हेतु गठित टीम को प्रतिदिन 50 घरों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य दिया गया है। कोविड-19 के संक्रमित रोगियों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा तथा संदिग्ध मरीजों को टेस्ट के लिए क्वारंटीन सेण्टर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि 05 जुलाई, 2020 से प्रदेश के प्रत्येक जनपद विशेषकर बड़े जनपदों यथा लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज आदि में भी यह स्क्रीनिंग अभियान वृहद रूप से संचालित किया जाएगा। इस अभियान के लिए प्रदेश में 01 लाख से अधिक टीम गठित की गई हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संक्रमण से बचाव के लिए जनजागरूकता आवश्यक है। साथ ही, समय से संक्रमण का पता करना भी जरूरी है। इसके लिए मेडिकल स्क्रीनिंग टीमों को पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्रारेड थर्मामीटर, सैनेटाइजर, ग्लव्स, मास्क आदि आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संक्रमित मरीजों को समय से चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के कोविड अस्पतालों में डेढ़ लाख बेड की व्यवस्था की गयी है। मेरठ मण्डल में 23 हजार बेड की व्यवस्था है। पूरे प्रदेश में नॉन कोविड अस्पतालों, पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, थाना, तहसील, पीएसी वाहनियों, औद्योगिक संस्थाओं सहित अन्य संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क गठित करायी गयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य राज्यों से लगभग 38 लाख श्रमिक और कामगार आए। वर्तमान में इनमें संक्रमण की स्थिति नगण्य है। इस समय राज्य में लगभग 01 लाख श्रमिक क्वारंटीन हैं। निगरानी समितियों द्वारा इनका ध्यान रखा जा रहा है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 58 हजार तथा नगरीय क्षेत्रों में 12 हजार निगरानी समितियां कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली व उत्तर प्रदेश के मध्य व्यापक रूप से आवागमन होता है। लक्षणरहित संक्रमित मरीजों से कम्युनिटी ट्रांसमिशन का जोखिम निरन्तर बना रहता है। इसलिए संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लक्षणरहित मरीजों को अस्पतालों में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जिला अस्पताल में ट्रूनेट मशीनों की व्यवस्था है। इससे मेडिकल इंफेक्शन पर नियंत्रण में मदद मिली है। ट्रूनेट मशीनों से कोविड-19 की जांच की सुविधा अनुमन्य होने पर नॉन कोविड मरीजों को बेहतर इलाज की व्यवस्था सुलभ होगी। उन्होंने जनपद गौतमबुद्धनगर स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एण्ड रिसर्च को कोविड-19 की टेस्टिंग की अनुमति प्रदान किए जाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य की टेस्टिंग क्षमता 05 हजार टेस्ट प्रतिदिन बढ़ जाएगी। बैठक को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित अधिक से अधिक मरीजों की जीवन रक्षा हम सभी का लक्ष्य होना चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अधिक से अधिक टेस्टिंग किया जाना व संक्रमित मरीजों को समय से अस्पताल पहुंचाना आवश्यक है। इससे संक्रमण के प्रसार पर रोक लगेगी। साथ ही, संक्रमित मरीजों की जान भी बचायी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि एनसीआर और दिल्ली आपस में घुलमिल गए हैं। इसलिए दिल्ली व इससे सटे एनसीआर क्षेत्र के उत्तर प्रदेश व हरियाणा राज्यों के जनपदों के लिए एक रणनीति अपनाए जाने से कामयाबी प्राप्त की जा सकेगी। गृह मंत्री जी ने कहा कि एम्स, नई दिल्ली द्वारा एक प्रभावी टेलीमेडिसिन सिस्टम लागू किया गया है। इसके माध्यम से चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा सलाह उपलब्ध करायी जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा व उत्तर प्रदेश द्वारा इस व्यवस्था को अपनाना उपयोगी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि कम से कम एनसीआर क्षेत्र के लिए टेलीमेडिसिन की इस व्यवस्था को अवश्य अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संक्रमण पर नियंत्रण में 'आरोग्य सेतु' एप काफी मददगार है। इस एप का व्यापक रूप से प्रसार करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। बैठक को हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी सम्बोधित किया। बैठक के दौरान एनसीआर क्षेत्र में कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु अपनाए जा सकने वाले उपायों के बारे में एक प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।