मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान दिवस के अवसर पर किसानों को सम्मानित किया
December 24, 2019 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री व किसान नेता स्व0 चौधरी चरण सिंह की 117वीं जयन्ती पर आयोजित किसान सम्मान दिवस के अवसर पर विधानसभा स्थित उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी।

> गन्ना किसानों के 76 हजार करोड़ रु0 का भुगतान तथा बन्द चीनी मिलों को चलाने का कार्य वर्तमान सरकार द्वारा किया गया।

> जमीन की उर्वरता को बनाये रखने में गोवंश का विशेष महत्व।

> कृषि अवशेषों को जलाये नहीं, बल्कि कम्पोस्ट बनाकर उसका सदुपयोग करें।

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री व किसान नेता स्व0 चौधरी चरण सिंह की 117वीं जयन्ती पर आयोजित किसान सम्मान दिवस के अवसर पर विधानसभा स्थित उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने किसान सम्मान योजना के अन्तर्गत कृषकों को सम्मानित किया। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जी ने जीवन पर्यन्त किसानों की खुशहाली के लिए कार्य किया। स्व0 चौधरी चरण सिंह जी का मानना था कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश की खुशहाली का रास्ता गांव से गुजरता है। जमींदारी उन्मूलन एवं लघु, सीमान्त कृषकों को 03 एकड़ भूमि तक भू-राजस्व से छूट दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चौधरी चरण सिंह जी ने किसानों के हित में अनेक निर्णय लिए, उसी का परिणाम है कि आज किसान विकास के मुख्य केन्द्र बिन्दु में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी किसानों की आय को दोगुना करने के लिए गम्भीरता से कार्य कर रहे हैं। सरकार द्वारा कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, परम्परागत कृषि विकास योजना जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री फसल बीमा जैसी योजनाओं से कृषक समुदायों को आर्थिक और सामाजिक सहायता एवं सुरक्षा प्रदान की जा रही है। किसानों को मिलने वाली सभी सुविधाएं पारदर्शिता और प्रामाणिकता के साथ प्राप्त हों, इसके लिए प्रदेश के 1.98 करोड़ कृषकों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर सभी अनुदान की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके खातों में भेजी जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार के पूर्व, पिछले 15 वर्षों से किसानों की उपेक्षा की जा रही थी। वर्तमान सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने का कार्य किया है। गन्ना किसानों के 76 हजार करोड़ रुपये का भुगतान तथा बन्द चीनी मिलों को चलाने का कार्य भी वर्तमान सरकार द्वारा किया गया है। चीनी के अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मूल्य कम होने की स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री जी ने गन्ने से एथेनॉल बनाने को मंजूरी देने का काम किया, जिससे गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जमीन की उर्वरता को बनाये रखने में गोवंश का विशेष महत्व है। इसी के दृष्टिगत, निराश्रित गोवंश को संरक्षण देने वालों को प्रतिमाह 900 रुपये दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों का आह्वान किया कि कृषि अवशेषों को जलाये नहीं, बल्कि कम्पोस्ट बनाकर उसका सदुपयोग करें। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने गेहूं, चना, मटर, मसूर तथा राई, सरसों, धान, मक्का, अरहर, उर्द तथा सोयाबीन की फसलों में राज्य स्तर पर प्रति हेक्टेयर अधिकतम उत्पादकता प्राप्त करने वाले 31 किसानों को फसलवार क्रमशः प्रथम पुरस्कार के लिए 01 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 75 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के लिए 50 हजार रुपये, प्रमाण-पत्र एवं एक शॉल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र के अन्तर्गत रेशम पालन, मशरूम उत्पादन और कृषि विविधीकरण करके विशिष्ट कार्य करने वाली महिला कृषकों को भी सम्मानित किया गया।

पुरस्कार प्राप्त करने वाले किसानों में शीतला प्रसाद सिंह, विजय प्रकाश सिंह, राम नाथ, सन्तोष कुमार राय, श्रीमती सारिका त्यागी, बादशाह सिंह, चन्द्र किशोर, पूरन सिंह, अमरेन्द्र सिंह, सुखवीर सिंह, कृष्ण कुमार, श्रीमती मुन्नी देवी, दिलीप सिंह, बृजेश कुमार, सुभाष चन्द्र यादव, प्रभा चन्द्र, ओम वीर सिंह, श्रीमती श्यामा देवी, धीरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, देवकी नन्दन, आशीष राय, शरद कुमार, रवीन्द्र सिंह, रघुवीर सिंह, राम नरेश मिश्र, बसन्त सिंह, नरेन्द्र सिंह, नानिक राम, श्रीमती अहिल्या, श्रीमती मंजू तथा श्रीमती वंद्यया चौरसिया शामिल थीं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों की खुशहाली से देश खुशहाल हो सकता है। चौधरी चरण सिंह जी के प्रयासों से ही जमींदारी व्यवस्था समाप्त हो सकी। वर्तमान सरकार चौधरी जी के सपनों को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 चौधरी चरण सिंह जी की कृषि अर्थशास्त्र में विशेष रुचि थी। मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आया है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष 604 लाख टन रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ है। कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चन्द्रा, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में किसान व अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।