मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन - 3 में संचालित किये जाने वाले उद्योग - धन्धों हेतु कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिए
May 3, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा की।

> प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को क्वारंटीन सेन्टर में रखकर उनकी सही ढंग से स्क्रीनिंग की जाए : मुख्यमंत्री

> मुख्यमंत्री ने पुलिस महानिदेशक को सुरक्षा बलों में इन्फेक्शन से बचाव हेतु आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा।

> बैंकों में भीड़ कम करने हेतु मुख्यमंत्री ने जनधन खाता धारकों से अपील की कि वे रुपे कार्ड का प्रयोग कर धन निकासी करें।

> हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले कर्मी अपने सहयोगियों के लिए कोरोना कैरियर बन सकते हैं इसलिए यह लोग अपने कार्यस्थल पर न जाएं : मुख्यमंत्री 

> स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने वाले अस्पतालों से संवाद बनाकर प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए : मुख्यमंत्री

> कोविड - 19 से बचाव हेतु व्यापक पैमाने पर प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रत्येक जनपद में मास्टर ट्रेनर्स लगाए जाएं : मुख्यमंत्री 

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लॉकडाउन–3 में संचालित किये जाने वाले उद्योग - धन्धों के लिए कार्ययोजना बनाये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आज ही लॉकडाउन के दौरान औद्योगिक गतिविधियों के संचालन के सम्बन्ध में अपनी एडवाइजरी जारी की जाए। मुख्यमंत्री योगी रविवार 3 मई को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को लेबर रिफार्म पर कार्ययोजना बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि लाभार्थियों के बैंक खाते में भरण-पोषण भत्ते की धनराशि यथाशीघ्र अन्तरित कराई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्वारंटीन सेन्टर व कम्युनिटी किचन का सतत निरीक्षण किया जाए। इस कार्य में कोई भी शिथिलता न बरती जाए। प्रत्येक क्वारंटीन सेन्टर में अच्छा व पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सप्लाई चेन को इसी प्रकार सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश देते हुए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को और प्रभावी बनाए जाने हेतु कार्यवाही करने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से ट्रेन से आ रहे प्रवासी कामगारों व श्रमिकों को क्वारंटीन सेन्टर में रखकर उनकी सही ढंग से स्क्रीनिंग की जाए। स्वस्थ पाये जाने वाले कामगारों व श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराकर होम क्वारंटीन हेतु उनके गन्तव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। अस्वस्थ होने की दशा में कामगारों व श्रमिकों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। प्रत्येक जिलाधिकारी कोरोना उपचार में लगी मेडिकल टीम की अनिवार्य क्वारंटीन व्यवस्था का निरीक्षण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूह के लोगों को गांव में संचालित होने वाले कम्युनिटी किचन में लगाया जाए इससे इन लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को बाहर से आ रही ट्रेनों से आ रहे प्रवासी लोगों के सम्बन्ध में अतिरिक्त सतर्कता बरते जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा बलों में इन्फेक्शन रोकने हेतु विशेष सतर्कता बरते जाने के निर्देश देते हुए इन्फेक्शन से बचाव हेतु आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था किए जाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने रुपे कार्ड के प्रयोग को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जनधन खाता धारकों से अपील की कि वे रुपे कार्ड का प्रयोग कर धन निकासी करें। इससे बैंकों में भीड़ नहीं लगेगी तथा कोविड-19 के प्रसार को नियन्त्रित करने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन व्यवस्था के लागू होने से राजस्व में कमी आयी है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 16 लाख कर्मचारियों के वेतन तथा 12 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन का समय से पूर्व भुगतान सुनिश्चित कराया है। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों में रहने वाले कर्मी अपने सहयोगियों के लिए कोरोना कैरियर बन सकते हैं। इसलिए यह लोग अपने कार्यस्थल पर न जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डियों में किसानों, थोक व्यापारियों, खुदरा व्यापारियों के लिए समय सारणी बना ली जाए। मण्डियों का निरन्तर प्रभावी निरीक्षण कराया जाए। मण्डियों में साफ सफाई की व्यवस्था को उत्तम रखा जाए। मण्डियों में सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित रहनी चाहिए तथा सोशल डिस्टेंसिंग के पालन का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाओं को पूरे प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित करते हुए प्रारम्भ कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी सेवाएं शुरू करने वाले अस्पतालों से संवाद बनाया जाए। किसी समस्या की स्थिति में उसका प्रभावी निराकरण कराया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को भी इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले अस्पतालों से दूरभाष पर जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मियों के प्रशिक्षण के साथ ही डिग्री व माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड - 19 से बचाव हेतु व्यापक पैमाने पर प्रशिक्षण दिलाने के लिए प्रत्येक जनपद में मास्टर ट्रेनर्स लगाए जाएं। पीपीई किट, एन–95 मास्क, सेनिटाइजर आदि की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने लेवल-1, लेवल-2, लेवल-3 कोविड अस्पतालों की क्षमता का तेजी से विस्तारीकरण के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल एवं संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव खाद एवं रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव कृषि डॉ देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।