मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन समीक्षा बैठक में लिया निर्णय, खनन के पट्टे जारी कर दिए जाएं
May 7, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने विदेश से आने वाले लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग व क्वारंटीन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

> प्रदेश में संचालित औद्योगिक इकाइयों तथा इनके माध्यम से लोगों को उपलब्ध हो रहे रोजगार का विवरण संकलित किया जाए : मुख्यमंत्री

> प्रदेश सरकार आयुष्मान योजना से आच्छादित अस्पतालों को अनुदानित दर पर पीपीई किट, एन–95 मास्क तथा सेनिटाइजर आदि की व्यवस्था कर रही है : मुख्यमंत्री

> लखनऊ के सीडीआरआई, आईआईटीआर एवं बीएसआईपी तथा आईवीआरआई, बरेली को टेस्टिंग कार्य से सम्बन्धित सभी संसाधन सुचारू रूप से उपलब्ध होते रहें : मुख्यमंत्री 

> मण्डियों में साफ - सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए : मुख्यमंत्री

> प्रत्येक जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी गौ - आश्रय स्थलों का ससमय करें निरीक्षण : मुख्यमंत्री

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी कामगारों, श्रमिकों के लिए रोजगार की व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कामगारों, श्रमिकों को मनरेगा, एमएसएमई, ओडीओपी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण तथा गौ - आश्रय स्थल से जोड़ते हुए रोजगार का प्रबन्ध किया जाए। दुग्ध समितियों तथा पौध नर्सरी के माध्यम से भी प्रवासी कामगारों, श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार 7 मई को अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित औद्योगिक इकाइयों तथा इनके माध्यम से लोगों को उपलब्ध हो रहे रोजगार का विवरण संकलित किया जाए। महिला स्वयं सहायता समूह को मास्क निर्माण के साथ - साथ अचार, मुरब्बा, जैम, पापड़ आदि कार्यों से जोड़ते हुए इन्हें और प्रभावी बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि प्रवासी कामगार, श्रमिक पैदल यात्रा कर प्रदेश में न आएं। राज्य सरकार प्रवासी कामगारों व श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वापस लौटने वाले प्रवासी कामगारों, श्रमिकों के स्वास्थ्य की जाँच की जाए। इसके लिए प्रत्येक क्वारंटीन सेन्टर में मेडिकल टीम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वस्थ होने की दशा में 14 दिन की होम क्वारंटीन के लिए कामगारों, श्रमिकों को घर भेजा जाए। स्वास्थ्य परीक्षण में अस्वस्थ पाए गए लोगों के उपचार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि घर भेजे जाने वाले कामगारों, श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराया जाए। निराश्रितों को राशन किट के साथ - साथ 1000 रुपए का भरण पोषण भत्ता भी दिया जाए। मुख्यमंत्री ने विदेश से आने वाले लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग व क्वारंटीन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेन्टर की संख्या में वृद्धि की जाए। कम्युनिटी किचन की संख्या बढ़ाते हुए इनके माध्यम से गुणवत्तापरक भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि लॉकडाउन को सख्ती से लागू किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन कराया जाए। सभी जनपदों में सेनिटाइजेशन का कार्य निरन्तर जारी रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल इन्फेक्शन रोकने के लिए सभी उपाय किए जाएं। भर्ती करने से पूर्व मरीज की अस्पताल में मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। अस्पतालों में बायो - मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। संक्रमण से सुरक्षा के लिए डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्सा कर्मियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निरन्तर जारी रखे जाएं। पुलिस बल को संक्रमण से बचाने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाए। समस्त चिकित्सालयों में पीपीई किट, एन–95 मास्क तथा सेनिटाइजर की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रदेश सरकार आयुष्मान योजना से आच्छादित अस्पतालों को अनुदानित दर पर पीपीई किट, एन–95 मास्क तथा सेनिटाइजर आदि की व्यवस्था कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ के सीडीआरआई, आईआईटीआर एवं बीएसआईपी तथा आईवीआरआई, बरेली में मेडिकल टेस्टिंग का कार्य प्रारम्भ हो गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि इन संस्थानों को टेस्टिंग कार्य से सम्बन्धित सभी संसाधन सुचारू रूप से उपलब्ध होते रहें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मण्डियों में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के साथ - साथ नियमित तौर पर सेनिटाइजेशन कराया जाए। मण्डियों में साफ - सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लोग मास्क तथा ग्लव्स का प्रयोग करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी निराश्रित गौ-वंश के लिए स्थापित गौ - आश्रय स्थलों का समय - समय पर निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि खनन के पट्टे जारी कर दिए जाएं। इससे मोरंग, बालू आदि को निकालने का कार्य किया जा सकेगा, जिससे राजस्व में वृद्धि होगी। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक  हितेश सी अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डॉ देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।