फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को किया जाएगा और मजबूत : केशव प्रसाद मौर्य
June 5, 2020 • Mr Arun Mishra
卐 ग्रामीण एवं असंगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के गुणवत्ता मानकों के उच्चीकरण हेतु भारत सरकार की स्कीम फाॅर फार्मेलाईजेशन ऑफ माइक्रोफूड प्रोसेसिंग इण्टरप्राइजेज का होगा कार्यान्वयन।
 
卐 भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश एवं राज्यांश के रूप में 60: 40 अनुपात के अनुरूप अनुदान धनराशि 55.6 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई,  जिसके सापेक्ष 134 प्रस्तावों की 36 करोड़ रुपए की अनुदान धनराशि संस्थाओं को अवमुक्त की गई है।
 
 2528.50 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश से कुल प्रस्तावित रोजगार सृजन अवसर 38,636 होंगे : उप मुख्यमंत्री  
 
卐 स्कीम के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में कुल 216 स्वीकृत प्रस्तावों में से 119 इकाइयां क्रियाशील : उप मुख्यमंत्री
 
 
लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा विशेष आर्थिक पैकेज के अन्तर्गत घोषित स्कीम फाॅर फार्मेलाईजेशन ऑफ माइक्रोफूड प्रोसेसिंग इण्टरप्राइजेज योजना असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के उच्चीकरण, ब्रांडिंग एवं प्रतिस्पर्धात्मक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जायेगी। भारत सरकार द्वारा इस योजना के अन्तर्गत 10 हजार करोड़ रुपए का प्राविधान किया गया है। यह योजना ग्रामीण एवं असंगठित क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं गुणवत्ता मानकों के उच्चीकरण हेतु महत्वपूर्ण होगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत 8 लाख माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इण्टर प्राइजेज लाभान्वित होंगे और लगभग 9 लाख स्किल्ड और सेमी स्किल्ड रोजगार के अवसर सृजित होंगे। एक अनुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश में लगभग 3.50 लाख सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इस योजना में भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश एवं राज्यांश के रूप में 60: 40 का अनुपात निर्धारित किया गया है। श्री मौर्य ने बताया उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति 2017 के अन्तर्गत अब तक कुल 457 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें पूंजी निवेश  2528.50 करोड़ रुपए तथा कुल प्रस्तावित रोजगार सृजन अवसर 38,636 होंगे। इसमें से अब तक 275 परियोजनाएं, जिनमें निजी पूंजीगत निवेश 923.93 करोड़ रुपए का हुआ है तथा अनुदान धनराशि 55.6 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई,  जिसके सापेक्ष 134 प्रस्तावों की अनुदान धनराशि 36 करोड़ 93 लाख 88 हजार रुपए संस्थाओं को अवमुक्त की गई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के अन्तर्गत महात्मा गांधी खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना चलायी जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत किसानों और युवकों को उद्यमी बनाकर उनकी आय में वृद्धि करना है। इसके अन्तर्गत न्याय पंचायत स्तर पर तीन दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण जागरुकता शिविर आयोजित किए जाने का प्राविधान किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 में कुल 216 स्वीकृत प्रस्तावों (निजी पूंजी निवेश 246.23 लाख) में से 119 इकाइयां क्रियाशील हैं, जिसमें फल, सब्जी प्रसंस्करण के 53, अनाज आधारित 41, मसाला उद्योग के 8, दुग्ध प्रसंस्करण के 4 एवं उपभोक्ता उत्पाद की 13 इकाइयां हैं।