पूंजी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य हो सकता है उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री
May 8, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने उद्योगों को बढ़ावा देने सम्बन्धी विभिन्न नीतियों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाने के निर्देश दिए

> राज्य में उद्योगों की स्थापना तथा पूंजी निवेश के माध्यम से अधिकाधिक रोजगार सृजन किया जाए : मुख्यमंत्री

> अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए : मुख्यमंत्री 

> मुख्यमंत्री ने एसजीएसटी आधारित इन्सेंटिव्स तथा कैपिटल सब्सिडी आदि के सम्बन्ध में अध्ययन कराकर निर्णय लिए जाने के निर्देश दिए।

> प्रदेश में वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए लैण्ड बैंक की उपलब्धता बढ़ाने की ओर ध्यान दिया जाए : मुख्यमंत्री

लखनऊ  (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योगों को बढ़ावा देने सम्बन्धी विभिन्न नीतियों में आवश्यकतानुसार संशोधन किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करते समय यह ध्यान दिया जाए कि राज्य में उद्योगों की स्थापना तथा पूंजी निवेश के माध्यम से अधिकाधिक रोजगार सृजन किया जा सके। वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में देरी पूंजी निवेश और उद्योग स्थापना में बाधक है। अतः नीतियों की समीक्षा करते समय संशोधनों के सम्बन्ध में त्वरित निर्णय लेते हुए कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री योगी गुरुवार 7 मई को अपने सरकारी आवास पर औद्योगिक एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2017, यूपी वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स पॉलिसी - 2018, यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी - 2017 तथा नयी ईएसडीएम पॉलिसी (जीओआई) यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी - 2020 के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण के दौरान समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन सभी नीतियों का उद्देश्य प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देना तथा रोजगार को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने नीतियों के सम्बन्ध में आवश्यक संशोधनों पर शीघ्रता से कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि इन नीतियों में थोड़े और आवश्यक परिवर्तन से उत्तर प्रदेश उद्योग स्थापना तथा पूंजी निवेश का अच्छा गंतव्य बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदली हुई वैश्विक परिस्थितियों में भारत में उत्तर प्रदेश पूंजी निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य हो सकता है। इसके लिए हम सभी को सकारात्मक दृष्टिकोण से उद्योग स्थापना तथा पूंजी निवेश के लिए उपयुक्त नीतियां बनाते हुए तैयार रहना होगा। निवेशकों को यह संदेश मिलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में निवेश बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। सभी निवेशकों की समस्याओं का त्वरित निदान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मौजूदा औद्योगिक इकाइयों को सक्रिय करने, प्रस्तावित इकाइयों को धरातल पर उतारने और नये निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतियों में आवश्यक संशोधन किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स पॉलिसी - 2018 में लॉजिस्टिक्स पार्क की भूमि की सीमा को घटाए जाने पर विचार किया जाए। इससे प्रदेश में इस सेक्टर के लिए लैण्ड बैंक की उपलब्धता बढ़ेगी। इसी प्रकार औद्योगिक एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति - 2017 के तहत मिनी प्राइवेट इण्डस्ट्रियल पार्क के लिए भूमि की सीमा को घटाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने एसजीएसटी आधारित इन्सेंटिव्स तथा कैपिटल सब्सिडी आदि के सम्बन्ध में अध्ययन कराकर निर्णय लिए जाने के निर्देश दिए। इसी प्रकार उन्होंने यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी - 2017 तथा भारत सरकार द्वारा नयी ईएसडीएम पॉलिसी के संदर्भ में यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स पॉलिसी - 2020 के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा - निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीतियों में संशोधन के संदर्भ में सभी सम्बन्धित अधिकारी समन्वय बनाते हुए शीघ्रता से कार्यवाही करें। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव नगर विकास दीपक कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद एवं सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, निदेशक सूचना शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।