प्रदेश के 11 लाख श्रमिकों और कामगारों को मिलेगा रोजगार
May 30, 2020 • Mr Arun Mishra
हर श्रमिक और कामगार के हाथ को मिलेगा काम

> मुख्यमंत्री के समक्ष राज्य सरकार तथा इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती और नारडेको के साथ एमओयू हस्ताक्षरित। 

> उत्तर प्रदेश में 94 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक इकाइयों ने लॉकडाउन के दौरान भी अपने श्रमिकों व कामगारों को मानदेय देने का सराहनीय कार्य किया : मुख्यमंत्री

> ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम शुभारम्भ के अवसर पर 56 हजार 754 उद्यमियों को 2 हजार 2 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण ऑनलाइन वितरित किया गया : मुख्यमंत्री 

> उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के लिए सरकार करेगी श्रमिकों की ताकत का इस्तेमाल : मुख्यमंत्री

> प्रधानमंत्री जी द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज के अनुरूप प्रदेश सरकार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के सम्बन्ध में नीतियों में संशोधन के लिए कर रही है कार्य : मुख्यमंत्री

> विभिन्न राज्यों से श्रमिकों और कामगारों की सुरक्षित वापसी कराते हुए इन्हें 1000 रुपये का भरण - पोषण भत्ता एवं राशन किट भी उपलब्ध करायी गयी : मुख्यमंत्री

> जनधन खाते में 500 - 500 रुपए की धनराशि दो बार अन्तरित की जा चुकी है : मुख्यमंत्री

> 86 लाख चारों पेंशन लाभार्थियों को 2 माह की पेंशन का भुगतान एक साथ किया गया : मुख्यमंत्री

> 33 लाख श्रमिकों को 1000 रुपये का भरण - पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया है : मुख्यमंत्री

> प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 2 करोड़ 34 लाख किसानों को 2,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रदेश में सफलतापूर्वक की गयी : मुख्यमंत्री

> राज्य सरकार द्वारा 18 करोड़ लोगों को पांच बार खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने समस्याओं को अवसर में बदल कर उत्तर प्रदेश में आने वाले निवेशकों के लिए एक मज़बूत स्किल्ड मैनपावर तैयार कर दी है। इसकी शुरुआत शुक्रवार 29 मई को चार एमओयू पर हस्ताक्षर कर 11.5 लाख श्रमिकों को रोज़गार की गारंटी दे कर की।

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष शुक्रवार 29 मई को यहां उनके सरकारी आवास पर राज्य सरकार तथा इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती और नारडेको के साथ एमओयू हस्ताक्षरित हुए। इन एमओयू के माध्यम से प्रदेश के 11 लाख श्रमिकों और कामगारों को रोजगार प्राप्त होगा। ज्ञातव्य है कि इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन तथा फिक्की 3 - 3 लाख तथा लघु उद्योग भारती एवं नारडेको 2.5 - 2.5 लाख श्रमिकों और कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। मुख्यमंत्री जी ने अपने सम्बोधन में कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पूरी दुनिया में न केवल औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो गयी हैं, बल्कि सामान्य जन - जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने सही समय पर सही निर्णय लिया। प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता का परिणाम है कि भारत आज सुरक्षित स्थिति में है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 94 प्रतिशत से अधिक औद्योगिक इकाइयों ने लॉकडाउन के दौरान भी अपने श्रमिकों व कामगारों को मानदेय देने का कार्य किया है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से जितने भी श्रमिक और कामगार प्रदेश में आ रहे हैं वे हमारी ताकत हैं। हम इस ताकत का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के नव निर्माण के लिए करेंगे। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने श्रमिकों और कामगारों की स्किल मैपिंग का कार्य किया है। राज्य सरकार हर हाथ को काम व हर घर को रोजगार देने के लिए कृतसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में पेंटर, राजमिस्त्री, प्लम्बर, पैरामेडिक्स, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्किल्ड लोगों की स्किल मैपिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रमिकों और कामगारों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने एक आयोग के गठन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सेवायोजन कार्यालयों को सक्रिय किया जा रहा है। इसकी मॉनीटरिंग राज्य स्तर पर गठित आयोग द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि विगत दिनों प्रदेश सरकार द्वारा ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के अवसर पर 56 हजार 754 उद्यमियों को 2 हजार 2 करोड़ 49 लाख रुपये का ऋण ऑनलाइन वितरित किया गया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने विभिन्न संस्थाओं में कार्यरत 15 हजार रुपये से कम मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को ईपीएफ की सुविधा से जोड़ने का कार्य किया। स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी के 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। इस क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा एमएसएमई तथा औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के सम्बन्ध में नीतियों में संशोधन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा लैण्डबैंक बनाने का कार्य तेजी से कर रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न राज्यों से श्रमिकों और कामगारों की सुरक्षित वापसी कराते हुए इन्हें 1000 रुपये का भरण - पोषण भत्ता एवं राशन किट भी उपलब्ध करायी गयी है। जनधन खाते में 500 - 500 रुपए की धनराशि दो बार अन्तरित की जा चुकी है। 86 लाख वृद्धावस्था, दिव्यांगजन तथा निराश्रित महिला पेंशन लाभार्थियों को दो माह की पेंशन का भुगतान एक साथ किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से 2 करोड़ 34 लाख किसानों को 2,000 रुपये प्रतिमाह उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्रदेश में सफलतापूर्वक की गयी है। राज्य सरकार द्वारा 18 करोड़ लोगों को पांच बार खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है। इसी प्रकार 15 से 20 लाख जरूरतमन्दों को प्रतिदिन फूड पैकेट उपलब्ध कराये गये हैं। उज्ज्वला योजना के 1 करोड़ 47 लाख लाभार्थियों को निःशुल्क एलपीजी सिलेण्डर उपलब्ध कराये गये हैं। उन्होंने कहा कि 33 लाख श्रमिकों को 1000 रुपये का भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया गया है। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस पी गोयल तथा संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, फिक्की, लघु उद्योग भारती तथा नारडेको के पदाधिकारी उपस्थित थे।