प्रदेश में एल-1, एल-2, एल-3 स्तर के कोविड अस्पतालों में कुल 1.51 लाख बेड उपलब्ध हैं : एसीएस हेल्थ
July 23, 2020 • Mr Arun Mishra

> प्रदेश में अब तक 1,01,55,381 वाहनों की सघन चेकिंग में 64,445 वाहन सीज किये गये : एसीएस होम

> फेक न्यूज के तहत 22 जुलाई को ट्विटर के 11 मामले को संज्ञान में लिया गया तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया : एसीएस होम

> इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन किये गये लोगों की संख्या 13,559 है : एसीएस होम

प्रदेश में 21 जुलाई 2020 को एक दिन में 45,650 सैम्पल की जांच की गयी : एसीएस हेल्थ

> प्रदेश में 20,825 कोरोना के मामले एक्टिव : एसीएस हेल्थ

> होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों के लिए 1800-180-5146 टोल फ्री नम्बर जारी किया गया है : एसीएस हेल्थ

> स्वास्थ्य विभाग के ई-संजीवनी पोर्टल से लोग घर बैठे डॉक्टरों से टेलीमेडिसिन से चिकित्सीय सलाह ले सकते हैं : एसीएस हेल्थ

उत्तर प्रदेश के एसीएस होम अवनीश कुमार अवस्थी व एसीएस हेल्थ अमित मोहन प्रसाद 22 जुलाई 2020 को लोक भवन मीडिया सेण्टर में प्रेस वार्ता करते हुए।  (फोटो : उ प्र सरकार)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बुधवार 22 जुलाई को लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। श्री अवस्थी ने बताया कि गृह विभाग की धारा 188 के तहत 1,35,442 एफआईआर दर्ज करते हुये 2,98,977 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक 1,01,55,381 वाहनों की सघन चेकिंग में 64,445 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 50,33,14,332 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज के तहत अब तक 1,915 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 22 जुलाई को कुल 11 मामले, जिनमें ट्विटर के 11 मामले को संज्ञान में लिया गया है तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 5,532 हॉट स्पॉट के 971 थानान्तर्गत 10,61,388 मकानों के 62,89,437 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन हॉट स्पॉट क्षेत्रों में कोरोना पॉजीटिव लोगों की संख्या 18,798 है। इंस्टीट्यूशनल क्वारेंटाइन किये गये लोगों की संख्या 13,559 है। श्री अवस्थी ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग प्रत्येक दशा में की जाए। उन्होंने बताया कि जनपद लखनऊ में शिक्षकों, डॉक्टरों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की टीम कान्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए लगायी गयी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने जांच कराने हेतु आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्पूर्ण विवरण एवं आईडी कार्ड की फोटोकापी प्राप्त करने के निर्देश दिये हैं। जिससे किसी भी व्यक्ति के कोरोना पाजिटिव आने पर उससे तत्काल सम्पर्क कर उसका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 45,650 सैम्पल की जांच की गयी। इस प्रकार कोविड-19 की जांच में 15 लाख का आकड़ा पार करते हुए प्रदेश में अब तक लगभग 16 लाख सैम्पल की जांच की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटे में कोरोना के 2308 नये मामले आये हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 20,825 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। अब तक 33,500 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। श्री प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस की कार्यवाही के अन्तर्गत 1,79,475 सर्विलांस टीम द्वारा 1,29,66,597 घरों के 6,60,23,971 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 3,50,437 लोगों को कंट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एल-1, एल-2, एल-3 स्तर के कोविड अस्पतालों में कुल 1.51 लाख बेड उपलब्ध है। श्री प्रसाद ने बताया कि कोविड-19 रोगियों को कुछ शर्तों के साथ होम आइसोलेशन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे कोरोना के मरीजों के डिस्चार्ज की भी नई व्यवस्था लागू की गयी है। होम आइसोलेशन में रखे गये व्यक्ति में होम आइसोलेशन प्रारम्भ होने के उपरांत 10 दिनों की अवधि में किसी प्रकार का कोई लक्षण परिलक्षित होता है तो ऐसे व्यक्ति की आयु, लक्षण तथा को–मॉर्बिडिटीज की स्थिति के अनुसार कोविड उपचार इकाई में भर्ती कराया जायेगा। होम आइसोलेशन प्रारम्भ होने के उपरांत 10 दिनों तक किसी प्रकार का कोई लक्षण प्रदर्शित न होने की स्थिति में रोगी को रिकवर माना जायेगा। इसी प्रकार कोविड फैसिलिटी में भर्ती लक्षणविहीन व्यक्तियों को प्रारम्भिक जांच के 10वें दिन या भर्ती होने के सातवें दिन पर बिना किसी जांच के डिस्चार्ज किया जायेगा, ऐसे व्यक्तियों को डिस्चार्ज होने के उपरांत घर पर अनिवार्य होम आइसोलेशन में रहना होगा। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों के लिए 18001805146 टोल फ्री नम्बर जारी किया गया है। जिसमें वो अपने स्वास्थ्य संबंधी अपडेट दे सकते हैं। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के लिए थर्मामीटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर अपने पास रखना अनिवार्य है। होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों को दिन में दो बार अपने तापमान एवं ऑक्सीजन लेवल की जांच कर कंट्रोल रूम को सूचित करना होगा। श्री प्रसाद ने बताया कि टेली मेडिसिन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के ई-संजीवनी पोर्टल का भी व्यापक स्तर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से लोग घर बैठे पोर्टल पर उपलब्ध डॉक्टरों से टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय सलाह ले सकते हैं। इस पोर्टल पर फोन नम्बर के माध्यम से पंजीकरण कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी के पर्चे पर सरकारी चिकित्सालयों से भी दवाईयां मिल सकती है।