प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करा रही है : मुख्यमंत्री
August 21, 2020 • Mr Arun Mishra

> मोदी जी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छता अभियान के फलस्वरूप साफ-सफाई के सम्बन्ध में देश में व्यापक स्तर पर जन जागरुकता सृजित हुई : मुख्यमंत्री

> स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के संकल्प के साथ स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत उत्तर प्रदेश के 19 नगरीय निकायों को मुख्यमंत्री जी ने दी बधाई।

> प्रदेश को वर्ष 2019 में 14 निकायों को सम्मान मिला था, वहीं इस वर्ष 2020 के सर्वेक्षण परिणाम में यह संख्या बढ़कर 19 हो गई है।

 

मुख्य पुरस्कार :

> शाहजहांपुर को अधिकतम जन भागीदारी के लिए प्रथम पुरस्कार।

> वाराणसी नगर निगम को बेस्ट गंगा टाउन के लिए प्रथम पुरस्कार।

> लखनऊ नगर निगम को फास्टेस्ट मूवर इन स्टेट  / नेशनल कैपिटल / यूनियन टेरिटरी  श्रेणी में देश में 12वां स्थान व प्रदेश में प्रथम स्थान।

 

मोक्षदायिनी माँ गंगा को अविरल और निर्मल करने का हमारा प्रयास फलित हो रहा है ....

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में सर्वोत्तम गंगा नगरों की तीनों श्रेणियों में शीर्ष स्थान उत्तर प्रदेश के नगरों को प्राप्त हुआ है। एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले गंगा नगरों की श्रेणी में वाराणसी शीर्ष पर है।

 

10 लाख से अधिक आबादी वाले नगरों की श्रेणी में प्रदेश के अनेक नगरों द्वारा अपनी रैंकिंग में काफी सुधार किया गया है ....

लखनऊ को 12वां स्थान, आगरा को 16वां, गाजियाबाद को 19वां, प्रयागराज को 20वां, कानपुर को 25वां तथा वाराणसी को 27वां स्थान मिला है।

नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, मुख्य सचिव श्री राजेंद्र तिवारी, पूर्व प्रमुख सचिव नगर विकास श्री मनोज सिंह, प्रमुख सचिव नगर विकास श्री दीपक कुमार, सचिव नगर विकास श्री अनुराग यादव  20 अगस्त 2020 को स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 के पुरस्कारों की घोषणा के अवसर पर वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग करते हुए।  (फोटो : मुख्य सचिव मीडिया कैंप)

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्वच्छ सर्वेक्षण - 2020 में उत्तर प्रदेश द्वारा सर्वाधिक पुरस्कार प्राप्त किए जाने पर राज्य की जनता को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण के शीर्ष 12 अवार्डों में से राज्य को 2 अवॉर्ड मिले हैं। प्रदेश की 19 निकायों ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त कर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में संचालित स्वच्छता अभियान के फलस्वरूप साफ-सफाई के सम्बन्ध में देश में व्यापक स्तर पर जन जागरुकता सृजित हुई है। स्वच्छता सम्बन्धी जागरुकता वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करा रही है। स्वच्छता के महत्व को ध्यान में रखते हुए वर्तमान अनलाक व्यवस्था में प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को प्रदेश में विशेष स्वच्छता एवं सेनिटाइजेशन अभियान संचालित किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण - 2020 में प्रदेश के कई नगरों द्वारा अपनी रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार किए जाने पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इसे बेहतर करने के लिए प्रभावी प्रयास सतत जारी रखे जाएं। उल्लेखनीय है कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले नगरों की श्रेणी में प्रदेश के अनेक नगरों द्वारा अपनी रैंकिंग में काफी सुधार किया गया है। लखनऊ को 12वां स्थान, आगरा को 16वां, गाजियाबाद को 19वां, प्रयागराज को 20वां, कानपुर को 25वां तथा वाराणसी को 27वां स्थान मिला है। यह जानकारी गुरुवार 20 अगस्त 2020 को देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण - 2020 में पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रदेश की 19 नगर निकायों में 2 कैंट क्षेत्र भी शामिल हैं। वाराणसी तथा शाहजहांपुर नगर निगम के अलावा प्रदेश के सम्मानित किए गए अन्य निकायों में लखनऊ, फिरोजाबाद, कन्नौज, चुनार, गंगाघाट, आवागढ़, मेरठ कैंट, गजरौला, मुरादनगर, स्याना, पलियाकलां, मल्लावां, बरूआ सागर, बकेवर, बलदेव, अछलदा तथा मथुरा कैंट सम्मिलित हैं। अखिल भारतीय स्तर पर आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष आयोजित कराई जाने वाली स्वच्छ सर्वेक्षण प्रतियोगिता में राज्य ने विगत 3 वर्षों में सतत प्रगति की है। वर्ष 2018 में राज्य की 3 निकायों तथा वर्ष 2019 में 14 निकायों को सम्मान मिला था, वहीं इस वर्ष 2020 के सर्वेक्षण परिणाम में यह संख्या बढ़कर 19 हो गई है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अन्तर्गत मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य शत - प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। लगभग 60 हजार सीटों के सामुदायिक अथवा सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश की समस्त नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए विशेष रूप से पिंक शौचालय का निर्माण कराया गया है। प्रदेश के समस्त निकाय खुले में शौच से मुक्त हो चुके हैं तथा उन्हें क्यूसीआई क्वालिटी काउन्सिल ऑफ़ इंडिया से प्रमाणित भी किया जा चुका है। प्रदेश में 413 निकाय ओडीएफ प्लस तथा 17 नगर निकाय ओडीएफ प्लस–प्लस का स्तर हासिल कर चुके हैं। प्रतिबन्धित प्लास्टिक के सम्बन्ध में प्रदेश के सभी नगर निकायों में चलाए गए अभियान के अन्तर्गत 731.59 टन प्लास्टिक जब्त की गई तथा दण्ड स्वरूप 10.95 करोड़ रुपए का जुर्माना वसूल किया गया।