प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के तहसील स्तर पर हज़ारों आवेदन सत्यापन हेतु लंबित
January 16, 2020 • Mr Arun Mishra

>  उप कृषि निदेशक कार्यालय में भ्रमण रजिस्टर में कोई सूचना अंकित न होने पर डीएम ने माँगा स्पष्टीकरण।

> डीएम ने किसान सम्मान निधि योजना की किश्त न पहुँचने के प्रकरणों में लेखपालों से माँगा स्पष्टीकरण।

> कार्य निर्धारण के अनुसार कार्य न होने पर डीएम ने माँगा स्पष्टीकरण।

फर्रुखाबाद (का ० उ ० सम्पादन)। डीएम मानवेन्द्र सिंह ने कृषि विज्ञान केन्द्र फर्रुखाबाद एवं उप कृषि निदेशक कार्यालय फर्रुखाबाद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामपाल ने बताया कि डॉ आर एन सिंह वैज्ञानिक मृदा विज्ञान एवं डॉ सुशील कुमार वैज्ञानिक कृषि प्रसार बीते बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में गए हुए हैं। डॉ प्रणवीर सिंह वैज्ञानिक, डॉ संजय कुमार, डॉ अरविन्द कुमार एवं अरविन्द कुमार जूनियर स्टेनोग्राफ अनुपस्थित पाए गए, बताया गया कि कानपुर गए हुए हैं। डीएम द्वारा भ्रमण रजिस्टर चेक करने पर रजिस्टर में कोई सूचना अंकित नहीं पायी गई। डीएम ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र / शौचालय में काफी गंदगी पाई गई। डीएम ने सीएसए फॉर्म का निरीक्षण किया, बताया गया कि सीएसए फॉर्म में गेहूँ की फसल बीज हेतु तैयार की जा रही है। आवास में फॉर्म इंचार्ज भानु प्रसाद रहते हैं जोकि सीएसए कार्यालय कानपुर में बैठते हैं। डीएम ने मल्टीपर्पस सीड स्टोर हेतु नव निर्माणाधीन बिल्डिंग का निरीक्षण किया। मौके पर उपस्थित अवर अभियंता कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि चाभी ठेकेदार के पास है राजकीय निर्माण निगम द्वारा निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। डीएम ने मृदा परीक्षण लैब का निरीक्षण किया।  मौके पर सुधीर नारायण मृदा परीक्षण के बारे में सही जानकारी उपलब्ध नहीं करा पाए, उन्होंने कहा कि मई यहाँ 2 वर्ष से आया हूँ तबसे अभी तक कोई किसान मृदा परीक्षण करने हेतु लैब नहीं आया है। डीएम ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

डीएम द्वारा कंप्यूटर कक्ष में उपस्थित किसानों की समस्याएं सुनने पर ज्ञात हुआ कि किसानों को सही जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। मौके पर उमेश पुत्र हरिराम ने बताया कि प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत अभी तक एक भी किश्त प्राप्त नहीं हुई है। खाता गलत बताया गया था। कनिष्ठ सहायक हरि नारायण द्वारा बताया गया कि उक्त लाभार्थी का डाटा पोर्टल पर स्टेप बाई स्टेप हो गया है। संशोधन हेतु पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। कृषक तेज सिंह पुत्र लीलाधर निवासी बेहटा ब्लॉक  बताया गया कि तीन माह पूर्व लेखपाल को पूर्ण अभिलेख फीडिंग हेतु जमा किये थे उक्त कार्य हेतु लेखपाल द्वारा 100 रूपए भी लिए गए थे। अभी तक एक भी किश्त नहीं मिली है। कनिष्ठ सहायक द्वारा बताया गया कि डाटा फीड है कोई कमी नहीं है। अशोक कुमार पुत्र ओम प्रकाश निवासी पिथनापुर ने बताया की भदोरिया लेखपाल द्वारा अभिलेख दर्ज कराने हेतु 200 रूपए लिए गए थे और अभी तक किसान सम्मान निधि के अंतर्गत एक भी किश्त नहीं मिली है। रामपाल पुत्र पुत्तूलाल की पत्नी ने बताया कि गलत खाता फीड हो जाने से 4 किश्त रामलाल निवासी गैसिंगपुर के खाते में ट्रांसफर हो गई है। डीएम ने जांच कर रिकवरी कराकर लाभार्थी के खाते में पैसा ट्रांसफर कराने के निर्देश दिए।  मुकेश पुत्र नथ्थू सिंह ने बताया कि एक साल पूर्व सभी अभिलेख लेखपाल सोवरन सिंह के पास जमा कर दिए गए एवं पोर्टल पर फीडिंग कराने हेतु लेखपाल द्वारा 200 रु भी लिए गए परन्तु अभी तक योजनान्तर्गत कोई लाभ नहीं मिला है। पोर्टल पर नाम तोह दर्ज किया गया है परन्तु खाता संख्या दुसरे की फीड कर दी गई है, उक्त खाते में 4 किश्त भी जा चुकी है। डीएम ने उक्त सभी प्रकरणों में लेखपालों से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उप कृषि निदेशक कार्यालय के निरीक्षण में निखलेश कुमार लेखाकार, सतेंद्र सिंह एसएमएस वर्ग 2 अनुपस्थित पाय गए।  हसन आरिफ प्रधान सहायक, वेदवृत्त मिश्रा लेखाकार, रामाधार सिंह एसएमएस वर्ग 2 की सीएल दर्ज पाई गई। सीएल स्वीकृत न पाए जाने पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम द्वारा पूछने पर बताया गया की कार्यालय में कार्य निर्धारण किया गया है परन्तु मौके पर सभी पटल सहायकों के पास कार्य निर्धारण की कॉपी एवं कार्य निर्धारण के अनुसार कार्य होना नहीं पाया गया। इसपर डीएम ने स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।  रजनीश कुमार कनिष्ठ लिपिक द्वारा बताया गया की मेरे द्वारा प्रधानमन्त्री किसान सम्मान निधि के नए आवेदनों की फीडिंग की जा रही है। बताया गया की तहसील स्तर पर 3 - 4 हज़ार नए आवेदन सत्यापन हेतु लंबित चल रहे हैं।