प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा घोषित गरीब कल्याण पैकेज एक अभिनन्दनीय पहल: योगी आदित्यनाथ
March 27, 2020 • Mr Arun Mishra

> डोर स्टेप डिलीवरी यानी की दिशा में आज पूरे प्रदेश में 18 हजार 750 वाहन जनता जनार्दन की सेवा में लगाए गये: मुख्यमंत्री

> गुरूवार को 07 लाख लीटर से अधिक दूध जरूरतमन्दों और परिवारों तक पहुंचाया गया: मुख्यमंत्री

> राज्य सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, जनता की सुविधा की दृष्टि से तथा राज्य के बाहर निवास करने वाले प्रदेशवासियों के लिए 11 कमेटियों का गठन किया।

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना परास्त होगा तथा भारत विजयी होगा। उन्होंने छोटे व्यवसायियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा घोषित 'गरीब कल्याण पैकेज' को एक अभिनन्दनीय पहल बताया है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन का सामना कर रहे 80 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन को एक नई दिशा देने में 01 लाख 75 हजार करोड़ रुपए के इस पैकेज की बहुत बड़ी भूमिका होगी। यह दुनिया का यूनीक मॉडल सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना वायरस के नियन्त्रण तथा वर्तमान परिस्थतियों में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदो तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में 23 करोड़ जनता के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए लॉकडाउन की कार्यवाही सफलता के साथ प्रभावी ढंग से लागू हो रही है। इस दृष्टि से राज्य सरकार ने पहले ही निर्माण श्रमिकों, ठेला, खोमचा, रेहड़ी, रिक्शा, ई-रिक्शा चालकों के लिए भरण-पोषण भत्ते की घोषणा की थी। अन्त्योदय, मनरेगा मजदूर सहित अन्य सभी परिवारों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था के साथ ही निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन की राशि को लाभार्थियों तक पहुंचाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। यह कार्यवाही युद्धस्तर पर चल रही है। राज्य सरकार का फोकस है कि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़-भाड़ न हो। डोर स्टेप डिलीवरी यानी घर-घर आवश्यक सामग्री पहुंचाने की दिशा में आज पूरे प्रदेश में 18 हजार 750 वाहन जनता जनार्दन की सेवा में लगाए गये। यह सेवा दूध, सब्जी, खाद्यान्न की आपूर्ति घर-घर पहुंचा रही है। इसके अलावा, रैन बसेरों, बॉर्डर क्षेत्रों में रहने वाले निराश्रित लोगों, निर्माण श्रमिकों, जिनके पास भोजन बनाने का कोई साधन नहीं है, उनके लिए कम्यूनिटी किचेन के माध्यम से भोजन पहुंचाने की व्यवस्था प्रारम्भ कर दी गयी है। विभिन्न जगह पर वॉलेन्टियर्स प्रशासन के साथ सहयोगी बनकर घर-घर तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। आज 07 लाख लीटर से अधिक दूध जरूरतमन्दों और परिवारों तक पहुंचाया गया। इसके अलावा, सब्जी, खाद्यान्न तथा दवा की आपूर्ति को भी घर-घर पहुंचाने की कार्यवाही की गयी है। 60 हजार ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की सेवाएं भी देने की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्रत्येक ग्राम प्रधान से संवाद बनाते हुए बाहर से आये लोगों को ट्रैक करने, आवश्यकतानुसार उनके उपचार एवं होम क्वैरेन्टाइन से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भी युद्धस्तर पर कार्यवाही प्रारम्भ हो गयी है। राज्य सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं, जनता की सुविधा की दृष्टि से तथा राज्य के बाहर निवास करने वाले प्रदेशवासियों के लिए 11 कमेटियों का गठन किया है। कोरोना के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश का एक्शन प्लान प्रभावी हो गया है। इसके तहत मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी कार्य कर रही है। यह कमेटी इण्टरस्टेट मामलों, भारत सरकार के साथ संवाद बनाने के साथ-साथ शिक्षा तथा सेवायोजन से जुड़े लोगों तथा अन्य राज्यों में कार्यरत उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के साथ संवाद बनाने के लिए कार्य कर रही है। दूसरी कमेटी अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित की गयी है। इस कमेटी में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास, प्रमुख सचिव श्रम और प्रमुख सचिव सेवायोजन को सदस्य नामित किया गया है। यह कमेटी सुनिश्चित करेगी कि निर्माण श्रमिकों, औद्योगिक संस्थान तथा शिक्षण संस्थाओं से जुड़े सभी लोगों को (सवेतन अवकाश) सुनिश्चित करायेगी। श्रमिकों को उनका भरण-पोषण भत्ता समय पर मिल सके, इसके लिए भी यह कमेटी कार्य करेगी और निरन्तर इस कार्य को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाएगी। इसे तेजी से बढ़ाने का कार्य चल रहा है। इसमें ठेला, रिक्शा, खोमचा, रेहड़ी, पटरी व्यवसाइयों को भी 01 हजार रुपए का तत्काल भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराने की कार्यवाही के साथ ही, समस्त जिलाधिकारियों को इस बात के लिए अधिकृत किया गया है कि ग्रामीण अथवा शहरी क्षेत्र जिन्हें किसी भी योजना से आच्छादित नहीं किया गया है और उनके पास कुछ भी नहीं है उनको तत्काल 01 हजार रुपए की धनराशि और खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था वे युद्धस्तर पर करें। तीसरी कमेटी कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित की गयी है। प्रमुख सचिव कृषि, प्रमुख सचिव खाद्य और रसद तथा निदेशक मण्डी इस कमेटी के सदस्य हैं। डोर स्टेप डिलीवरी यानी घर-घर खाद्यान्न पहुंचाने की कार्यवाही यह कमेटी कर रही हैदूध, खाद्यान्न, सब्जी घर-घर पहुंचाने की कार्यवाही को इस कमेटी द्वारा मॉनीटर किया जा रहा है। हर जनपद में इसके लिए निरन्तर कार्यवाही की जा रही है। चौथी कमेटी अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में गठित की गयी है। लॉक डाउन की कार्यवाही को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए यह कमेटी युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। लॉक डाउन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक, कमिश्नर और आईजी, एडीएम और एडीशनल एसपी तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट और डिप्टी एसपी के द्वारा ज्वाइन्ट पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गयी है। यह कमेटी लॉकडाउन की कार्यवाही को सफलतापूर्वक लागू कराने के साथ-साथ जमाखोरों, कालाबाजारी करने वालों, अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करेगी। पांचवी कमेटी अपर मुख्य सचिव राजस्व की अध्यक्षता में गठित की गयी है, जो राहत आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के माध्यम से राज्य मुख्यालय पर 24 घण्टे के कन्ट्रोल रूम के साथ-साथ हर जनपद में कन्ट्रोल रूम संचालित करने की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी। कन्ट्रोल रूम से सारी व्यवस्थाएं जुड़ चुकी हैं। इसको आगे बढ़ाने का कार्य कमेटी देख रही है। छठी कमेटी प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज की अध्यक्षता में गठित की गयी है। इसमें प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव आवास सम्मिलित हैं। यह कमेटी ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने, स्वच्छता और सैनिटाइजेशन की कार्यवाही को शत-प्रतिशत आगे बढ़ाने की कार्यवाही सफलतापूर्वक कर रही है। सातवीं कमेटी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अध्यक्षता में गठित की गयी है। इसमें प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शामिल हैं। यह कमेटी होम क्वैरेन्टाइन को चेक करने के साथ-साथ आइसोलेशन वॉर्ड्स की स्थापना, जांच का कार्य, उपकरणों, दवा, मास्क, ग्लव्स आदि की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति, मेडिकल कॉलेजों तथा संस्थानों में चिकित्सा कर्मियों के प्रशिक्षण का कार्य सम्पादित करा रही है। अब तक इस कमेटी द्वारा 11 हजार से अधिक आइसोलेशन बेड्स उपलब्ध कराये जा चुके हैं। आठवीं कमेटी पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित की गयी है। सभी पुलिस लाइन, थाने, ट्रेनिंग सेन्टर, पीएसी बटालियन और वाहिनियों में स्वच्छता और सैनेटाइजेशन की व्यवस्था, आवश्यकतानुसार फील्ड में मैन पावर की व्यवस्था, जेल में कैदियों को कोरोना वायरस से बचाने की व्यवस्था कर रही है। डीजी जेल, डीजी ट्रेनिंग, एडीजी कानून व्यवस्था, एडीजी पीएसी इस कमेटी के सदस्य हैं। नौवीं कमेटी प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित की गयी है जो वर्तमान समय में आईजीआरएस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा अन्तर्विभागीय समन्वय स्थापित करेगी। दसवीं कमेटी प्रमुख सचिव पशु पालन की अध्यक्षता में गठित की गयी है जो गोवंश तथा अन्य पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था के साथ-साथ दुग्ध आपूर्ति एवं इसकी डोर स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित करा रही है। ग्यारहवीं कमेटी अपर मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता में गठित की गयी जो सुनिश्चित करेगी कि वर्तमान समय में धन की कमी न होने पाये। यह कमेटी अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के दृष्टिगत भविष्य की रणनीति तय करेगी। इस कमेटी में प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास के साथ-साथ प्रमुख सचिव कृषि, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को सदस्य नामित किया गया है। कृषि तथा खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिवगण गेहूं, सरसों, आलू की तैयार हो चुकी फसलों के प्रोक्योरमेण्ट की कार्यवाही को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री जी द्वारा एपीसी की अध्यक्षता में प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की डिलीवरी के लिए एक समिति बनाई गई है जो यह सुनिश्चित करेगी कि प्रदेश में कहीं भी आवश्यक वस्तुओं की कमी न होने पाए। इसके लिए स्थापित इमरजेंसी कंट्रोल रूम का फ़ोन नंबर 0522-2213333 तथा 2213030 है।