प्रत्येक क्वारंटाइन स्थल एवं कम्युनिटी किचन में एक प्रभारी अधिकारी की तैनाती की जाये तथा जिला स्तर पर  नोडल अधिकारी की तैनाती भी की जाये: मुख्य सचिव 
May 6, 2020 • Mr Arun Mishra

लखनऊ (सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक क्वारंटाइन्स होम, आश्रय स्थल एवं कम्युनिटी किचन में आवश्यक व्यवस्थायें, सुरक्षा एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु एक प्रभारी अधिकारी की तैनाती की जाये तथा जिला स्तर पर व्यवस्था के अनुश्रवण हेतु एक नोडल अधिकारी की तैनाती भी की जाये। क्वारंटाइन्स होम, आश्रय स्थलों में महिलाओं एवं पुरुषों के रहने एवं शौचालय की व्यवस्था अलग - अलग हो। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी प्रत्येक दिन प्रातः 9.00 बजे तक निर्धारित प्रारूप पर सूचना अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग कण्ट्रोल रुम को प्रेषित करें। कोविड 19 से बचाव एवं संक्रमण को रोकने के लिये उच्च स्तरीय समीक्षा के उपरान्त मुख्य सचिव ने यह निर्देश मंगलवार 5 मई को समस्त मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये। उन्होंने कहा कि समस्त ग्राम प्रधानों को यह निर्देश दिये जायें कि गांव में बाहर से किसी व्यक्ति, प्रवासी (माइग्रेण्ट) व्यक्ति के आने पर तत्काल जिला प्रशासन एवं सीएम हेल्पलाइन 1076 पर सूचित किया जाये तथा ऐसे व्यक्ति के चिकित्सीय परीक्षण एवं आवश्यकतानुसार क्वारंटाइन की व्यवस्था की जाये। श्री तिवारी ने कहा कि अन्य प्रदेशों से प्रदेश की सीमा से पैदल प्रवेश करने वाले प्रवासी व्यक्तियेां को न आने दिया जाये, जो पैदल व्यक्ति किसी प्रकार से किसी जिले में आ जाते हैं, तो उन्हें उन्हीं जिलों में चिकित्सीय परीक्षण एवं क्वारंटाइन में रखा जाये। अन्य प्रदेशों से आ रहे प्रवासी (माइग्रेण्ट) व्यक्तियों के लिये प्रत्येक स्तर पर सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा पूर्ण विनम्रता एवं सहृदयता से व्यवहार किया जाये। किसी भी व्यक्ति से दुव्र्यवहार किये जाने को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुये उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाये। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि कोई भी व्यक्ति घर के बाहर बिना मास्क, गमछा अथवा रुमाल लगाये तथा मुंह एवं नाक को बिना ढके न निकले। किसी भी सार्वजनिक स्थान पर मास्क, गमछा आदि से मुंह न ढकने पर अर्थदण्ड भी लगाया जा सकता है। दवाओं की दुकान पर दवायें उचित एवं निर्धारित मूल्य पर जन - सामान्य को उपलब्ध हों। अधिक मूल्य पर दवायें बेचने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाये।