राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही समस्त परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाए: योगी आदित्यनाथ
November 7, 2019 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री के समक्ष नमामि गंगे परियोजना तथा उ०प्र० की ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण।

> नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश द्वारा अन्य राज्यों के सापेक्ष सर्वाधिक धनराशि का उपयोग किया गया है: सचिव नगर विकास

> सचिव नगर विकास ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में एस0टी0पी0, सी0ई0टी0पी0 (कानपुर) इत्यादि परियोजनाओं के निर्माण हेतु कार्यों की अद्यतन स्थिति के विषय में अवगत कराया।

> मुख्यमंत्री को नीर निर्मल परियोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया।

> मुख्यमंत्री को जल जीवन मिशन के मुख्य बिन्दुओं के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। 

> निर्माणकर्ता फर्म द्वारा योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण हेतु 05 वर्षों की लागत को योजना लागत में सम्मिलित किए जाने पर गम्भीरता से विचार किया जाए।

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरूवार को अपने सरकारी आवास पर नमामि गंगे परियोजना तथा उ0प्र0 की ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के तहत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री ने इन दोनों परियोजनाओं के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनमें तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को इनका लाभ शीघ्र मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू की जा रही समस्त परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाए। प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव नगर विकास ने नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एन0एम0सी0जी0) के तहत अनुमोदित 12 परियोजनाओं के विषय में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को सुल्तानपुर, जौनपुर, फिरोजाबाद, चुनार में लागू की जा रही 04 परियोजनाओं की बिडिंग प्रक्रिया के विषय में अवगत कराया। इसके अलावा, कासगंज व एटा की 02 परियोजनाओं तथा बरेली, आगरा, गाजीपुर और मथुरा में लागू की जा रही परियोजनाओं के विषय में भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव नगर विकास ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में एस0टी0पी0, सी0ई0टी0पी0 (कानपुर) इत्यादि परियोजनाओं के निर्माण हेतु भूमि की खरीद की प्रक्रिया तथा अन्य निर्माणाधीन कार्यों की अद्यतन स्थिति के विषय में भी अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि नमामि गंगे परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश द्वारा अन्य राज्यों के सापेक्ष सर्वाधिक धनराशि का उपयोग किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव नगर विकास को नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा जी की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कराए जा रहे कार्यों को शीघ्रता से सम्पन्न करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश की ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजना के सम्बन्ध में प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री जी को प्रदेश में पाइप पेयजल परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति तथा निर्माणाधीन ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं से भी अवगत कराया। प्रस्तुतिकरण के दौरान जे0ई0/ए0ई0एस0 (एच0आर0वी0), आर्सेनिक/फ्लोराइड जैसी अशुद्धियों से प्रभावित बस्तियों में पेयजल की गुणता की स्थिति में विषय में भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को नीर निर्मल परियोजना की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराया गया। इस योजना के तहत प्रथम चरण (बैच-1) में प्रयागराज, बहराइच, बलिया, बस्ती, देवरिया, गाजीपुर, गोण्डा, गोरखपुर एवं कुशीनगर तथा द्वितीय चरण (बैच-2) में प्रयागराज, बहराइच, बलिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोण्डा, कुशीनगर, सन्तकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र एवं वाराणसी में संचालित की जा रही योजनाओं के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री को जल जीवन मिशन के मुख्य बिन्दुओं जैसे गांव में हर घर में नल से जल हेतु गृह संयोजन के लिए जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे, जल गुणवत्ता की समस्या पर तकनीकी हस्तक्षेप, क्रियाशील गृह-नल संयोजन हेतु पूर्ण तथा चालू पाइप पेयजल योजनाओं के पुनर्संयोजन, अपशिष्ट जल के प्रबन्धन, विश्वसनीय पेयजल स्रोत/ मौजूदा स्रोतों के संवर्धन सहित सहयोग गतिविधियां तथा समुदायों के क्षमता संवर्धन के सम्बन्ध में भी अवगत कराया गया। 

मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत समुदाय में स्वामित्व की भावना जागृत किए जाने के दृष्टिगत योजना लागत की प्रस्तावित अंशदान की धनराशि को तर्कसंगत बनाने के निर्देश दिए। प्रस्तुतिकरण के दौरान मुख्यमंत्री को बुन्देलखण्ड/ विन्ध्य क्षेत्र की ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। योजना के तहत प्रदेश के बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प्रभावित क्षेत्रों में पाइप पेयजल योजनाओं द्वारा सभी ग्रामीण बस्तियों में शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।  इसमें कुल 09 जनपद झांसी, जालौन, ललितपुर, हमीरपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, मिर्जापुर तथा सोनभद्र सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने सभी ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माणकर्ता फर्म द्वारा योजनाओं के संचालन एवं अनुरक्षण हेतु 05 वर्षों की लागत को योजना लागत में सम्मिलित किए जाने पर गम्भीरता से विचार किया जाए।  उन्होंने जलशक्ति विभाग को जल निगम के साथ समन्वय स्थापित करते हुए ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं को क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान जल शक्ति मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह, जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव ओलख, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन टी0 वेंकटेश, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।