राज्य सरकार ने 03 वर्षों के कार्यकाल को उपलब्धियों के साथ पूरा करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य किया है: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
February 23, 2020 • Mr Arun Mishra

> मुख्यमंत्री ने हिन्दुस्तान शिखर समागम–'नए दौर का नया नजरिया' कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

> निराश्रित गोवंश सहभागिता के तहत अब तक गोपालकों को 46 हजार 786 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं।

> कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए 'मुखबिर योजना लागू की गई।

> किसानों की आय को दोगुना किए जाने के संकल्प के तहत किसानों का ऋण माफ किया गया।

> योजनाओं के सम्बन्ध में बगैर किसी भेदभाव के सबको लाभान्वित किया गया।

लखनऊ (का ० उ ० सम्पादन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को भरपूर सम्भावनाओं और सामर्थ्य वाला राज्य बताते हुए कहा है कि पिछले लगभग 03 वर्षों से उत्तर प्रदेश में विकास और समृद्धि का सफर निरन्तर जारी है। इसी क्रम में वर्तमान सरकार के पिछले 03 बजट विभिन्न वर्गों व क्षेत्रों के विकास को समर्पित रहे हैं। पहला बजट किसान पर फोकस था, तो दूसरा बजट ढांचागत विकास के लिए समर्पित था। तीसरा बजट महिलाओं और बालिकाओं के उन्नयन और सशक्तिकरण पर केन्द्रित था और अब चौथा बजट युवा वर्ग पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 03 वर्षों में 50 लाख युवाओं को रोजगार, नौकरी तथा आर्थिक स्वावलम्बन से जोड़ा गया है और आने वाले 02 वर्षों में भी 50 लाख युवाओं को इसी प्रकार लाभान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी शनिवार को हिन्दुस्तान शिखर समागम–'नए दौर का नया नजरिया' कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के सहयोग व समर्थन से राज्य सरकार ने 03 वर्षों के कार्यकाल को उपलब्धियों के साथ पूरा करते हुए प्रदेश के समग्र विकास के लिए कार्य किया है। इस कार्यकाल के पहले बजट में प्रदेश के 03 करोड़ किसानों को फोकस करते हुए योजनाएं बनायी गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के किसानों की आय को दोगुना किए जाने के संकल्प के तहत किसानों का ऋण माफ किया गया। उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए 'कम लागत और ज्यादा उत्पादन' के लिए प्रेरित किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना हुई। कृषि विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय करते हुए किसानों के हित के कार्य किए गए। कई दशकों से लम्बित बाणसागर सिंचाई परियोजना सहित अनेक सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण कराया गया। बन्द पड़ी चीनी मिलों को कार्यरत किया गया। गन्ना किसानों के बकाये का रिकॉर्ड भुगतान हुआ। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अवस्थापना और बुनियादी सुविधाओं का सीधा सम्बन्ध प्रति व्यक्ति की आय में वृद्धि से जुड़ा हुआ है। इसके दृष्टिगत इन सुविधाओं के विकास पर वर्तमान सरकार द्वारा कार्य किया गया। प्रधानमंत्री जी की देश के लिए 05 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को 01 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का राज्य बनना होगा। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर पिछले 01 वर्ष में 03 एक्सप्रेस-वे पर तेजी से कार्यवाही की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की पूर्व निविदा प्रक्रिया को निरस्त करते हुए कम लागत में निर्माण किए जाने की कार्यवाही तेजी से सम्पादित की गई। यह एक्सप्रेस-वे आगामी दीपावली तक जनता के लिए समर्पित होगा। इसी प्रकार, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास आगामी 29 फरवरी, 2020 को प्रधानमंत्री जी द्वारा किया जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे पर भी तेजी से कार्यवाही की जा रही है। इस वर्ष के अन्त तक इस एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास भी सम्भावित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी पर भी फोकस करते हुए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सभी जनपद मुख्यालयों को 4-लेन से जोड़ा जा रहा है। 03 शहर मेट्रो रेल से जुड़े हैं। दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इस समय प्रदेश में 07 एयरपोर्ट कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओडीओपी की अभिनव योजना लागू की गई। प्रत्येक जनपद का एक परम्परागत उत्पाद था, जिसके आधार पर यह प्रदेश विकास की धारा में शमिल था, किन्तु परम्परागत उद्योगों के पिछड़ने से आजादी के बाद प्रदेश भी पिछड़ता गया। परम्परागत उद्यमों में कम पूंजी, कम क्षेत्रफल और कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। गत वर्ष निर्यात में 28 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के तीसरे बजट के तहत महिलाओं व बालिकाओं के सशक्तिकरण की योजनाएं प्रस्तुत की गईं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। कन्या भ्रूण हत्या पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए 'मुखबिर योजना लागू की गई। 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक या फिर डिग्री, डिप्लोमा कोर्स तक की शिक्षा के लिए 15,000 रुपए की आर्थिक सहायता का प्राविधान विभिन्न चरणों में किया गया। इसके तहत 02 लाख 60 हजार बालिकाएं लाभान्वित हुईं। 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से निर्धन परिवारों की 01 लाख से अधिक कन्याओं का विवाह सम्पन्न कराते हुए प्रत्येक लाभार्थी को 51,000 रुपए की सहायता उपलब्ध करायी गई। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों के 01 करोड़ 80 लाख बच्चों को निःशुल्क यूनीफॉर्म, स्वेटर, बैग, जूते-मोजे उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, सौभाग्य योजना, मेक इन इण्डिया, स्टैण्ट-अप, स्टार्ट-अप आदि योजनाओं के सम्बन्ध में बगैर किसी भेदभाव के सबको लाभान्वित किया गया। राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के सिद्धान्त पर कार्य कर रही है। सबकी सुरक्षा के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। इस सरकार में आमजन का विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट युवाओं पर केन्द्रित है। बजट में प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवकों के लिए 'मुख्यमंत्री शिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप)' योजना प्रस्तावित है। इसमें युवाओं को विभिन्न उद्यमों से जोड़कर प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्हें 2500 रुपए प्रतिमाह का प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा। बजट में प्रत्येक जनपद में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 'युवा हब' की स्थापना का भी प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित गोवंश सहभागिता के तहत अब तक गोपालकों को 46 हजार 786 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। सभी जनपदों में गोसंरक्षण केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं। निराश्रित गोवंश की ईयर टैगिंग की जा रही है। प्रदेश के गो-आश्रय स्थलों पर लगभग 4.5 लाख निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। गोवंश के नस्ल सुधार पर भी कार्यवाही की जा रही है। गोपालकों को 900 रुपए प्रतिमाह प्रति गोवंश उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर के तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित शासन-प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं मीडियाकर्मी उपस्थित थे।